×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

यूपी पुलिस ने डेढ़ लाख के इनामी बदमाश को किया ढेर, आरोपी गुरुसेवक कैब चालक की हत्या व लूट मामले में चल रहा था फरार, जानिए पूरा मामला

यूपी पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया बदमाश गुरुसेवक कई जिलों में वांछित अपराधी घोषित था. बदमाशों ने कैब चालक योगेश को बंधक बनाकर कार में जमकर पिटाई की. उसके बाद सिर पर भारी वस्तु से प्रहार किया और गला घोंटकर हत्या कर दी.

यूपी पुलिस ने डेढ़ लाख के इनामी बदमाश को किया ढेर, आरोपी गुरुसेवक कैब चालक की हत्या व लूट मामले में चल रहा था फरार, जानिए पूरा मामला
Advertisement

उत्तर प्रदेश में रविवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में डेढ़ लाख का इनामी बदमाश मारा गया है. खबरों के मुताबिक, पिछले दो सप्ताह के अंदर 2 कैब लूटकर उसने ड्राइवर की नृशंस हत्या कर दी थी. बताया जा रहा है पुलिस को देखकर उसने फायरिंग शुरू कर दी, उसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से बदमाश के सीने में 3 गोलियां लगी और वह जमीन पर गिर गया. अस्पताल में भर्ती कराने पर डॉक्टरों ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया. मारे गए बदमाश के साथ उसका साथी अजय और विकास कनौजिया भी शामिल था. इनमें अजय सिंह को पुलिस शुक्रवार देर रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर चुकी है. 

कई जिलों में वांछित अपराधी था गुरुसेवक

यूपी पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया बदमाश गुरुसेवक कई जिलों में वांछित अपराधी घोषित था. बता दें कि 29 सितंबर को गुरुसेवक ने बुद्धेश्वर वादरखेड़ा में रहने वाले कैब चालक योगेश की गाड़ी सीतापुर के लिए बुक की. उस कैब में गुरुसेवक का साथी विकास और अजय भी था. बीच रास्ते में अचानक से विकास कार से उतर गया, जबकि अजय और गुरुसेवक ने एक अन्य के साथ में ड्राइवर योगेश को कार में पीटा और बंधक बना लिया.

कार में गला घोंटकर की हत्या

Advertisement

बदमाशों ने कैब चालक योगेश को बंधक बनाकर कार में जमकर पिटाई की. उसके बाद सिर पर भारी वस्तु से प्रहार किया और गला घोंटकर हत्या कर दी. चेहरे पर टेप लपेटकर शव को सीतापुर के पिसावां की झाड़ियों में फेंक दिया, उसके बाद कार और मोबाइल लूटकर फरार हो गए. 

शाहजहांपुर का रहने वाला था गुरुसेवक 

इस मामले पर पुलिस उपायुक्त पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि 'मारा गया बदमाश गुरुसेवक शाहजहांपुर का रहने वाला था, मुखबिर के जरिए हमें जानकारी मिली कि वह दूसरे राज्य में कार बेचने जा रहा है, उसके बाद आगरा एक्सप्रेसवे पर जीरो ढाबे के पास पुलिस और क्राइम टीम को लगा दिया गया. जैसे ही संदिग्ध दिखाई दिया, तो हमने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद उसने कार की रफ्तार बढ़ा दी, इस दौरान पुलिस ने जब घेराबंदी की, तो फायरिंग करने लगा और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी, जहां उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया.'

Advertisement

जवाबी कार्रवाई में दो पुलिस को भी लगी गोली

बदमाश की फायरिंग के दौरान इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा और दरोगा अतुल की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी है. फिलहाल दोनों सुरक्षित हैं.

29 और 6 अक्टूबर की वारदात में शामिल था गुरुसेवक 

Advertisement

यह भी पढ़ें

बताया जा रहा है कि वारदात वाले दिन गिरोह के सरगना गुरुसेवक के साथ अजय, विकास समेत एक अन्य लोग भी थे, जिन्होंने 29 सितंबर और 6 अक्टूबर को 2 वारदातों को अंजाम दिया था. 29 सितंबर को जहां कैब चालक योगेश की गाड़ी बुक कर उसकी हत्या की थी, तो वहीं 6 अक्टूबर को गिरोह के अन्य लोगों ने कैब चालक अवनीश दीक्षित की भी हत्या की थी, गुरु सेवक ने पुवायां से सितारगंज ले जाने के लिए अवनीश की कैब को बुक किया था. उसके बाद उसकी हत्या कर कार लूट ले गए थे और शव को रोजा में फेंका था. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शाहजहांपुर पुलिस ने दोनों की पहचान की थी. खबरों के मुताबिक, गुरुसेवक के खिलाफ हत्या, लूट, चोरी सहित कुल 8 मुकदमे शाहजहांपुर और कई अन्य हरदोई और लखनऊ में दर्ज हैं. शाहजहांपुर में ड्राइवर अवनीश दीक्षित की हत्या के बाद पुलिस ने गुरुसेवक पर 25,000 हजार का इनाम घोषित किया था. पुलिस टीम ने बताया कि उसने रोजा थाना क्षेत्र में भी अपना ठिकाना बना रखा था.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें