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CM योगी ने समझाया UP के विकास का ट्रिपल T फॉर्मूला, सपा पर कसा तंज, कहा- नहीं थी टेक्नोलॉजी की समझ

विधानसभा में CM योगी ने ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का मॉडल बताया. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर बड़ा हमला बोला.

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14 Feb 2026
( Updated: 14 Feb 2026
08:22 AM )
CM योगी ने समझाया UP के विकास का ट्रिपल T फॉर्मूला, सपा पर कसा तंज, कहा- नहीं थी टेक्नोलॉजी की समझ
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UP विधानसभा में बजट सत्र पर चर्चा हुई. राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया. CM योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश अब ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का मॉडल है, यही ट्रिपल T फॉर्मूला अब नए UP की पहचान है. 

UP के MSME सेक्टर की प्रगति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख MSME यूनिट्स संचालित हो रही हैं.इन यूनिट में 3 करोड़ 11 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है. उन्होंने साफ किया कि कृषि के बाद MSME क्षेत्र ही प्रदेश में सबसे ज्यादा रोजगार प्रदान करने वाला सेक्टर है. 

सपा पर साधा निशाना 

CM योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, समाजवादी पार्टी की सरकार में MSME क्षेत्र लगभग मृतप्राय हो चुका था. उस समय सरकार के पास न कोई स्पष्ट विजन था, न ही टेक्नोलॉजी की समझ और न ही मजबूत इच्छाशक्ति. उद्यमियों को सरकारी सहयोग के बजाय इंस्पेक्टर राज का सामना करना पड़ता था. पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड या अन्य विभागों के अधिकारी अक्सर उन्हें परेशान करते थे.

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CM योगी ने कहा, मौजूदा सरकार ने इन समस्याओं को जड़ से खत्म कर दिया. उद्यमियों को 1000 दिनों तक किसी भी MSME यूनिट स्थापित करने के लिए कोई एनओसी की जरूरत नहीं है. इस छूट नीति के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में 96 लाख यूनिटें सक्रिय हैं और करोड़ों लोग रोजगार पा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने इसे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का जीता-जागता उदाहरण बताया. जिसने उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित कर दिया है. 

‘नागरिकों की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी’

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, उत्तर प्रदेश में आज रूल ऑफ लॉ ही सुरक्षा और विकास की सबसे बड़ी गारंटी है. हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी, कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के भविष्य के साथ किसी को भी छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी. CM ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण ही आज प्रदेश में उत्कृष्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। एक्सप्रेसवे का जाल बिछ चुका है, एयर कनेक्टिविटी में तेजी आई है. 

उन्होंने बताया, 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल का उद्घाटन करेंगे. पहले मेरठ से दिल्ली जाने में 3-4 घंटे लगते थे, लेकिन अब 12 लेन हाईवे और रैपिड रेल से यह दूरी मात्र 45 मिनट में तय हो सकेगी. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व सरकारें दूरी बढ़ाने में माहिर थीं, न केवल भौगोलिक दूरी, बल्कि जाति-जाति और भाई-भाई के बीच खाई को चौड़ा करने का काम भी किया गया.

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‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की नई पहचान बना’

CM योगी ने कहा, असीम संभावनाओं के बावजूद उत्तर प्रदेश पहले निवेश से वंचित रहता था. आज फियरलेस गवर्नेंस और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस इसकी नई पहचान है. सरकार ने ट्रिपल एस, यानी सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी दी है. सुरक्षा का माहौल, शासन में स्थिरता और विकास में गति, ये तीनों आज उत्तर प्रदेश की ताकत हैं. प्रदेश पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी स्टेबिलिटी की राह पर है. 

CM योगी ने बताया कि राज्य में 34 से ज्यादा सेक्टोरल पॉलिसी लागू हैं. निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसे प्लेटफॉर्म निवेशकों को सुगम, पारदर्शी और विश्वसनीय वातावरण प्रदान कर रहे हैं. पहले ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में यूपी 14वें स्थान पर था, लेकिन आज यह टॉप अचीवर राज्यों में शामिल है। उत्तर प्रदेश ने सभी व्यापार सुधार मानकों को 100% लागू कर देश का पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया. डीरिग्युलेशन में नंबर-वन और 23 प्रमुख सुधारों को पूर्ण रूप से लागू किया गया. डिक्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य कानूनों और 99% आपराधिक प्रावधानों को हटाया गया।

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इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट

CM योगी ने बताया कि 1947 से 2017 तक प्रदेश में मात्र 14 हजार कारखाने थे, जबकि पिछले साढ़े आठ वर्षों में यह संख्या 31 हजार से ज्यादा हो गई है. इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट दृष्टिकोण के कारण UP आज वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य है. MoU अब कागजी नहीं, बल्कि ग्राउंड ब्रेकिंग, उत्पादन और रोजगार सृजन तक ठोस परिणाम दे रहे हैं. पिछले साढ़े आठ वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिला. पहले UP के युवा अन्य राज्यों में पलायन करते थे, लेकिन अब प्रदेश में ही अवसर उपलब्ध हैं. बजट में ‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ योजना प्रस्तावित है, जो हर जिले में स्किल डेवलपमेंट से रोजगार तक की गारंटी देगी. 

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CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, आउटसोर्सिंग में शोषण रोकने के लिए विशेष कॉर्पोरेशन गठित किया गया है. इससे युवाओं को 16-20 हजार रुपये का मानदेय मिलेगा. कंपनियों को केवल सेवा शुल्क दिया जाएगा. शोषण करने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. आज उत्तर प्रदेश MSME और स्टार्टअप का प्रमुख हब है. यह वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी केंद्र के रूप में उभर रहा है. देश के 65% मोबाइल और 55-60% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट यहीं बन रहे हैं. उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब यूनिट का शिलान्यास प्रधानमंत्री जल्द करेंगे. 1962 से देश इस दिशा में प्रयासरत था, अब यूपी इसका केंद्र बनेगा. 

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