'योगी की पाती': संविधान दिवस पर UNESCO ने स्थापित की बाबा साहेब की प्रतिमा, CM ने लिखा- पेरिस से आई तस्वीर ने सब को गर्व से भर दिया
योगी की पाती: संविधान दिवस पर UNESCO हेडक्वार्टर में बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण किया. इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सीएम योगी ने कहा कि ये विश्व समुदाय की ओर से उस युगांतरकारी महापुरुष की पुण्यस्मृति को नमन है. इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे उनकी सरकार बाबा साहेब की प्रेरणा और सोच के अनुसार ही पिछड़ों और दलितों के लिए योजनाएं चला रही है और जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत कमजोर वर्गों को आवास, राशन, पेंशन, शिक्षा और श्रम से संबंधित कई योजनाओं का लाभ प्रदान कर रही है.
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संविधान दिवस पर फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की एक प्रतिमा का अनावरण किया गया. इस ऐतिहासिक घटना पर सीएम योगी की लिखी लोकप्रिय हो रही 'योगी की पाती' सामने आई है. सीएम ने इसे सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट कर लिखा कि यह विश्व समुदाय की ओर से उस युगांतरकारी महापुरुष की पुण्यस्मृति को नमन है, जिन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल भारतीय चिंतन को संविधान के माध्यम से अंगीकृत कराया.
वहीं 6 दिसंबर को आने वाले बबाबा साहब के महापरिनिर्वाण दिवस को लेकर उन्होंने लिखा कि, "महापरिनिर्वाण दिवस पर, बाबा साहब को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम संविधान की मूल आत्मा को जीवन का मानक बनाकर, समतामूलक समरस समाज का संकल्प लें."
योगी की पाति में और क्या-क्या है?
आपको बताएं कि प्रदेश के लोगों के नाम योगी की पाती लिखते हुए उन्होंने लिखा,
"मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
संविधान दिवस पर पेरिस से आई एक तस्वीर ने हम सब को गर्व से भर दिया. यूनेस्को मुख्यालय में भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया. यह विश्व समुदाय की ओर से उस युगांतरकारी महापुरुष की पुण्यस्मृति को नमन है, जिन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल भारतीय चिंतन को संविधान के माध्यम से अंगीकृत कराया. शोषित एवं वंचित समाज के प्रखर स्वर बाबा साहेब का दिया संविधान समाज को एक अटूट सूत्र में पिरोता है.
वहीं प्रदेश की योगी सरकार द्वारा दलितों, वंचितों और पिछड़ों के लिए चलाई जा रहीं योजनाओं और कार्यों पर सीएम योगी ने लिखा कि, "बाबा साहेब की प्रेरणा से हमारी सरकार ने दलितों और वंचितों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. दलित युवाओं को स्वरोजगार के लिए अनुदानित ऋण और आर्थिक सहायता से आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है. स्कूली शिक्षा से व्यावसायिक प्रशिक्षण तक छात्रवृत्ति और छात्रावास सुविधाओं का विस्तार किया है.
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
यूनेस्को मुख्यालय में भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह विश्व समुदाय की ओर से उस युगांतरकारी महापुरुष की पुण्यस्मृति को नमन है, जिन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और… pic.twitter.com/Jppz6j5Dj8— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 1, 2025 Advertisement
'जीरो पॉवर्टी' अभियान योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता!
इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब की दिखाई राह पर चलते हुए 'जीरो पॉवर्टी' अभियान के अंतर्गत कमजोर वर्गों को आवास, राशन, पेंशन, शिक्षा, श्रम योजना, बाल विकास सहित अन्य योजनाओं का लाभ तीव्र गति से पहुंचाया जा रहा है. हमारा उद्देश्य वर्ष 2027 तक प्रदेश को गरीबी मुक्त करना है.
अंत उन्होंने लिखा कि में 6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस पर, बाबा साहेब को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम संविधान की मूल आत्मा को जीवन का मानक बनाकर, समतामूलक समरस समाज का संकल्प लें.
आपका
Happy Constitution Day, #India. We pay tribute to the legacy of Dr. B. R. Ambedkar, marked today by a memorable unveiling ceremony at @UNESCO Headquarters with Director-General Khaled El-Enany and Ambassador Vishal V. Sharma
— UNESCO 🏛️ #Education #Sciences #Culture 🇺🇳 (@UNESCO) November 26, 2025
📸 https://t.co/0V7pIeCVQ0 @VishalVSharma7… https://t.co/r3SYcFmo2j
इससे पहले यूनेस्को द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित किए जाने पर गौरव का क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह अत्यंत गौरव की बात है कि आज, संविधान दिवस के अवसर पर, पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की एक प्रतिमा का अनावरण किया गया. यह डॉ. आंबेडकर और हमारे संविधान निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. उनके विचार और आदर्श असंख्य लोगों को शक्ति और आशा प्रदान करते हैं.
संविधान दिवस पर यूनेस्को मुख्यालय में हुआ बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण
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आपको बताएं कि फ्रांस के पेरिस स्थित UNESCO मुख्यालय में 26 नवंबर को भारत के संविधान दिवस पर यूनेस्को में भारत के राजदूत और स्थाई दूत विशाल शर्मा ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया. इस समारोह में यूनेस्को के महानिदेशक खालिद अल-एनानी और 50 से अधिक देशों के राजदूत एवं राजनयिक उपस्थित रहे. इस दौरान राजदूत प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भी पढ़ा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक वीडियो संदेश भी चलाया गया. वहीं भारत के शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता वाले भारतीय राष्ट्रीय आयोग का भी धन्यवाद अर्पित किया गया.
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