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Israel-Iran War: अमेरिका का एपिक फ्यूरी, इजरायल का रोरिंग लॉयन, जानें ईरान पर अटैक के बड़े मकसद

अमेरिका ने साफ कर दिया कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन अभी रुकने वाला नहीं है. इजरायल और अमेरिका के ऑपरेशन रोरिंग का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन है.

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28 Feb 2026
( Updated: 28 Feb 2026
11:53 AM )
Israel-Iran War: अमेरिका का एपिक फ्यूरी, इजरायल का रोरिंग लॉयन, जानें ईरान पर अटैक के बड़े मकसद
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Israel Iran Attack: इजरायल ने अमेरिका के साथ ईरान पर हमला कर जंग को बुलावा दे दिया है. दोनों देशों के बीच तनाव ने मिडिल ईस्ट ने जंग के सायरन बजा दिए हैं. इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर मिसाइल अटैक कर दिया. जिसका पलटवार करते हुए ईरान ने इजरायल पर 400 मिसाइलें दागी हैं. 

ईरान के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन को 'Epic Fury' नाम दिया है. Epic Fury का मतलब 'बहुत ज्यादा गुस्सा' होता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने इस हमले की प्लानिंग काफी पहले ही कर ली थी. जिसे आने वाले दिनों के लिए भी बेहद खतरनाक माना जा रहा है. यह ऑपरेशन लंबा चलने वाला है. ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका का अगले ज्वॉइंट ऑपरेशन का  नाम रोरिंग लायन होगा. जो ईरान में सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा करता है. 

अमेरिका-इजरायल का ऑपरेशन रोरिंग लॉयन का क्या मकसद है? 

अमेरिका का सबसे बड़ा मकसद ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करना है. ताकि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके. हमले में अमेरिका का टारगेट ईरान के परमाणु ठिकानें, बुनियादी ढांचे, यूरेनियम संवर्धन केंद्र हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ईरान पर अटैक का मकसद साफ करते हुए कहा, हमले का मकसद ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री को ‘मिट्टी में मिलाना’ है, ताकि इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर ईरान कभी हमला न कर सके. 

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वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री ने इस हमले को ‘प्री-एम्प्टिव’ हमला यानि एहतियातन हमला करार दिया है. जिसका मकसद इजरायल के खिलाफ होने वाले किसी भी संभावित बड़े हमले को शुरू होने से पहले ही खत्म करना है. 

यह भी पढ़ें- ईरान की पूरी नेवी को तबाह करने में सक्षम, इजरायल-अमेरिका ने जिस युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन से किया 'हमला', जानें उसकी खासियत

इजरायल-अमेरिका हमले का मकसद ईरानी नौसेना को खत्म करना भी है. ये ऐलान डोनाल्ड ट्रंप ने खुद किया है. ईरानी नौसेना को खत्म कर फारस की खाड़ी और ऊर्जा गलियारों पर ईरान की ताकत को खत्म किया जा सकेगा. इजरायल और अमेरिका दोनों ही ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करना चाहते हैं. ताकि ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव को खत्म किया जा सके. डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई हुकूमत को अमेरिकियों के लिए खतरा बताया. इसकी एक वजह यह भी है कि ईरान की इस्लामिक सरकार कई साल से अमेरिका को खटक रही है. क्योंकि अमेरिका ईरान में 1979 के पहले वाली रिमोट कंट्रोल सरकार चाहता था, लेकिन खामेनेई अमेरिका के इशारों पर नाचने को तैयार नहीं थे. इसलिए ट्रंप ईरान में कई बार सत्ता परिवर्तन की बात कर चुके हैं. 

इस्लामिक जिहाद पर वार 

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ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह और हमास पर वार के बाद इजरायल इस्लामिक जिहाद और कट्टरवाद की कमर तोड़ रहा है. इजरायल का मकसद खाड़ी देशों में ईरान के उन संसाधनों को नष्ट करना है जिनके जरिए प्रॉक्सी समूहों को फंड किया जाता है. दावा है कि ईरान ही इन्हें सैन्य और आर्थिक मदद देता है. रोरिंग लॉयन ऑपरेशन का मकसद इन संगठनों तक सप्लाई चेन को खत्म करना है. 

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