UP में MSP पर गेहूं की खरीद शुरू, योगी सरकार ने 3574 क्रय केंद्र स्थापित किए; किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी
सीएम योगी के आदेश के बाद किसानों के लिए गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया (पिछले साल से 160 रुपये ज्यादा). रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए खरीद 15 जून तक चलेगी, 2.24 लाख किसान रजिस्टर कर चुके हैं और 3574 क्रय केंद्र बनाए गए हैं.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की अध्यक्षता में बीते सोमवार को राजधानी लखनऊ में सरकार की कैबिनेट की अहम बैठक हुई थी. इस बैठक में लोक-कल्याण से जुड़े 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी. इस बैठक में किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कई अहम फैसले लिए गए थे. इसमें गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया. यह दर पिछले साल की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है. और अब सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद भी शुरू हो गई है.
यूपी सरकार के प्रयासों से किसानों को अब बड़ी राहत मिल रही है. रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद सोमवार से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी. गेहूं खरीद शुरू होने से पहले ही 2.24 लाख से अधिक किसानों ने बिक्री के लिए पंजीकरण करा लिया है. किसानों को गेहूं बिक्री में परेशानी न हो, इसके लिए प्रदेश में अब तक 3574 क्रय केंद्र भी स्थापित कर लिए गए हैं. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 160 रुपये प्रति कुंतल अधिक है.
6500 क्रय केंद्रों से होगी खरीद
प्रदेश में खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों द्वारा 6500 क्रय केंद्र स्थापित होंगे. योगी सरकार के निर्देश पर तेजी से कार्य भी प्रारंभ हो गए हैं. गेहूं खरीद सोमवार से प्रारंभ होगी, लेकिन इसके पहले ही प्रदेश में 3574 क्रय केंद्र स्थापित कर लिए गए हैं. क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी भी सूरत में परेशानी नहीं होनी चाहिए. मौसम को देखते हुए उनके लिए छाया, पानी व बैठने समेत हर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं.
किसानों को अलग से दिए जाएंगे 20 रुपये प्रति कुंतल
किसानों ने इस साल काफ़ी अच्छी फसल तैयार की है. इसके लिए कृषि विभाग ने उन्हें पर्याप्त मात्रा में बीज भी उपलब्ध कराए थे. सरकार ने निर्देशित किया है कि पर्याप्त मात्रा में खरीद कर ली जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े. खाद्य व रसद विभाग ने 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 50 लाख मीट्रिक टन किए जाने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान के भी निर्देश दिए हैं। बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे, इसलिए सारा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है.
किसान कैसे कराएं पंजीकरण?
जिन किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं कराया है, वे fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA पर पंजीकरण-नवीनीकरण करा सकते हैं. गेहूं बिक्री के लिए इस पोर्टल/मोबाइल ऐप पर पंजीकरण अनिवार्य है. गेहूं बिक्री के दौरान यदि कोई समस्या होती है तो किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर जानकारी दे सकते हैं. इसका निस्तारण अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित कराई जाएगी.
खास बातें
गेहूं खरीद- 30 मार्च से 15 जून तक
न्यूनतम समर्थन मूल्य- 2585 रुपये प्रति कुंतल
पंजीकृत किसान- 2,24,676
तय क्रय केंद्रों की संख्या- 6500
अब तक स्थापित क्रय केंद्र- 3574
उतराई, छनाई व सफाई के लिए दिए जाएंगे- 20 रुपये अतिरिक्त
(नोटः यह आंकड़े 28 मार्च दोपहर दो बजे तक के हैं)
आठ एजेंसियों के माध्यम से होगी खरीद
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कैबिनेट बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि खरीद कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आठ अलग-अलग एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है. इनमें भारतीय खाद्य निगम (FCI), उत्तर प्रदेश मंडी परिषद, प्रांतीय सहकारी संघ, प्रादेशिक सहकारी संघ, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) जैसी संस्थाएं शामिल हैं. इन सभी एजेंसियों के माध्यम से किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके.
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