×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

यूपी BJP के नए अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया शुरू, इसी हफ्ते हो जाएगा ऐलान! 2017 के फॉर्मूले पर जोर, ये नाम आगे!

यूपी बीजेपी के अध्यक्ष के चयन की दिशा में बीजेपी ने तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक 16 दिसंबर से पहले प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान हो जाएगा. जिन चेहरों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनके भी नाम सामने आ गए हैं. कहा जा रहा है कि बीजेपी फिर से 2017 के फॉर्मूले पर काम कर रही है.

Author
10 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:28 AM )
यूपी BJP के नए अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया शुरू, इसी हफ्ते हो जाएगा ऐलान! 2017 के फॉर्मूले पर जोर, ये नाम आगे!
Advertisement

उत्तर प्रदेश में 2027 में जीत की हैट्रिक लगाने को लेकर बीजेपी ने कमर कस ली है. इस लिहाज से यूपी बीजेपी में संगठन को नई धार देने की तैयारी तेज कर दी गई है. इसी कड़ी में पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जोर-शोर से शुरू हो गई है. इसी को देखते हुए बीजेपी ने अपने संगठनात्मक 84 जिलों की 327 प्रदेश परिषद सदस्यों की सूची घोषित कर दी है. कहा जा रहा है कि इसके बाद पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव की दिशा में एक पड़ाव पार लिया गया है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी इसी हफ्ते यूपी बीजेपी अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर देगी.

भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल पूरा!

बीजेपी किसी कीमत पर 2026 के पंचायत चुनाव और 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सांगठनिक चुनाव और फेरबदल की प्रक्रिया पूरी कर लेना चाह रही है. पार्टी की कोशिश है कि नए अध्यक्ष की नियुक्ति चुनाव से इतने पहले हो जाए ताकि उन्हें संगठन को अपने हिसाब से ढालने और चुनाव की तैयारी के लिए तैयार करने में पर्याप्त समय मिल सके. ज्ञात हो कि बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है.

Advertisement

16 दिसंबर से पहले यूपी बीजेपी को मिल जाएगा नया अध्यक्ष!

बीजेपी आगामी चुनावों की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द अपने नए अध्यक्ष का ऐलान कर देना चाहती है. कहा जा रहा है कि आगामी 16 दिसंबर से पहले यूपी बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहा है, ऐसे में कोशिश है कि ये ऐलान उससे पहले हो जाए. सूत्रों की मानें तो पार्टी इस बार गैर-यादव ओबीसी चेहरे पर दांव खेलने की तैयारी में है. ध्यान रहे कि 2017 के चुनाव में बीजेपी के चाणक्य अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी ने गैर-यादव, गैर-जाटव वोटबैंक का सोशल इंजीनियरिंग तैयार किया था. वो फिर से कुछ इसी पर अपना ध्यान लगा रही है. अगर अगला अध्यक्ष ओबीसी हो तो आश्चर्य नहीं क्योंकि राहुल गांधी की OBC की राजनीति की काट के लिए ऐसा जरूरी हो गया है.

यूपी बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक शुरुआत!

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नए अध्यक्ष के चुनाव की दिशा में औपचारिक शुरुआत कर दी गई है. इसी कड़ी में सभी जिलों के 327 प्रदेश परिषद सदस्यों के नाम घोषित कर दिए गए हैं. बता दें कि प्रदेश परिषद सदस्य ही प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में वोटर की भूमिका निभाते हैं. ऐसे में इनकी सूची सामने आने के बाद कवायद तेज हो गई है.

Advertisement

कैसे होगा बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव?

  • बीजेपी ने यूपी में 98 संगठनात्मक जिलों में से 84 जिलाध्यक्ष घोषित किए.
  • बीजेपी ने इन जिलों में परिषद सदस्यों के नाम भी घोषित कर दिए हैं.
  • हर विधानसभा क्षेत्र से एक सदस्य चुना गया है, जिसे प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए बनाई जा रही वोटर लिस्ट से जोड़कर देखा जा रहा है.
  • यही सभी सदस्य मिलकर नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर औपचारिक तौर पर सर्वसम्मति से सहमति बनाएंगे.
  • माना जा रहा है कि खरमास शुरू होने से पहले पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी हो जाएगी.
  • गैर-यादव ओबीसी पर बीजेपी का दांव.
  • राहुल गांधी की काट के लिए बीजेपी संगठन की कमान OBC के हाथों में सौंप सकती है.
  • इस फेहरिस्त में बीजेपी के कई ओबीसी नेताओं के नाम चर्चा में हैं.

कौन-कौन अध्यक्ष की रेस में?

सूत्रों के अनुसार यूपी बीजेपी के अध्यक्ष की रेस में योगी सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह और केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा के अलावा पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति भी आगे चल रही हैं. ये सभी नाम गैर-यादव ओबीसी समाज से आते हैं.

Advertisement

PDA की काट खोज रही बीजेपी!

यह भी पढ़ें

बीजेपी को कवर करने वाले जानकारों की मानें तो बीजेपी 2027 के चुनाव की गंभीरता और अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले की काट के लिए इस बार किसी गैर-यादव ओबीसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की रणनीति पर काम कर रही है. जानकार इसे 2017 की ही सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले की वापसी बता रहे हैं. लोकसभा चुनाव में ऐसा देखा गया कि बीजेपी के हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर PDA का नारा हावी रहा था. इसी वजह से बीजेपी इस बार एकमुश्त ओबीसी वोटबैंक को साधने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें