×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

UP के सरकारी स्कूलों में अब हाईटेक पढ़ाई, स्मार्ट क्लास में लगेगा ऑडियो-विजुअल सिस्टम

UP: अब स्कूलों की स्मार्ट क्लास सिर्फ एलसीडी या प्रोजेक्टर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें पूरी तरह से आधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम से लैस किया जाएगा.

Author
02 Mar 2026
( Updated: 02 Mar 2026
06:11 AM )
UP के सरकारी स्कूलों में अब हाईटेक पढ़ाई, स्मार्ट क्लास में लगेगा ऑडियो-विजुअल सिस्टम
Image Source: Social Media
Advertisement

CM Yogi: सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए अब एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. अब स्कूलों की स्मार्ट क्लास सिर्फ एलसीडी या प्रोजेक्टर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें पूरी तरह से आधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम से लैस किया जाएगा. इसका मतलब है कि बच्चे सिर्फ किताब से पढ़ने के बजाय अब देख और सुनकर भी पढ़ाई कर सकेंगे. इससे पढ़ाई पहले से ज्यादा आसान और मजेदार बनेगी.

क्या है इस पहल का मकसद?

इस पहल का मुख्य उद्देश्य है कि बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी लाभ मिले. सरकार चाहती है कि परिषदीय स्कूलों के छात्र भी निजी स्कूलों की तरह डिजिटल माध्यम से शिक्षा प्राप्त करें.
Samagra Shiksha Abhiyan के तहत पूरे प्रदेश में 34,533 स्मार्ट क्लास चलाने की मंजूरी दी जा चुकी है. बजट में भी इसके लिए प्रावधान किया गया है, ताकि स्कूलों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें.

Advertisement

अलीगढ़ में क्या है स्थिति?

Aligarh जिले के लगभग 1700 स्कूलों में से 250 से ज्यादा स्कूलों में पहले से स्मार्ट क्लास चल रही हैं. यहां स्मार्ट टीवी, एएलसीडी और वाईफाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. हर ब्लॉक में आईसीटी लैब भी बनाई गई है.
वीडियो, चित्र और एनिमेशन के जरिए बच्चों को कठिन विषय भी आसान और रोचक तरीके से समझाए जा रहे हैं. इसका असर यह हुआ है कि बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ी है और उनकी सीखने की क्षमता में भी सुधार देखा गया है.

क्या होंगे नए उपकरण?

अब स्मार्ट क्लास को और ज्यादा आधुनिक बनाया जाएगा. हर कक्षा में प्रोजेक्टर, डिजिटल डिस्प्ले, अच्छी गुणवत्ता वाले स्पीकर, माइक्रोफोन और स्ट्रीमिंग की सुविधा दी जाएगी.
ऑडियो-विजुअल सिस्टम का मतलब है कि पढ़ाई के दौरान शिक्षक किसी भी विषय को वीडियो, आवाज और चित्रों के जरिए समझा सकेंगे. इससे बच्चे विषय को सिर्फ पढ़कर नहीं, बल्कि देखकर और सुनकर समझ पाएंगे. इससे उनकी समझ मजबूत होगी और विषय लंबे समय तक याद भी रहेगा.

Advertisement

क्यों जरूरी है डिजिटल पढ़ाई?

आज का समय तकनीक का है. बच्चे मोबाइल और टीवी के जरिए पहले से ही डिजिटल दुनिया से जुड़े हुए हैं. ऐसे में अगर स्कूलों में भी उसी तरीके से पढ़ाई हो, तो बच्चे ज्यादा रुचि के साथ सीखते हैं.
टेक्निकल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की सिफारिश के बाद यह फैसला लिया गया है कि स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाए. इसके लिए धन की व्यवस्था भी की जा रही है और स्कूल शिक्षा महानिदेशालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं.

शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार

यह भी पढ़ें

इस नई व्यवस्था से परिषदीय स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है. जब बच्चे किसी विषय को देख और सुनकर सीखेंगे, तो उनकी समझ बेहतर होगी और पढ़ाई में रुचि भी बढ़ेगी.
 यह पहल सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है. इससे शिक्षा आधुनिक, प्रभावी और बच्चों के लिए ज्यादा रोचक बन जाएगी.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें