×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

प्रवेश वर्मा के सीएम ना बनने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराज़गी, बीजेपी पर उठाए सवाल

दिल्ली को अपनी नई मुख्यमंत्री मिल गई है, रेखा गुप्ता ने दिल्ली में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. साथ ही 6 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई. लेकिन इसी बीच प्रवेश वर्मा के समर्थक भड़क गए. सोशल मीडिया पर प्रवेश वर्मा को सीएम ना बनाने पर नाराज़गी जताई

Author
20 Feb 2025
( Updated: 10 Dec 2025
10:35 PM )
प्रवेश वर्मा के सीएम ना बनने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराज़गी, बीजेपी पर उठाए सवाल
Advertisement
27 साल का वनवास ख़त्म कर बीजेपी ने दिल्ली में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सबको उम्मीद थी नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल को चुनाव हराने वाले प्रवेश साहिब सिंह वर्मा मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन आख़िरी वक़्त पर पर्ची खुली तो खेल ही हो गया। प्रवेश वर्मा देखते रह गए और रेखा गुप्ता बाज़ी मारते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री बन गई। बस यहीं से बीजेपी में एक नया बवाल खड़ा हो गया। एक तरफ़ शपथ ग्रहण समारोह चल रहा था। तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का विरोध हो रहा था । विरोध करने वाला कोई और नहीं बल्कि प्रवेश वर्मा के समर्थक ही हैं।जो सीधे तौर पर मोदी-शाह के साथ साथ रेखा गुप्ता से भिड़ गए। सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ ट्वीट कर प्रवेश वर्मा के समर्थन में उतर आए। आशीष नाम के यूज़र ने ग़ुस्सा ज़ाहिर करते हुए लिखा "आप जब योग्य हो और आपकी योग्यता को दर किनार कर दिया जाए तो दर्ज होता हैं!!

इसके साथ ही राजा नाम के यूज़र ने तो प्रवेश वर्मा की जाति को उन्हें कुर्सी ना मिलने की वजह बता दिया। तंज कसते हुए आगे लिखा "प्रवेश वर्मा के। लिए बहुत फ़ील हो रहा। बहुत दुख होता है जब आप योग्य हो आप आपकी योग्यता के सामने आपकी जन्म जाति पृष्ठभूमि की दीवार खड़ी हो जाए। इससे ज़्यादा कष्टकारी कुछ नहीं होता है खैर युवा हैं, अभी बहुत राजनीति बाक़ी है भविष्य उज्जवल हैं"

खैर बीजेपी और रेखा गुप्ता पर सवाल उठाने वालों की लाइन यही ख़त्म नहीं हुई। इसके आगे bikaner wala ने भी तंज कसते हुए सीधा ही लिख दिया "जब तुम लोग अपने हितों के लिए योग्य प्रखर राष्ट्रवादी नेताओं को इस लिए बलि देते हो क्योंकि वो जाट है तो हमारे लिए भी तुम कुछ नहीं हो। धर्म और राष्ट्र की सुरक्षा सदियों से करते आए है और करते रहेंगे पर अब तुम लोगों से मूर्ख नहीं बनेंगे। घमंड तो रावण का नहीं रहा राजाजी।

इसके साथ ही ये भी माँग उठाईं जा रही है कि दिल्ली में जाट मुख्यमंत्री बनना चाहिए था। पंचम नेगी नाम से यूज़र ने लिखा "जाट मुख्यमंत्री होना चाहिए भाई हिन्दू एकता के लिए जरूरी है बीजेपी के पास दलित ब्राह्मण राजपूत आदिवासी सब है बस एक जाट और गुजर मुख्यमंत्री की कमी है"

रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनते से सोशल मीडिया पर विरोध करने वालों की मानो बाढ़ आ गई है। कहा यही जा रहा है कि जिन्होंने पार्टी में हिंदुत्व की धारा को आगे बढ़ाया।जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के बड़े चेहरे अरविंद केजरीवाल को चुनाव हराया। नई दिल्ली सीट पर भगवा लहराया। उन्हें मुख्यमंत्री ना बनाकर बीजेपी ने ना सिर्फ़ जाटों का अपमान किया। बल्कि उन वोटरों को भी दुख पहुंचाया जिन्होंने प्रवेश वर्मा को वोट देकर ना सिर्फ़ जिताया। बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने का अरमान भी आगे बढ़ाया.हालांकि आख़िरी तक यही कहा जा रहा है कि प्रवेश वर्मा को केजरीवाल को हराने का फल मिल सकता है। जैसे ही बीजेपी के फैसले की घड़ी नज़दीक आई वो पिछड़ गए। प्रवेश वर्मा सीएम तो नहीं बन पाए ख़बर है कि डिप्टी सीएम का पद ज़रूर अपने पाले में ले सकता है। अब क्यों कटा प्रवेश वर्मा का पत्ता चलिए ये भी बताते हैं।

दरअसल बीजेपी। कांग्रेस और बाक़ी क्षेत्रिय पार्टियों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहे हैं ऐसे में BJP प्रवेश वर्मा को अगर दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाती है तो पार्टी को विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि प्रवेश वर्मा। पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। तो वैसे भी बीजेपी मुख्यमंत्रियों के बेटों के मुख्यमंत्री बनाने से परहेज करती रही है। उदाहरण के लिए हिमाचल देख लीजिए।जब वहाँ बीजेपी की सरकार थी तो प्रदेश में प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर को मुख्यमंत्री पद का अहम दावेदार माना जाता था लेकिन बीजेपी ने जयराम ठाकुर को चुना। इसके साथ ही बीजेपी ने ये भी देखा कि जिस राज्य में जिस नेता की जाति से ज़्यादा प्रभाव पड़ेगा। उसको आगे किया जाएगा। शायद इन्हीं वजहों की वजह से प्रवेश वर्मा का पत्ता सीएम की कुर्सी से कट गया।

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें