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पहले पीएम मोदी फिर अमित शाह ने की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात, कुछ ही घंटे में हुआ सारा खेल, आखिर कौन सी खिचड़ी पक रही?

प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है. दोनों की कुछ ही घंटे के अंतराल में यह मुलाकात हुई है. इस बात की जानकारी राष्ट्रपति भवन की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दी गई है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस मुलाकात में किन विषयों पर चर्चा हुई.

पहले पीएम मोदी फिर अमित शाह ने की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात, कुछ ही घंटे में हुआ सारा खेल, आखिर कौन सी खिचड़ी पक रही?
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पहले पीएम मोदी और फिर कुछ ही घंटे बाद गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है. इस मुलाकात से सियासी हलचल तेज हो गई है. संसद के मॉनसून सत्र के बीच देश के दो दिग्गज नेताओं की मुलाकात ने विपक्ष की टेंशन बढ़ा दी है. खबरों में चर्चा चल रही है कि इस मुलाकात में बिहार में SIR और देश के अगले उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा हुई होगी. हालांकि, स्पष्ट रूप से यह क्लियर नहीं हो सका है कि दोनों ही नेताओं की किस विषय पर चर्चा हुई, लेकिन देश में यही 2 मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चाओं में है. 

राष्ट्रपति भवन के सोशल मीडिया पोस्ट में मोदी और शाह की मुलाकात का जिक्र

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जो मुलाकात की है, उसको लेकर राष्ट्रपति भवन के सोशल मीडिया में कहा गया है कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की." इसके अलावा अमित शाह की राष्ट्रपति से हुई मुलाकात के बाद पोस्ट में कहा गया कि "केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की."

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क्या है इस मुलाकात के असल मायने? 

कुछ ही घंटे के अंतराल में देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का राष्ट्रपति से मुलाकात होना. कुछ बड़ा होने की तरफ इशारा कर रहा है. इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं, दरअसल, संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष बिहार में SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग को लगातार घेरते हुए केंद्र सरकार को निशाना बना रहा है. महागठबंधन का सरकार पर आरोप है कि वह जानबूझकर विपक्ष के वोटरों को वोटर लिस्ट से हटा रही है. इस पर चुनाव आयोग ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि जिन भी लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. उनमें मृतक लोग शामिल हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं. इसके अलावा वह लोग हैं, जो कहीं दूसरी जगह या किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट हो चुके हैं. 

क्या उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुई चर्चा? 

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इस मुलाकात को लेकर यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक से इस्तीफा देने के बाद होने वाले चुनाव को लेकर नए उम्मीदवार पर विचार-विमर्श हुआ हो. हालांकि, यह सिर्फ अटकलें हैं. आधिकारिक तौर पर कुछ भी क्लियर नहीं है. 

मोदी सरकार में 5 अगस्त क्यों है खास?

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 5 अगस्त का काफी बड़ा महत्व है. दरअसल, इसी तारीख को साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया गया था. इसके अलावा जम्मू- कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया था. वहीं साल 2020 में इसी तारीख को पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन करके आधारशिला रखी थी. ऐसे में 5 अगस्त काफी नजदीक है, तो इस तरह के भी सवाल उठ रहे हैं कि कहीं संसद सत्र में सरकार कुछ और बड़े फैसले ले सकती है. इसके अलावा किसी बिल को लेकर भी चर्चा हो सकती है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ और जुर्माने का मामला भी सुर्खियों में बना हुआ है. ट्रंप ने जब से अमेरिका की सत्ता संभाली है, तभी से वह भारत पर हमलावर हैं. 

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कुल मिलाकर देखा जाए, तो अगले 24 से 48 घंटे के अंदर देश और सत्ता पक्ष के अलावा विपक्ष की भी नजरें मोदी सरकार पर होगी. 

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