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हरियाणा में कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु घटी, अब इस उम्र में होंगे रिटायर

Haryana: अब ऐसे कर्मचारियों की सेवा 60 साल की बजाय 58 साल में समाप्त हो जाएगी. यह बदलाव हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) संशोधन नियम, 2026 के तहत लागू किया गया है और वित्त विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी है.

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05 Feb 2026
( Updated: 05 Feb 2026
08:17 AM )
हरियाणा में कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु घटी, अब इस उम्र में होंगे रिटायर
Image Source: Social Media
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Haryana: हरियाणा सरकार ने दिव्यांग और दृष्टिबाधित कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट की आयु में बड़ा बदलाव किया है. अब ऐसे कर्मचारियों की सेवा 60 साल की बजाय 58 साल में समाप्त हो जाएगी. यह बदलाव हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) संशोधन नियम, 2026 के तहत लागू किया गया है और वित्त विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी है.

कौन होगा इस नियम के दायरे में

नए नियम के अनुसार, जिन दिव्यांग और दृष्टिबाधित कर्मचारियों की कम से कम 70% या उससे अधिक विकलांगता है, उन्हें 58 वर्ष की आयु में रिटायर किया जाएगा. वहीं, ग्रुप-डी के कर्मचारी और न्यायिक अधिकारी अब भी 60 वर्ष की आयु में रिटायर होंगे, यानी उनके लिए कोई बदलाव नहीं होगा.

ध्यान देने वाली बात यह है कि एक आंख वाले कर्मचारी को “अंधा” या दिव्यांग व्यक्ति नहीं माना जाएगा. लेकिन अन्य दृष्टिबाधित कर्मचारियों पर यह नियम लागू होगा. यह बदलाव तत्काल प्रभाव से सभी विभागों में लागू कर दिया गया है और संबंधित विभागों को इसकी सूचना भेज दी गई है.

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सेवा विस्तार का प्रावधान समाप्त

पुराने नियम के तहत, अगर कोई कर्मचारी सेवा के दौरान विकलांग हो जाता था, तो उसे 58 साल की आयु तक सेवा विस्तार का लाभ मिल सकता था. नए नियम के अनुसार यह सुविधा अब नहीं रहेगी.

यदि किसी कर्मचारी की विकलांगता सेवा के दौरान होती है, तो उसे 58 साल से तीन महीने पहले अपने विभागाध्यक्ष को सूचित करना होगा. इसके बाद रोहतक स्थित पीजीआईएमएस के चिकित्सा बोर्ड द्वारा उनकी जांच की जाएगी. बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद ही नियुक्ति प्राधिकारी निर्णय लेंगे कि 58 साल से अधिक सेवा अवधि दी जा सकती है या नहीं.

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री-एम्प्लॉयमेंट के नियम भी बदले

हरियाणा सरकार ने छह महीने पहले ही रिटायरमेंट के बाद सरकारी कर्मचारियों के री-एम्प्लॉयमेंट के नियम संशोधित किए थे. अब नियम है कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही 58 साल की उम्र के बाद दो वर्ष तक पुनः नियुक्ति दी जा सकती है.

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इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को पत्र जारी कर इस नए नियम के पालन की सूचना दी है.

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