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नेपाल वाला Gen-Z आंदोलन PoK में शुरू...उखड़ेगी मुनीर-शहबाज की सत्ता, पूरे पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन के आसार!

पाकिस्तान में भी नेपाल में हुए Gen Z आंदोलन की तर्ज पर विरोध प्रदर्शनों की आहट सुनाई दे रही है. यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ आंदोलन अब सड़कों पर भी होने लगा है. कहा जा रहा है कि PoK में हुआ ये आंदोलन, पूरे पाकिस्तान को अपनी चपेट में ले सकता है.

नेपाल वाला Gen-Z आंदोलन PoK में शुरू...उखड़ेगी मुनीर-शहबाज की सत्ता, पूरे पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन के आसार!
Protests in PoK (Screengrab)
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पाकिस्तान में विरोध की आग सुलगने लगी है. ये महज प्रदर्शन नहीं हैं. कहा जा रहा है कि यहां प्रदर्शन नेपाल के जेन जी आंदोलन की तरह होने वाला है. ये कहीं और नहीं बल्कि उस स्थान पर हो रहा है जहां से उठने वाली हर एक आवाज़ उसे डराती है. आपको बताएं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, PoK में एक और हिंसक विरोध प्रदर्शन ने पाक हुकूमत और फौज को हिलाकर रख दिया है. 

जानकारी के मुताबिक यहां पर Gen Z और छात्र शहबाज शरीफ सरकार की शैक्षणिक नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. वैसे तो ये आंदोलन एक यूनिवर्सिटी की बढ़ती फीस और गलत परीक्षा प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ था, शुरुआत में तो ये शांतिपूर्ण प्रदर्शन था, लेकिन इसने जल्द ही हिंसक रूप अख़्तियार कर लिया.

जानकारी के मुताबिक कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं, जिसमें एक छात्र घायल हो गया. आपको बता दें कि हाल के दिनों में ये कोई पहला मौका नहीं है जब पीओके में इस तरह का विरोध प्रदर्शन हुआ है. इससे कुछ दिनों पहले सामाजिक संगठनों का 20 सूत्री मांग को लेकर भीषण प्रदर्शन हुआ था, कई लोगों की मौत भी हुई थी, सेना के जवानों को भी आंदोलनकारियों द्वारा पकड़ा गया था. अंत में मौके की नजाकत को देखते हुए सरकार को झुकना पड़ा. ये प्रदर्शन टैक्स राहत, सस्ती बिजली और विकास परियोजनाओं को पूरा करने सहित आर्थिक मुद्दों को लेकर हुआ था.

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नेपाल की तरह PoK में Gen- Z का प्रदर्शन?

ख़बर के मुताबिक PoK में ये विरोध प्रदर्शन पीओके के UAJK विश्वविद्यालय में शुरू हुआ. यहां छात्रों ने डिजिटल मूल्यांकन और एग्जाम रिज़ल्ट में गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन किया. कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें एक तरफ तो बहुत कम नंबर दिए गए वहीं कुछ ने दावा करते हुए कहा कि उन्हें उन विषयों में पास कर दिया गया था, जिनमें वे कभी शामिल नहीं हुए थे.

वैसे तो यूनिवर्सिटी की तरफ से प्रक्रिया की समीक्षा के लिए एक पैनल बनाया गया था, लेकिन अगर किसी को कोई आपत्ति थी तो फिर से कॉपी की जांच करने के लिए हर विषय के लिए 1,500 रुपये की मांग की गई थी. इसी ने छात्रों के गुस्से को बढ़ा दिया. और तो और सरकार ने यूनिवर्सिटी में छात्र संघों और राजनीतिक गतिविधियों को बैन कर दिया. कश्मीर डिजिटल की एक रिपोर्ट की मानें तो लोगों के गुस्से की वजह है प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी.

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ISI के गुर्गों ने चलाई छात्रों पर गोली!

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राजा मामून फहद नाम के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी में छात्रों पर गोलियां चलाईं, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर कार्रवाई नहीं की और वह घटनास्थल से भागने में सफल रहा. कहा जाता है कि जब भी इस तरह के प्रदर्शन होते हैं तो पाक फौज और ISI वाले लोकल गुर्गों का सहारा लेते हैं. वो सादे कपड़े में आते हैं और भीड़ पर गोली चलाते हैं, उन्हें बाहर निकालकर यातनाएं देते हैं. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसके वायरल होने के बाद नागरिक समूह और छात्र संगठन शरीफ सरकार और पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में लामबंद हो गए.

प्रदर्शन को कुचलने में जुटी शरीफ सरकार

आपको बता दें कि इस्लामाबद में गद्दी पर मौजूद शरीफ सरकार फिलहाल किसी भी विरोध प्रदर्शन को सिर उठाने ही नहीं देना चाहती है. वो इन्हें दबाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है. सेना और सरकार को डर है कि अगर Gen-Z का यह आंदोलन बढ़ा और इसे नहीं रोका गया तो ये ना सिर्फ PoK बल्कि पाकिस्तान के बाकी हिस्सों में भी फैल जाएगा, जिसे रोकना मुश्किल होगा.

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मालूम हो कि यह अशांति नेपाल में Gen- Z आंदोलनों की तरह ही है, जहां ओली सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर बैन लगाने के आदेश के बाद छात्रों ने भ्रष्टाचार और विकास की कमी के खिलाफ रैली निकाली थी. इसमें केपी ओली की सरकार भी गिर गई और पूरा मुल्क हिंसा की चपेट में आ गया. ऐसे में पाकिस्तानी सरकार इस बात से भी चिंतित है कि कई अन्य लोग छात्रों में शामिल हो जाएंगे और यह एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन सकता है. जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) ने कहा है कि वह छात्रों का समर्थन करेगी. इससे प्रदर्शनकारियों को सत्ता के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए और अधिक ताकत और साहस मिलेगा.

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