×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

इस देश में खुला मच्छरों की फैक्ट्री, 1.4 करोड़ लोगों को डेंगू से बचाएगी, घोड़ों का खून पिलाकर किए जा रहे तैयार

ब्राजील में दुनिया की सबसे बड़ी 'मच्छर फैक्ट्री' खुली है, जो वोल्बैकिया बैक्टीरिया से संक्रमित मच्छर बनाती है. ये मच्छर डेंगू, जिका और चिकनगुनिया रोकते हैं. हर हफ्ते 10 करोड़ अंडे तैयार होंगे, जो 1.4 करोड़ लोगों को बचाएंगे.

इस देश में खुला मच्छरों की फैक्ट्री, 1.4 करोड़ लोगों को डेंगू से बचाएगी, घोड़ों का खून पिलाकर किए जा रहे तैयार
Advertisement

एक फैक्ट्री जहां हर हफ्ते करोड़ों मच्छर पैदा हो रहे हैं लेकिन ये 'अच्छे' मच्छर हैं. ब्राजील ने क्यूरिटिबा शहर में दुनिया की सबसे बड़ी 'मच्छर बायोफैक्ट्री' खोली है, जो डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए वोल्बैकिया बैक्टीरिया से संक्रमित मच्छरों को तैयार करती है. यह फैक्ट्री 1.4 करोड़ लोगों को डेंगू, जिका और चिकनगुनिया से बचाएगी. क्या कमाल का तरीका है, जहां दुश्मन को ही दोस्त बना लिया जाए. क्यूरिटिबा में शुरू हुई यह फैक्ट्री ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ काम करती है. 

यहां मच्छर देते हैं 10 करोड़ अंडे, पिलाया जाता है घोड़ों का खून

वोल्बैकिया एक प्राकृतिक बैक्टीरिया है, जो 60% से ज्यादा कीड़ों में पाया जाता है. यह मच्छरों के अंदर वायरस को बढ़ने नहीं देता. फैक्ट्री के लैब में पैदा किए गए संक्रमित मच्छरों को खुले में छोड़ा जाता है. ये जंगली मच्छरों से संभोग करते हैं और बैक्टीरिया को अगली पीढ़ी में पास कर देते हैं.

Advertisement

ब्राजील के क्यूरिटिबा शहर में एक ऐसी फैक्ट्री है, जिसके बारे में सुनकर एक बार तो लोगों को यकीन नहीं आता है. यह फैक्ट्री मच्छर बनाती है. इस फैक्ट्री में करोड़ों की संख्या में मच्छर तैयार हो रहे हैं. यहां हर हफ्ते मच्छरों के करीब 10 करोड़ अंडे तैयार किए जाते हैं. इनको बहुत ही नाजुक ढंग से पाला जाता है. ये मच्छर ज्यादा से ज्यादा अंडे दें, इसके लिए इनको घोड़ों का खून भी पिलाया जाता है.

डेंगू और जीका से लड़ने के हथियार हैं ये मच्छर 

इस फैक्ट्री में इन मच्छरों की इतनी आवभगत इसलिए होती है क्योंकि ये डेंगू और जीका से लड़ने के हथियार हैं. दरअसल इन मच्छरों में वोलबाचिया नाम का बैक्टीरिया डाला जाता है. यह बैक्टीरिया मच्छरों की बीमारी फैलाने की क्षमता को कम कर देता है. फैक्ट्री में तैयार मच्छर जब बाहर छोड़े जाते हैं, तो वे दूसरे मच्छरों में भी यही वायरस फैला देते हैं.

इन मच्छरों को प्यार से वोलबिटोस कहा जा रहा है. कोलंबिया, इंडोनेशिया और ब्राजील के नितेरोई में भी यह प्रयोग आजमाया जा चुका है. इन शहरों में मच्छरों को पैदा करने का परिणाम शानदार रहा. प्रयोग में शामिल जगहों में डेंगू के मामलों में 69% तक की गिरावट दर्ज की गई.

30 लाख तक पहुंचे डेंगू के केस, हॉटस्पॉट में घूमेंगी गाड़ियां 

Advertisement

मच्छरों की इस फैक्ट्री को चलाना इतना भी आसान नहीं है. मच्छरों के पनपने के लिए सही तापमान, नमी और खून चाहिए. साथ ही आसपास के लोगों को भी समझाना पड़ता है कि ये मच्छर काटने वाले नहीं बचाने वाले हैं. यानी इनसे किसी तरह का कोई खतरा उनको नहीं है.

यह भी पढ़ें

2025 में डेंगू केस 30 लाख तक पहुंचे, लेकिन यह फैक्ट्री उम्मीद जगाती है. स्वास्थ्य मंत्री अलेक्जेंड्रे पाडिला कहते हैं कि यह ब्राजील की बायोटेक्नोलॉजी लीडरशिप दिखाता है. गाड़ियां हॉटस्पॉट में घूमेंगी, मच्छर छोड़ेंगी और धीरे-धीरे डेंगू गायब हो जाएगा.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें