×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'संजीवनी है यह सरकारी योजना...', नेता प्रतिपक्ष ने भरे सदन में की तारीफ, CM योगी ने आभार जताते हुए गिनाए सपा के घोटाले

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा में सत्ता और विपक्ष के बीच सकारात्मक संवाद देखा गया. नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की सराहना की, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धन्यवाद दिया.

'संजीवनी है यह सरकारी योजना...', नेता प्रतिपक्ष ने भरे सदन में की तारीफ, CM योगी ने आभार जताते हुए गिनाए सपा के घोटाले
Yogi Adityanath/ Mata Prasad Pandey
Advertisement

उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सकारात्मक संवाद देखने को मिला. नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की खुले मंच से सराहना की, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आभार व्यक्त किया. हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की नीतिगत विफलताओं और घोटालों का भी उल्लेख किया.

नेता प्रतिपक्ष ने की CM योगी के योजना की प्रशंसा 

अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष योजना कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार में बेहद उपयोगी साबित हो रही है. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के विधायकों की संस्तुतियों पर जरूरतमंद लोगों को सहायता प्रदान की जा रही है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज के लोग भी इस योजना से समान रूप से लाभान्वित हो रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष की इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धन्यवाद दिया, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान हुए कथित घोटालों और प्रशासनिक लापरवाहियों को सदन के समक्ष रखा.

मुख्यमंत्री योगी ने गिनाए घोटाले और अनियमितताएं 

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सदन में पूर्ववर्ती सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति योजनाओं में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए. उन्होंने बताया कि अनेक पात्र छात्रों की स्कॉलरशिप या तो रोक दी गई या समय पर नहीं दी गई, जिससे गरीब और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पेंशन योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले दिव्यांगजन, निराश्रित महिलाएं और वृद्धजन को मात्र ₹300 से ₹750 तक की अनियमित और अधूरी पेंशन दी जाती थी, जबकि वर्तमान सरकार डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था के तहत प्रति वर्ष ₹12,000 सीधे लाभार्थियों के खातों में भेज रही है. उन्होंने सड़क निर्माण योजनाओं में ‘टोकन मनी’ की व्यवस्था को भी गंभीर अनियमितता बताया और कहा कि 25 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति देकर केवल ₹1 लाख जारी किया जाता था, जिससे योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं. मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में भी पिछली सरकार की नीतियों को विफल बताते हुए कहा कि 2017 से पहले की लापरवाही के कारण प्रदेश विकास की दौड़ में पीछे रह गया था.

Advertisement

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा ने जहां सत्ता और विपक्ष के बीच सकारात्मक संवाद की तस्वीर पेश की, वहीं सदन में सरकार और विपक्ष के बीच नीतियों को लेकर तीखी राजनीतिक बहस भी देखने को मिली. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जवाब और नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणी ने सत्र के समापन को राजनीतिक रूप से अहम बना दिया.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें