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मध्य प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट, युवाओं, किसानों और महिलाओं पर खास फोकस, 4.65 लाख करोड़ की विकास रूपरेखा

राज्य के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए जगदीश देवड़ा ने कहा कि लोक निर्माण से लोक कल्याण की दिशा में प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है. अधोसंरचना के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण विकास के लिए हाइब्रिड अन्युटी मॉडल को अपनाया गया है.

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18 Feb 2026
( Updated: 18 Feb 2026
10:05 AM )
मध्य प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट, युवाओं, किसानों और महिलाओं पर खास फोकस, 4.65 लाख करोड़ की विकास रूपरेखा
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मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया. यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है. इस बजट में युवा, किसान और महिलाओं पर खास फोकस किया गया है. 

राज्य विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को वित्त मंत्री देवड़ा ने 4.65 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया. इस बजट में प्रदेश की जनता पर किसी भी तरह का कर अधिरोधित नहीं किया गया है. 

युवाओं के लिए बड़े अवसर

राज्य की लगभग 28 प्रतिशत आबादी 15 से 29 वर्ष की है, और अगर 15 से 59 वर्ष तक की आयु को देखें, तो वह जनसंख्या का 62 फीसदी हिस्सा है.

राज्य में युवाओं को रोजगार और नौकरी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं. राज्य पुलिस विभाग में 22,500 भर्तियां की जाएंगी. इसी तरह आंगनवाड़ी में भी 19,000 भर्ती प्रस्तावित है. इसी तरह बेहतर शिक्षा के साथ रोजगार मेलों का भी आयोजन किया जा रहा है. इनके जरिए युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं.

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किसानों के लिए ‘किसान कल्याण वर्ष’ 2026

राज्य में किसानों के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रदेश कृषि उत्पादन और किसान कल्याण के स्वर्ण युग की ओर अग्रसर है. किसानों की समृद्धि के लिए 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया गया है. यह सरकारी एजेंडा नहीं, बल्कि हकीकत में बदलने का संकल्प है. राज्य ने संतरा, टमाटर, धनिया और लहसुन उत्पादन में देश में प्रथम स्थान बनाया है. सब्जियों और फूल उत्पादन में देश में मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है. 

प्रदेश में 213 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 670 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है. प्रदेश में खाद्यान्न की कुल भंडारण क्षमता 431 लाख 24,000 टन है, जो देश में सर्वाधिक है. इसके साथ ही राज्य सरकार किसानों के लिए कृषि उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन आदि को मूल्य संवर्धन से जोड़कर रोजगार के व्यापक अवसर सृजित कर रही है. प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि अंतर्गत किसान परिवारों को 6,000 रुपए प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, वहीं राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत 6,000 रुपए प्रति वर्ष दे रही है. इस तरह कुल 12 हजार रुपए प्रति वर्ष दिए जा रहे हैं. राज्य सरकार जैविक और प्राकृतिक कृषि को प्राथमिकता दे रही है.

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गरीब कल्याण के लिए किए जा रहे सरकार के कामों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अल्प आय एवं समाज की मुख्य धारा से पिछड़े हुए वर्ग के लिए बजट प्रावधान को एक शासकीय प्रक्रिया तक सीमित नहीं मानती, बल्कि इस वर्ग के समग्र कल्याण, उत्थान व समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सेवा भाव के साथ कार्य कर रही है. राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 21 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति तथा 16 प्रतिशत अनुसूचित जाति वर्ग है.

महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर

वित्त मंत्री ने बताया कि महिला सशक्तीकरण के लिए कई प्रभावशाली नीतियां और योजनाएं लागू की गई हैं. महिला स्व सहायता समूह, शासकीय सेवा एवं जनप्रतिनिधियों के रूप में भूमिका तथा पेट्रोल पंप जैसे पुरुष प्रधान व्यवसाय में प्रतिनिधित्व, खेती किसानी, पुलिस व अन्य अर्ध सैनिक बलों में बढ़ती भागीदारी तथा खेलों में प्रदर्शन इसके प्रमाण हैं. बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, विवाह तक के लिए प्रदेश में वर्ष 2007 से लागू लाडली लक्ष्मी योजना को अधिक परिणाम मूलक स्वरूप देकर वर्ष 2022-23 में लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 लागू की गई. इसी तरह लाडली बहना योजना में एक करोड़ 25 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं. इन्हें 1,500 रुपए प्रतिमाह दिया जा रहा है. इस योजना के लिए 23 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि प्रस्तावित है. वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना से अब तक 51 लाख 76 हजार हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है.

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राज्य के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए जगदीश देवड़ा ने कहा कि लोक निर्माण से लोक कल्याण की दिशा में प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है. अधोसंरचना के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण विकास के लिए हाइब्रिड अन्युटी मॉडल को अपनाया गया है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में लगभग 1,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 7,000 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य पूर्ण होगा. इसके अलावा क्षतिग्रस्त पुलों के निर्माण की योजना भी बनाई गई है. राज्य में हर घर नल के संकल्प के साथ ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

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