×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

गढ़चिरौली के 120 बच्चों ने भरी इसरो के लिए ऐतिहासिक उड़ान, छात्रों से मिलकर सीएम ने दीं शुभकामनाएं

छात्रों ने बताया कि यह यात्रा न केवल बच्चों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है, बल्कि यह गढ़चिरौली जैसे पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को बड़े सपने देखने का मौका भी देती है.इस पहल से शिक्षा और प्रेरणा के नए द्वार खुलेंगे, जिससे वे भविष्य में देश के विकास में योगदान दे सकेंगे.

Author
16 Jun 2025
( Updated: 10 Dec 2025
03:30 AM )
गढ़चिरौली के 120 बच्चों ने भरी इसरो के लिए ऐतिहासिक उड़ान, छात्रों से मिलकर सीएम ने दीं शुभकामनाएं
Advertisement

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के नक्सल प्रभावित और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के 120 छात्रों के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया.सिरोंचा, वांगेपल्ली (अहेरी) और नवेगांव के समाज कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों के ये छात्र पहली बार बेंगलुरु में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) केंद्र का दौरा करने के लिए रवाना हुए.

CM ने छात्रों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं

इनमें से कई छात्रों ने न तो पहले कभी हवाई जहाज देखा था और न ही जिला मुख्यालय गए थे.इस स्वप्निल यात्रा के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर के डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर छात्रों से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं.

Advertisement

CM फडणवीस ने छात्रों से पूछा वे कहां जा रहे हैं

मुख्यमंत्री ने छात्रों से बातचीत की और उनसे पूछा कि वे कहां जा रहे हैं, क्या देखने वाले हैं और कैसे यात्रा करेंगे.

उन्होंने बच्चों से कहा, "खूब मेहनत से पढ़ाई करो और जीवन में सफल बनो."

Advertisement

इस अनूठी पहल की शुरुआत समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सचिन मडावी ने की थी.उनकी इस संकल्पना को जिला कलेक्टर पंडा ने तुरंत मंजूरी दी.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सह-पालक मंत्री आशीष जायसवाल ने इस योजना के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई.

यात्रा से छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान की मिलेगी जानकारी 

इसरो की इस यात्रा से छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में जानने और वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा मिलेगी.

कई छात्रों ने बताया कि वे इसरो के वैज्ञानिकों से मिलने और अंतरिक्ष मिशनों के बारे में जानने के लिए उत्साहित हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें

छात्रों ने बताया कि यह यात्रा न केवल बच्चों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है, बल्कि यह गढ़चिरौली जैसे पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को बड़े सपने देखने का मौका भी देती है.इस पहल से शिक्षा और प्रेरणा के नए द्वार खुलेंगे, जिससे वे भविष्य में देश के विकास में योगदान दे सकेंगे.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें