ईरान में देर रात इजरायल का भीषण हमला, दहल उठा तेहरान, अंधेरे में डूब गई ईरानी राजधानी, VIDEO
Iran Israel War: ईरान में इजरायल के भीषण हमले में राजधानी तेहरान अंधेरे में डूब गया. वहीं करीब 30 दिनों से 30 दिन से इंटरनेट बंद होने के कारण पूरी दुनिया से उसका संपर्क खत्म हो गया.
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ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जंग का 31वां दिन है. इसी बीच तेहरान पर इजरायल ने देर शाम भीषण बमबारी की, जिससे पूरी ईरानी राजधानी अंधेरे में डूब गई. सोशल मीडिया पर वायरल वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे हमले के बाद धुएं का गुबार उठा, कैसी तबाही मची है.
अंधेरे में डूबी ईरानी राजधानी
इतना ही नहीं इजरायल के हमले के बाद सेंट्रल तेहरान में आग लग गई, तस्वीरों में आग की लपटों को साफ तौर पर देखा जा सकता है. कहा जा रहा है कि हमले के बाद तेहरान दहला उठा, वहीं राजधानी तेहरान में भारी नुकसान हुआ और पूरी रात ब्लैकआउट रहा. हालांकि ईरान ने इस संबंध में कुछ नहीं कहा है, वहीं वायरल वीडियो की खबर लिखे जाने तक भी पुष्टि नहीं की जा सकती है.
ईरान में 30 दिन से इंटरनेट बंद
वहीं ईरान में इंटरनेट करीब 30 दिनों से बंद है. पूरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो चुका है और देश में इंटरनेट एक्सेस सामान्य स्तर के सिर्फ करीब 1 प्रतिशत तक रह गया है. इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स ने ये तथ्य एक्स पर साझा किया है.
ईरान में केवल 1% लोगों के पास इंटरनेट एक्सेस
बताया कि ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट अब 30वें दिन में प्रवेश कर गया है. 696 घंटे बीत चुके हैं. देश में इंटरनेट एक्सेस सामान्य स्तर के सिर्फ करीब 1 प्रतिशत तक रह गया है. इसका मतलब है कि अधिकांश लोग इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और देश डिजिटल रूप से दुनिया से लगभग कट चुका है.
US-ISRAEL BOMB TEHRAN’S ELECTRICITY INFRASTRUCTURE — Iran’s Energy Ministry https://t.co/im7s7C8mJI pic.twitter.com/wQKkVzIZ9x
— RT (@RT_com) March 29, 2026
दुनिया से कटा ईरानी लोगों का संपर्क
28 फरवरी, 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों की एक श्रृंखला के बाद से ही इंटरनेट ब्लैकआउट जैसी स्थिति है. मौजूदा हालात के कारण देश के इतिहास में सबसे लंबे डिजिटल शटडाउन हुआ है, इससे लगभग 9 करोड़ नागरिक एक गंभीर राष्ट्रीय संकट के दौरान वैश्विक समुदाय से लगभग पूरी तरह कट गए हैं.
यह ब्लैकआउट ठीक उसी समय हुआ जब पश्चिमी देशों ने ईरान के परमाणु और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए समन्वित सैन्य अभियान शुरू किए थे. इन हमलों के बीच, ईरानी अधिकारियों ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की.
ईरानी रिजीम ने इंटरनेट किया जाम!
इस ब्लैकआउट के कारण ईरान में केवल कुछ व्हाइटलिस्टेड सेवाएं और राष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क (एनआईएन) ही सीमित रूप से काम कर पा रहे हैं, जबकि ज्यादातर वैश्विक वेबसाइट और प्लेटफॉर्म ठप पड़े हैं. खबरों के अनुसार, सरकार सैटेलाइट सिग्नलों को ब्लॉक करने के लिए सैन्य-स्तर की जैमिंग तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है—जिसमें स्टारलिंक नेटवर्क के सिग्नल भी शामिल हैं.
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एनआईएन को 'हलाल इंटरनेट' नाम से भी जाना जाता है; यह एक घरेलू इंट्रानेट सिस्टम है, जिसे सरकार अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट को बंद करने के बावजूद आंतरिक सेवाओं (बैंकिंग, सरकारी वेबसाइट) को चलाने के लिए प्रयोग में लाती है. 2026 की शुरुआत में विरोध प्रदर्शनों के दौरान जब व्यापक इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया गया तो जनता को इसी नियंत्रित नेटवर्क पर स्विच कर दिया गया, जिससे उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह टूट गया था.
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