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Modi राज में कैसे बदल रही काशी… Metro, Rope-way, Intl. Stadium इसके सबूत हैं!

एक तरफ देश की सत्ता में मोदी हैं जहां से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट काशी को दिये जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ यूपी की सत्ता में सीएम योगी हैं जो प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जिसके दम पर जल्द ही काशी को मेट्रो, रोप-वे और स्टेडियम की सौगात मिलने जा रही है!

Modi राज में कैसे बदल रही काशी… Metro, Rope-way, Intl. Stadium इसके सबूत हैं!
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देश की सत्ता संभाल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पहली बार साल 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए महादेव की काशी आए थे. तब किसने सोचा था उनके चुनाव लड़ने मात्र से ही काशी की किस्मत बदल जाएगी. क्योंकि आमतौर पर नेताओं का मकसद चुनाव जीतना होता है. जिसके लिए वो सीट बदलते रहे हैं. लेकिन मोदी ऐसे नेता नहीं हैं. उन्होंने साल 2014 में पहली बार काशी से लोकसभा चुनाव लड़ा तो फिर लगातार तीन बार इसी काशी से चुनाव लड़े और जनता ने भी उन्हें जिता कर दिल्ली भेजा. जिसका असर अब नजर आने लगा है, क्योंकि काशी से पीएम मोदी के चुनाव लड़ने मात्र से ही बड़ी ही तेज रफ्तार के साथ महादेव की काशी का कायाकल्प हो रहा है.

काशी में बड़ा बदलाव, कॉरिडोर से स्टेडियम तक

जबसे मोदी ने देश की सत्ता संभाली है. जैसे मानो काशी की तस्वीर ही बदल गई है. सबसे पहले काशी विश्वनाथ के दरबार में भव्य कॉरिडोर बनवाया गया. जो आज काशी की शान हैं.  तो वहीं दूसरी तरफ देश का पहला शहरी रोपवे भी काशी में बनकर तैयार हो रहा है. जिसका उद्घाटन कुछ ही महीनों में होने वाला है. बात यहीं खत्म नहीं होती. बदलती काशी में आपको जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम भी नजर आएगा. जो पूरे पूर्वांचल की शान होगी.  जिसका शिलान्यास करने के लिए खुद स्थानीय सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2023 में काशी आए थे. सितंबर का महीना था और साल था 2023. जब पीएम मोदी ने इस स्टेडियम का शिलान्यास किया था और ये बात तो आप भी जानते हैं पीएम मोदी ने जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करते हैं. उसका उद्घाटन भी वही करते हैं. यही वजह है कि क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण बड़ी ही तेज रफ्तार के साथ हो रहा हैऔर अब तो करीब 75 फीसदी काम भी पूरा हो गया है... जिसका सबूत स्टेडियम के ड्रोन शॉट में देख सकते हैं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम

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महादेव की काशी में बन रहा ये स्टेडियम काशी की संस्कृति और सभ्यता को समेटे हुए होगा. जहां 18 पिच होगी और करीब 30 हजार दर्शक एक साथ बैठ कर मैच देख सकेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि स्टेडियम का निर्माण इसी साल दिसंबर में पूरा हो जाएगाऔर अगले साल 2026 में होने वाले T-20 वर्ल्ड कप के मैच भी इसी मैदान में खेले जाएंगे. जहां देश दुनिया के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर खेलते हुए नजर आएंगे. वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर करीब साढ़े चार सौ करोड़ की लागत से बन रहे स्टेडियम के आसपास वाराणसी विकास प्राधिकरण 400 एकड़ में एक टाउनशिप भी बसाने जा रहा है. जिसके लिए प्राधिकरण ने जमीन का अधिग्रहण भी शुरू कर दिया है. यानि जल्द ही आपको एक आधुनिक काशी नजर आएगी.

रोप-वे प्रोजेक्ट

एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनकर तैयार हो रहा है. तो वहीं दूसरी तरफ देश के पहले अर्बन रोप-वे का निर्माण कार्य भी तेज रफ्तार से हो रहा है. करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा. काशी में होगा पहला शहरी रोप-वे,  ये रोपवे वाराणसी के कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक चलेगा. 3.75 किलो मीटर लंबे इस रोप-वे के बीच 5 स्टेशन होंगे. 45 मिनट की दूरी रोप-वे के जरिये 16 मिनट में पूरी होगी और 16 घंटे चलेगी, प्रतिदिन एक लाख लोगों को होगा फायदा. साल 2023 में पीएम मोदी ने ही रोपवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था और अब करीब दो साल बाद इसके उद्घाटन का वक्त भी करीब आ रहा है. क्योंकि रोप-वे का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है और ट्रायल भी शुरू हो गया है.  हालांकि अभी उद्घाटन की तारीख सामने नहीं आई है.  वैसे माना जा रहा है कि नवंबर या दिसंबरतक काशी को रोप-वे की सौगात भी मिल जाएगी और इसी के साथ काशी के नाम देश का पहला अर्बन रोप-वे की उपलब्धि जुड़ जाएगी. 

जल्द काशी में भी दौड़ेगी मेट्रो

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वाराणसी पूरे पूर्वांचल के लिए एक बड़ा बाजार है. जिस पर मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, चंदौली, जौनपुर और गाजीपुर जैसे कई जिलों के व्यापारी का व्यापार निर्भर है. यही वजह है कि मोदी और योगी सरकार वाराणसी को विकसित करने पर कुछ ज्यादा ही जोर दे रही है. इसी कड़ी में वाराणसी को मेट्रो की भी सौगात मिल गई है. जिससे जल्द ही वाराणसी भी मेट्रो सिटी के नाम से जानी जाएगी.  क्योंकि काशी में मेट्रो चलाने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है  और जल्द ही सर्वे का भी काम शुरू होने वाला है. डीएम सत्येंद्र कुमार के मुताबिक कैंट स्टेशन को ट्रैफिक का मल्टी मॉडल टर्मिनल बनाया जाएगा, यहां से रोपवे अन्य रूटों पर संचालित होगी, कैंट स्टेशन से मेट्रो, ट्रेन, रोपवे और शहर के अंदर एसी बसों को भी जोड़कर चलाया जाएगा, इन सभी का इंटीग्रेटेड कॉरिडोर भी यही बनेगा, ताकि लोगों को शहर के किसी भी हिस्से में जाने के लिए आसानी से विकल्प मौजूद हो. साल 2014 के बाद से ही जिस तरह से बढ़ती आबादी के साथ ही काशी के शहरीकरण का भी विस्तार हो रहा है. उसे देखते हुए मेट्रो का संचालन बहुत जरूरी हो गया है. जिसके लिए कैंट रेलवे स्टेशन को ट्रैफिक का मल्टी मॉडल टर्मिनल बनाया जाएगा. जहां से यात्रियों को मेट्रो, ट्रेन, रोप-वे और शहर के अंदर एसी बसों को भी चलाया जाएगा. 

काशी में दौड़ेगी मेट्रो

  • वाराणसी में मेट्रो के लिए दो कॉरिडोर बनाए जाएंगे.

  • पहला कॉरिडोर BHEL से BHU 19.5 किमी. होगा.

  • दूसरा कॉरिडोर बेनियाबाग से सारनाथ 10 किमी. होगा.

  • मेट्रो का 5.8 किलो मीटर का रूट अंडरग्राउंड रहेगा.

  • मेट्रो प्रोजेक्ट के दौरान कुल 26 स्टेशन बनाए जाएंगे.

यानि आने वाले दिनों पौराणिक काशी का एक आधुनिक स्वरूप भी देखने को मिलेगा. जहां मेट्रो, रोप-वे, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसे बड़े प्रोजेक्ट चार चांद लगाएंगे और काशी एक मेट्रो सिटी के तौर पर उभर कर सामने आएगी. ये सब इसलिये हो रहा है क्योंकि एक तरफ देश की सत्ता में मोदी हैं जहां से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट काशी को दिये जा रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ यूपी की सत्ता में सीएम योगी हैं. जो प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं. इसी बात से समझ सकते हैं कि पीएम मोदी डबल इंजन सरकार की बात क्यों करते हैं. 

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