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सीमांचल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह का तगड़ा प्लान, होली के बाद घुसपैठ पर शुरू होगा प्रहार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सीमांचल में घुसपैठ रोकने के लिए उच्चस्तरीय बैठक हुई. सरकार ने अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें सीमा पार भेजने का महाअभियान शुरू करने की योजना बनाई है.

सीमांचल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह का तगड़ा प्लान, होली के बाद घुसपैठ पर शुरू होगा प्रहार
Amit Shah (File Photo)
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के नेतृत्व में शुक्रवार को सीमांचल में घुसपैठ रोकने और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर भेजने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई. तीन दिन तक चले मंथन के बाद सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब सीमावर्ती इलाकों में महाअभियान शुरू होगा.

पूर्णिया के एक होटल में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्र और राज्य के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे. गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा. घुसपैठियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सीमा पार भेजा जाएगा और इसकी शुरुआत सीमांचल से होगी.

सात जिलों पर खास फोकस

बिहार के सीमावर्ती सात जिलों के अधिकारियों के साथ लगातार तीन दिनों तक समीक्षा की गई. इस दौरान सुरक्षा, खुफिया इनपुट, दस्तावेज सत्यापन और अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। तय किया गया कि होली के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का अभियान भी तेज किया जाएगा. बैठक में सशस्त्र सीमा बल, खुफिया एजेंसियों और जांच एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी विभाग एक मंच पर मिलकर काम करें। योजना का मकसद केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि एक स्थायी व्यवस्था बनाना है ताकि भविष्य में घुसपैठ पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.

जनसांख्यिकी में बदलाव पर चिंता

गृह मंत्री ने सीमांचल के जिलों में जनसंख्या के आंकड़ों की भी समीक्षा की. बताया गया कि पिछले दो दशकों में यहां की जनसांख्यिकीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है. पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया अब देश के 121 अल्पसंख्यक बहुल जिलों में गिने जाते हैं. बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कुछ इलाकों में आबादी की तुलना में आधार कार्ड की संख्या अधिक पाई गई है. इस पर विशेष सत्यापन अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि 30 सितंबर 2025 तक चल रही विशेष जांच प्रक्रिया की स्थिति का विस्तृत आकलन किया जाए.

तीन दिन का गहन दौरा

गौरतलब है कि अमित शाह 25 फरवरी को तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर पहुंचे थे. पहले दिन किशनगंज में सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई. दूसरे दिन अररिया में सीमा सुरक्षा बल के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया गया और अधिकारियों के साथ बैठकें की गईं. अंतिम दिन पूर्णिया में हाईलेवल मीटिंग के बाद उन्होंने दिल्ली के लिए प्रस्थान किया. करीब दो घंटे चली इस अंतिम बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि सीमांचल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकार का मानना है कि सीमा सुरक्षा मजबूत होगी तो न सिर्फ अवैध घुसपैठ रुकेगी, बल्कि क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा.

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अब नजर इस बात पर है कि होली के बाद शुरू होने वाला अभियान जमीन पर कितना असर दिखाता है. यदि सभी विभाग तालमेल से काम करते हैं तो सीमांचल में अवैध गतिविधियों पर लगाम लग सकती है. गृह मंत्री का यह दौरा केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक सख्त और स्पष्ट रणनीति के साथ समाप्त हुआ. सरकार का दावा है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा. आने वाले महीनों में सीमांचल से जुड़ी गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन सकती हैं.

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