×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'डर से पीछे हटा अमेर‍िका...', ईरान ने ट्रंप की बातचीत के दावे को बताया FAKE NEWS, डील के लिए रख दीं शर्तें

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के दावे को झूठा करार देते हुए कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. उसने दो टूक कहा है कि सैन्य कार्रवाई से तब तक पीछे हटने का सवाल नहीं है जब तक कि उसकी शर्तें नहीं मानी जातीं.

Author
24 Mar 2026
( Updated: 24 Mar 2026
10:54 AM )
'डर से पीछे हटा अमेर‍िका...', ईरान ने ट्रंप की बातचीत के दावे को बताया FAKE NEWS, डील के लिए रख दीं शर्तें
डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी संसद के स्पीकर बघेर गलीबाफ (फाइल फोटो)
Advertisement

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीती रात ऐलान किया कि ईरानी रिजीम के लोगों के साथ बातचीत के बाद उन्होंने अपने वॉर डिपार्टमेंट को आदेश दिए हैं कि अगले पांच दिनों तक ईरान पर को भी मिसाइल हमला ना करें. इसे एक तरह से अंतरिम सीजफायर की तरह देखा गया. इसके साथ ही फॉक्स बिजनेस के हवाले से खबर आई कि तेहरान के साथ बैकचैनल बातचीत में अमेरिका की ओर से ट्रंप के दामाद जुराड कुशनर, ट्रंप के सलाहकार माने जाने वाले विटकॉफ, स्टेट डिपार्टमेंट के लोग और ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल रहे. 

ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज!

हालांकि अब ईरान ने ट्रंप के 5 दिन के सीजफायर और ईरानी अधिकारियों से बैकडोर बातचीत को फेक न्यूज करार देते हुए हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. ईरान सैन्य मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका रुख यथावत है.  

Advertisement

ईरान सैन्य मुख्यालय ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्‍ट क‍िया, ''ईरान और अमेर‍िका के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है. ट्रंप की ओर से बातचीत का दावा झूठा है. अमेरिका के ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी के बाद पीछे हटना खतरे से बचने की कोशिश है. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का रुख नहीं बदला है...ईरान की जवाबी कार्रवाई के डर से ट्रंप अपने 48 घंटे के अल्टीमेटम से पीछे हट गए.''

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने कर दिया अपना रुख साफ!

ईरान के सैन्य मुख्यालय ने कहा क‍ि हमारी ओर से पहले ही साफ कर द‍िया गया था कि अगर अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करता है तो इजरायल के बिजली, ऊर्जा और आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा. मध्य-पूर्व के उन देशों में मौजूद पावर प्लांट, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं, वैध निशाने माने जाएंगे. इसके साथ ही जब तक हमारे क्षतिग्रस्त प्लांट दोबारा नहीं बन जाते, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा.

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा कि अमेरिका की ईरान के साथ सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है. उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को पूरी तरह खत्म करने को लेकर गंभीर वार्ता जारी है. डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर अमेरिका अगले पांच दिन तक कोई हमला नहीं करेगा.

Advertisement

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, ''ईरान के साथ पिछले दो दिनों में बेहद सकारात्मक और उत्पादक बातचीत हुई है, जिसका मकसद मध्य पूर्व में जारी टकराव का पूर्ण समाधान निकालना है. चर्चाओं का ये दौर पूरे हफ्ते जारी रहेगा. दोनों देशों के बीच गहन और विस्तृत चर्चाओं के सकारात्मक रवैए को देखते हुए, मैंने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए."

इससे पहले रविवार को ट्रंप की एक पोस्ट ने हंगामा मचा दिया था. ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी ईरान को दी थी और कहा था कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो ईरान के बड़े बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा. इसके जवाब में ईरान ने भी दावा किया कि वह अमेरिकी सहायता से चलने वाले किसी भी संयंत्र को नहीं छोड़ेगा.

ये भी पढ़ें: 'अफवाहों, जमाखोरों पर एक्शन...कोस्टल, बॉर्डर, साइबर एजेंसियां अलर्ट', PM मोदी ने खाड़ी संकट पर साफ कर दिया भारत का रुख

Advertisement

डील नहीं मानी तो जारी रहेगा हमला: ट्रंप

इसके अलावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत मध्य पूर्व में दीर्घकालिक स्थिरता ला सकती है. यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और लाखों प्रवासियों का घर भी है.  फ्लोरिडा में ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुत मजबूत बातचीत हुई है और वे एक संभावित समझौते के करीब हैं. उन्होंने कहा कि चर्चा में लगभग सभी सहमति बिंदुओं को शाम‍िल क‍िया गया है. यह जल्द ही एक समझौते की दिशा में बढ़ सकती है.

ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष पांच दिन की अवधि के भीतर प्रगति का आकलन कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल रही तो सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है. अगर सब ठीक रहा तो हम इसे सुलझा लेंगे, नहीं तो हम बमबारी जारी रखेंगे.

ईरान को नहीं बनाने देंगे एटमी हथियार: ट्रंप

Advertisement

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में दोहराया कि हम कभी भी उनके पास परमाणु हथियार नहीं होने देंगे. उन्होंने नो एनरिचमेंट (यूरेनियम संवर्धन नहीं) और क्षेत्रीय शांति पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा क‍ि हम मध्य पूर्व में शांति देखना चाहते हैं, और यह समझौता इजरायल और सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों के लिए फायदेमंद होगा. उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत का यह दौर ईरान ने ही शुरू किया. उन्होंने फोन किया, मैंने नहीं किया. वे समझौता करना चाहते हैं.

पीछे हटने का सवाल ही नहीं: ईरान

इसी बीच तेहरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए अपनी जिद और शर्तों पर अड़ा हुआ है. उसका कहना है कि वो इस युद्ध और कार्रवाई से तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक कि उसे हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जाती. ईरान ने आगे कहा कि आखिरी सांस तक जंग जारी रहेगी.

Advertisement

ईरान की शर्तें स्पष्ट: मोहसिन रजेई

इस संबंध में ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने दो टूक साफ कर दिया है कि ईरान की शर्तें जब तक नहीं मानी जातीं तब तक पीछे हटने का सवाल ही नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि ईरान की शर्तें साफ हैं कि सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका की ओर से भविष्य में किसी भी तरह की दखलंदाजी न करने की कोई ठोस गारंटी दी जाए.

ईरानी लोग कर रहे हमलावरों को सजा देने की मांग: बाघेर गालिबाफ 

रजाई ने टीवी पर जारी अपने बयान में दावा किया किया ईरानी सेना पूरी ताकत से ऑपरेशन चला रही है और देश का नेतृत्व नए सुप्रीम लीडर के तहत मजबूती से स्थिति संभाल रहा है. इससे पहले ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी कह चुके हैं कि देश के लोग हमलावरों को पूरी सजा देने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने ही ट्रंप के ईरान के साथ बातचीत के दावे को झूठा करार दिया और इसे FAKE News करार दिया.

Advertisement

ईरान के एनरिच यूरेनियम को कब्जे में लेगा अमेरिका: ट्रंप

इसी बीच खबर आ रही है कि अमेरिका ने ईरान के यूरेनिम को कब्जे में लेने की बात को डील में शामिल किया है. ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी समझौते के तहत अमेरिका ईरान के समृद्ध यूरेनियम पर नियंत्रण ले सकता है. अगर हमारे साथ समझौता होता है तो हम जाएंगे और उसे अपने नियंत्रण में लेंगे.

उन्होंने तेल बाजारों पर बोलते हुए कहा कि समझौते का वैश्विक असर तुरंत दिख सकता है. जैसे ही समझौता होगा, तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी. ट्रंप ने घरेलू मुद्दों पर भी बात की, जिसमें अमेरिकी हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) एजेंटों की तैनाती शामिल है. उन्होंने संघीय शटडाउन और आव्रजन नीतियों के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि‍ यह सब डेमोक्रेट्स की वजह से हुआ है.

यह भी पढ़ें

ट्रंप ने आईसीई की सराहना करते हुए उनको उच्च स्तर के लोग बताया और कहा क‍ि वे अच्छा काम कर रहे हैं. उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर पहले किए गए हमलों का बचाव किया और कहा कि इससे उसके परमाणु कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया गया है. अगर हमने हमला नहीं किया होता तो उनके पास दो हफ्तों से एक महीने के भीतर परमाणु हथियार होता.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें