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गजबे है बिहार! पटना में 'डॉग बाबू' को मिला निवास प्रमाण पत्र, पिता का नाम 'कुत्ता बाबू', मां 'कुटिया देवी'... अधिकारियों का अजब कारनामा

बिहार में मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान मसौढ़ी प्रखंड में एक कुत्ते को आवासीय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया. जिले के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी तब हुई, जब कुत्ते का आवासीय प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जानिए इस प्रमाण पत्र में आखिर है क्या?

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28 Jul 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:43 AM )
गजबे है बिहार! पटना में 'डॉग बाबू' को मिला निवास प्रमाण पत्र, पिता का नाम 'कुत्ता बाबू', मां 'कुटिया देवी'... अधिकारियों का अजब कारनामा
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नाम- डॉग बाबू, पिता का नाम- कुत्ता बाबू, माता का नाम कुटिया देवी… बिहार के एक निवास प्रमाण पत्र में जब ये फॉर्म सामने आया तो सभी के होश उड़ गए… दरअसल चुनाव आयोग बिहार में मतदाता पुनरीक्षण अभियान चला रही है. इस अभियान में आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदकों की होड़ सी आ गई थी. सरकार की ओर से बताया गया था कि आवासीय प्रमाण पत्र के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं. सीमांचल के ज़िलों में तो प्रमाण पत्र जारी करने से पहले विशेष जांच के निर्देश भी दिए गए थे. लेकिन अब पटना ज़िले से आवासीय प्रमाण पत्र को लेकर एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है. जिसे सुन आप भी दंग रह जाएंगे.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड से एक आवासीय प्रमाण पत्र सामने आया है जो कि एक कुत्ते का है. यह प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वायरल होने के बाद जिले के अधिकारियों को इस पत्र की जानकारी मिली. यह आवासीय मसौढ़ी अंचल कार्यालय से जारी किया है. आरटीपीएस काउंटर से जारी इस आवासीय प्रमाण पत्र में कुत्ते का फोटो, उसका नाम, उसके माता-पिता का नाम सब कुछ लिखा हुआ है और साथ ही दस्तावेज पर आवासीय प्रमाण पत्र की संख्या भी अंकित है.
बता दें कि नाम- डॉग बाबू, पिता का नाम- कुत्ता बाबू, माता का नाम कुटिया देवी लिखा है. बीआरसीसीओ 2025/15933581 है और काउलीचक वार्ड 15 मसौढ़ी लिखा हुआ है. हैरान करने वाली बात ये है कि इसपर राजस्व पदाधिकारी मुरारी चौहान का डिजिटल सिग्नेचर भी है.

सोशल मीडिया पर फोटो वायरल 
इस प्रमाण पत्र की फोटों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल होने के बाद इसकी खबर विभागीय अधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया. पूरा मामला समझ में आने के बाद रविवार की शाम आरटीपीएस पोर्टल पर लोड इस विवादित आवासीय प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया. साथ ही साथ राजस्व पदाधिकारी का डिजिटल सिग्नेचर भी हटाया गया है.

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मसौढ़ी के अंचलाधिकारी प्रभात रंजन ने प्रमाण पत्र रद्द किए जाने की पुष्टि की है. वहीं, 'डॉग बाबू' को जारी किए गए आवासीय प्रमाण पत्र के मामले का पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने भी संज्ञान लिया है. डीएम ने स्पष्ट किया है कि इस लापरवाही के लिए दोषी कर्मियों और पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की गलती दोबारा न हो.

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