×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

उरी सेक्टर में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम. सेना ने एक आतंकी को मार गिराया

जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी पर भारतीय सेना ने घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम कर दी. खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन में एक आतंकी मारा गया. इलाके में फिलहाल तलाशी अभियान जारी है.

उरी सेक्टर में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम. सेना ने एक आतंकी को मार गिराया
Social Media
Advertisement

जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना ने रविवार को घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया. सतर्क सैनिकों ने ऑपरेशन के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया. सेना ने बताया कि कार्रवाई अभी भी जारी है और इलाके में तलाशी अभियान चल रहा है.

खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुआ ऑपरेशन

श्रीनगर स्थित सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली विशेष खुफिया सूचना के आधार पर यह संयुक्त अभियान शुरू किया गया. सेना के अनुसार 14 और 15 मार्च की दरम्यानी रात को उरी सेक्टर के बुच्छर इलाके में घुसपैठ की कोशिश की सूचना मिली थी. इसके बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर ऑपरेशन शुरू कर दिया.

Advertisement

आत्मसमर्पण की चेतावनी के बाद शुरू हुई मुठभेड़

सेना के मुताबिक सतर्क जवानों ने झाड़ियों में संदिग्ध हलचल देखते ही अपनी घेराबंदी को मजबूत किया और आतंकी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी. हालांकि आतंकी ने चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. इसके जवाब में सैनिकों ने भी जवाबी कार्रवाई की. मुठभेड़ के दौरान एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया गया.

मौके से हथियार और गोला-बारूद बरामद

Advertisement

ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी मिला है. सेना के अनुसार मारे गए आतंकी के पास से एक एके राइफल, पिस्तौल और काफी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं. फिलहाल सुरक्षा बल पूरे इलाके में गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आसपास कोई अन्य आतंकी छिपा हुआ न हो.

इससे पहले नौशेरा सेक्टर में भी नाकाम हुई थी घुसपैठ

इससे पहले 10 मार्च को राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में भी घुसपैठ की एक कोशिश को सेना ने विफल कर दिया था. उस दौरान झांगर इलाके में दो आतंकियों की संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी. सतर्क सैनिकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई. इस मुठभेड़ में पाकिस्तान समर्थित एक आतंकी मारा गया और एलओसी पार करने की उनकी कोशिश नाकाम कर दी गई.

एलओसी पर लगातार रहती है कड़ी निगरानी

Advertisement

जम्मू-कश्मीर में करीब 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना तैनात रहती है. यह एलओसी घाटी के बारामुला, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों से होकर गुजरती है, जबकि जम्मू संभाग में पुंछ, राजौरी और आंशिक रूप से जम्मू जिले में भी स्थित है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में लगभग 240 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है. यह सीमा सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में पड़ती है, जहां सीमा सुरक्षा बल तैनात रहता है.

ड्रोन और हथियार तस्करी पर भी नजर

सेना और बीएसएफ दोनों ही घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, ड्रोन गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखते हैं. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आतंकवादी संगठन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में हथियार, गोला-बारूद, नकदी और ड्रग्स गिराने की कोशिश करते हैं. इन सामानों को आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्कर उठाकर आगे पहुंचाते हैं, जिससे घाटी में आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है.

यह भी पढ़ें

बहरहाल, इन खतरों से निपटने के लिए सेना और बीएसएफ ने सीमा पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं. साथ ही मानव निगरानी और खुफिया तंत्र भी 24 घंटे सीमा पर नजर बनाए रखता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें