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राष्ट्रवाद को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल तैयार, PM मोदी 25 दिसंबर को करेंगे उद्घाटन, CM योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

यूपी की राजधानी लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. राष्ट्र नायकों को समर्पित इस स्थल पर बने म्यूजियम में पांच गैलरियां और पांच कोर्टयार्ड हैं. म्यूजियम के जरिए भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना को सशक्त करने का उद्देश्य है.

राष्ट्रवाद को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल तैयार, PM मोदी 25 दिसंबर को करेंगे उद्घाटन, CM योगी ने लिया तैयारियों का जायजा
Yogi Adityanath
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राष्ट्रवाद की त्रिवेणी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. राष्ट्र प्रेरणा स्थल के भव्य उद्घाटन समारोह की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इसी क्रम में प्रेरणा स्थल में राष्ट्र नायकों के जीवन वृत्त को दर्शाने वाले म्यूजियम के क्यूरेशन का कार्य भी पूर्ण हो चुका है. पांच गैलरियों और पांच कोर्टयार्ड से युक्त इस म्यूजियम का क्यूरेशन पैन इंटेल कॉम कंपनी द्वारा किया गया है. भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद की भावना के प्रसार के उद्देश्य से निर्मित इस म्यूजियम को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस कार्यक्रम की तैयारियों का खद मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के स्थलीय निरीक्षण कर जायज़ा लिया है. 

राष्ट्र नायकों को समर्पित है प्रेरणा स्थल का म्यूजियम ब्लॉक 

राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में राष्ट्रवाद की त्रिवेणी कहे जाने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित एक भव्य म्यूजियम का निर्माण किया गया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 98,000 वर्ग फुट क्षेत्र में म्यूजियम ब्लॉक का निर्माण कराया है, जबकि इसके क्यूरेशन का कार्य पैन इंटेल कॉम कंपनी द्वारा किया गया है. म्यूजियम दो फ्लोर में विकसित किया गया है, जिसमें कुल पांच गैलरियां, पांच कोर्टयार्ड, एक वीवीआईपी ग्रीन रूम और 12 इंटरप्रिटेशन वॉल शामिल हैं. म्यूजियम की पहली गैलरी को ओरियेंटेशन रूम के रूप में तैयार किया गया है, जहां वीडियो और ऑडियो-विजुअल माध्यम से राष्ट्र नायकों के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा.

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जनसंघ से लेकर अटल युग तक की यात्रा की झलक 

दूसरी गैलरी में भारतीय जन संघ के गठन और उसकी विकास यात्रा को विस्तार से दर्शाया गया है. वहीं तीसरी, चौथी और पांचवीं गैलरी क्रमशः डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित हैं. इन गैलरियों में फोटो, अखबारों की कटिंग और सिलिकॉन मूर्तियों के माध्यम से उनके जीवन के प्रेरक और ऐतिहासिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है. यह म्यूजियम न केवल राष्ट्र नायकों के विचारों और योगदान को सहेजने का प्रयास है, बल्कि भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद, सेवा और समर्पण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

म्यूजियम में लगी हैं भारत माता

राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम में पांच गैलरियों के साथ पांच आकर्षक कोर्टयार्ड का निर्माण किया गया है. फर्स्ट फ्लोर पर बने तीन कोर्टयार्ड में क्रमशः भारत माता, भारतीय जन संघ के प्रतीक चिन्ह दीपक और सुदर्शन चक्र की प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं. एक कोर्टयार्ड में भारत माता की 10 फीट ऊंची भव्य मूर्ति लगाई गई है, जिसकी दीवार पर वन्दे मातरम उत्कीर्ण किया गया है. सेकंड फ्लोर पर बने कोर्टयार्ड में राष्ट्र नायकों द्वारा उपयोग किए गए तख्त, मेज-कुर्सी और छड़ी जैसी वस्तुओं को आमजन के दर्शन के लिए प्रदर्शित किया गया है. यह व्यवस्था दर्शकों को राष्ट्र नायकों के जीवन से सीधे जुड़ने का अनुभव कराती है.

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इंटरप्रिटेशन वॉल पर उकेरा गया स्वतंत्रता संग्राम

म्यूजियम में 12 इंटरप्रिटेशन वॉल भी बनाई गई हैं, जिन पर म्यूरल और रिलीफ आर्ट के माध्यम से भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख घटनाओं और महान विभूतियों को दर्शाया गया है. एक वॉल पर राष्ट्रवाद से प्रेरित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविता की प्रेरक पंक्तियां अंकित की गई हैं. इसके साथ ही म्यूजियम ब्लॉक में वीवीआईपी ग्रीन रूम का भी निर्माण किया गया है. यह म्यूजियम आने वाले समय में भी भावी पीढ़ियों में राष्ट्रवाद, त्याग और समर्पण की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा.

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बताते चलें कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल और उससे जुड़ा यह म्यूजियम राष्ट्र नायकों के विचारों, संघर्ष और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा. 25 दिसंबर को होने वाला इसका उद्घाटन न केवल एक भव्य आयोजन होगा, बल्कि राष्ट्रवाद की भावना को और मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी साबित होगा.

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