×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

‘पाकिस्तान के भाड़े के एजेंटों से डरने वाले नहीं हैं…’, अमरनाथ यात्रियों ने लगाए Indian Army जिंदाबाद के नारे, भक्ति से सराबोर हुआ माहौल

38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा तीसरे दिन पहुंच गई है. इस दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था. भक्तों यहां न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर के स्टीकर वाले गमले लेकर आए बल्कि 'इंडियन आर्मी जिंदाबाद' और 'भारतीय सेना जिंदाबाद' के नारे लगाते दिखे. पूरा माहौल धार्मिक के साथ-साख राष्ट्र भक्ति की भावनाओं से सराबोर हो गया.

Author
05 Jul 2025
( Updated: 10 Dec 2025
10:54 PM )
‘पाकिस्तान के भाड़े के एजेंटों से डरने वाले नहीं हैं…’, अमरनाथ यात्रियों ने लगाए Indian Army जिंदाबाद के नारे, भक्ति से सराबोर हुआ माहौल
Advertisement

‘शिव जी के आह्वान पर आए हैं, पाकिस्तानी भारे के एजेंटों से डरने वाले नहीं हैं…’, अमरनाथ यात्रा मार्ग पर लगे Indiam Army जिंदाबाद के नारे, भक्ति से सराबोर हुआ माहौल

बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जोरदार उत्साह देखा जा रहा है. अमरनाथ यात्रा के लिए 5 जुलाई यानी कि आज जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से चौथा जत्था भोले बाबा के दर्शन के लिए रवाना हुआ. सुबह के शांत और भक्ति भरे माहौल में "बम बम भोले" और "बोले बाबा की जय" के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. यात्रा के पूरे रूट पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए है. चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है. 

पाकिस्तानी आतंकियों की साज़िश की आशंका के बीच हर स्टॉल, घर, दुकान, घोड़े-खच्चर वालों की स्कैनिंग की गई, हर चीज़ की मैपिंग हुई है. सीमा पार से आने वाली लाख धमकियों के बावजूद यात्री डटे हुए हैं, भारी संख्या में बाबा के दर्शन के लिए निकले हैं. इसी सब तैयारियों और 24 घंटे गश्ती को देखते हुए भक्त बाबा के अलावा 'इंडियन आर्मी जिंदाबाद' और 'भारतीय सेना जिंदाबाद' के नारे लगाते दिखे. पूरा माहौल धार्मिक के साथ-साख राष्ट्र भक्ति की भावनाओं से साराबोर हो गया.

ऑपरेशन सिंदूर की भी दिखी झलक 

Advertisement

यात्रा के दौरान कुछ श्रद्धालु अपने हाथों में गमले लिए हुए थे, जिनमें 'ऑपरेशन सिंदूर' का स्टीकर लगा हुआ था. समाचार एजेंसी IANS से खास बातचीत में कुछ यात्रियों ने कहा, "सभी देशवासियों से यहीं कहना चाहते हैं कि इंडियन आर्मी पर भरोसा करें और जितना हो सके उतना हुजूम में अमरनाथ यात्रा पर आएं और यात्रा का आनंद उठाएं."

बाबा बर्फानी के दर्शन की ललक
हजारों श्रद्धालुओं की आंखों में बाबा बर्फानी के दर्शन की ललक और मन में अपार श्रद्धा साफ झलक रही थी. इस जत्थे में देश के कोने-कोने से आए भक्त शामिल थे, जिनमें बुजुर्ग, युवा और महिलाएं सभी उत्साह से भरे हुए थे. यात्रा शुरू होने से पहले भगवती नगर बेस कैंप में भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला. जैसे ही बसों और अन्य वाहनों का काफिला रवाना हुआ, माहौल में एक अलग ही जोश और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला.

प्रभु श्री राम के भी लगे नारे

कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि वे कई साल से इस पवित्र यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं, और हर बार यह अनुभव उनके लिए नया और अविस्मरणीय होता है. इसके साथ ही श्रद्धालु 'जय-जय श्रीराम' के नारे लगाते नजर आए.

Advertisement

एक बुजुर्ग श्रद्धालु रामप्रसाद ने भावुक होकर कहा, "हम हर साल बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए आते हैं. उनके सामने सिर झुकाने का सुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. जम्मू-कश्मीर के बारे में पहले कुछ गलत धारणाएं थीं, लेकिन यहां आकर देखा तो सब कुछ शांत और व्यवस्थित है."

उन्होंने आगे कहा, "प्रशासन ने हमारे लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की है. खाने-पीने से लेकर रहने और सुरक्षा तक, हर चीज का पूरा ध्यान रखा गया है." प्रशासन ने यात्रियों के लिए मेडिकल कैंप, लंगर और विश्राम स्थलों की भी व्यवस्था की है, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो. स्थानीय लोग भी श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं.

यात्रा के पहले दिन पहले दिन 12 हजार से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

Advertisement

यात्रा के दूसरे दिन अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को जम्मू से एक और जत्था भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ. इस जत्थे में 6411 तीर्थयात्री शामिल थे. 

अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह भगवती नगर यात्रा निवास से 291 वाहनों के दो सुरक्षा काफिलों में कुल 6411 यात्री कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुए. इनमें से 2789 यात्री बालटाल बेस कैंप की ओर जा रहे हैं, जबकि 3622 यात्री पहलगाम बेस कैंप जा रहे हैं.

अधिकारियों ने बताया कि 38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के पहले दिन, गुरुवार को 12300 यात्रियों ने पवित्र गुफा में दर्शन किए.

‘भारे के एजेंटों से डरने वाले नहीं’

Advertisement

यात्रा के दौरान श्रद्धालु 'बम बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक तीर्थ कर रहे हैं. सुरक्षा के विषय पर तीर्थयात्रियों ने कहा, "उन्हें पाकिस्तान या उसके भाड़े के एजेंटों से कोई डर नहीं है. वो भगवान शिव के आह्वान पर यात्रा कर रहे हैं और उन्हीं की कृपा में सुरक्षित महसूस करते हैं."

इस साल की अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है, क्योंकि यह 22 अप्रैल के कायरतापूर्ण हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम में कथित तौर पर धर्म देखकर 26 पर्यटकों की हत्या की थी.

यात्रा के लिए की गई है पांच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

फिलहाल यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है. सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं.

Advertisement

दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी शिविर और जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक का पूरा मार्ग सुरक्षाबलों की ओर से सुरक्षित है.

बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक पहुंचे के हैं दो रास्ते
तीर्थयात्री बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक दो रास्तों से पहुंचते हैं, जिसमें एक पारंपरिक पहलगाम मार्ग है और दूसरा छोटा, लेकिन कठिन बालटाल मार्ग है.

पहलगाम रूट पर गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरणी से गुजरना पड़ता है, जिसमें कुल 46 किमी की दूरी तय करनी होती है.

यह भी पढ़ें

बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा करने के बाद उसी दिन बेस कैंप वापस लौटना पड़ता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें