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शिवसेना (UBT) क्या भूल गई बाल ठाकरे के साथ कांग्रेस ने क्या किया था ?

मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए हल्ला मचा रहे विरोधी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने भी मोदी सरकार को घेरा, क्या भूल गए बाल ठाकरे के साथ कांग्रेस ने क्या किया था ?

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30 Dec 2024
( Updated: 06 Dec 2025
03:37 AM )
शिवसेना (UBT) क्या भूल गई बाल ठाकरे के साथ कांग्रेस ने क्या किया था ?
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देश के दो बार प्रधानमंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ मनमोहन सिंह अब हमारे बीच नहीं रहें, 26 दिसंबर को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया, जिसके बाद सिर्फ़ उनकी यादें हैं, लेकिन अभी चिता की राख ठंडी भी नहीं हुई कांग्रेस सहित सभी बीजेपी विरोधी मनमोहन सिंह के स्मारक के नाम पर गंदी राजनीति पर उतारु हो गए, इसी राजनीति में उद्धव ठाकरे की शिवसेना भी कूद पड़ी और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोल दिया, शिवसेना UBT की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक ट्वीट करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने लिखा " प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट के पास डॉ. एमएमएस के निधन पर दुख व्यक्त करने के लिए शब्द हो सकते हैं, लेकिन उनके खिलाफ उनके शब्द और कार्रवाई को कभी नहीं भुलाया जाएगा, निंदा, शर्मनाक आरोप, चरित्र हनन और एक महान व्यक्ति का अपमान, बाकी वो जो कहेंगे वह केवल पाखंड होगा, इतिहास निश्चित रूप से उनके आचरण के आधार पर उनका मूल्यांकन करेगा"


मनमोहन सिंह के स्मारक विवाद के बीच प्रियंका चतुर्वेदी शायद ये लिखते हुए 2012 में कांग्रेस की उस गंदी राजनीति को भूल गई, जब इसी कांग्रेस ने बाल ठाकरे का अपमान किया था वो भी निधन के बाद, साल 2012 केंद्र और महाराष्ट्र की कांग्रेस सत्ता थी, महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार ने शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे का स्मारक शिवाजी पार्क में नहीं बनने दिया था, यहां तक कि वह तो बालासाहेब की अंतिम यात्रा को राजकीय सम्मान भी नहीं देना चाहते थे, बहुत बवाल के बाद बाल ठाकरे को राजकीय सम्मान मिला था ।

17 नवंबर, 2012 को बाल ठाकरे का निधन हुआ था, इसके बाद पूरा मुंबई बंद हो गया था, उनके अंतिम संस्कार को लेकर शिवसेना चाहती थी, शिवाजी पार्क में ही क्रियाक्रम हो, क्योंकि शिवाजी पार्क से बाल ठाकरे के सामाजिक, राजनीति जीवन का गहरा नाता रहा था, ऐसे में शिवसेना चाहती थी कि उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में पूरे राजनीतिक सम्मान के साथ हो, लेकिन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण उन्हें राजकीय सम्मान देने के लिए तैयार नहीं थे, जिसके बाद शिवसेना ने धमकी दे डाली थी और ऐलान किया था कि यदि ठाकरे का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ न हुआ तो वे उनका शव शिवाजी पार्क में ले जाकर रख देंगे, जिसके बाद कांग्रेस ख़ौफ़ में आई और शिवाजी पार्क में ही पूरे राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के अंतिम संस्कार की अनुमति देनी पड़ी थी, लेकिन स्मारक फिर भी नहीं बनवाया गया था, शिवसेना ने अपनी ज़िद पर अंतिम संस्कार के बाद वहां से थोड़े कदमों की दूरी पर समाधि बना दी थी, ये वो जगह थी जहां शिवसेना की ऐतिहासिक दशहरा रैली का मंच लगता था, और उसी मंच से शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे करीब 50 साल से भाषण देते आ रहे थे।

कांग्रेस की उसी गंदी राजनीति पर बात करते हुए उस वक़्त के शिवसेना के हिंदी मुखपत्र दोपहर का सामना के कार्यकारी संपादक रहे बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ल बताते हैं कि "ठाकरे परिवार उस समाधि स्थल के निकट ही बालासाहेब का स्मारक भी बनवाना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने बात नहीं मानी, सरकार में शामिल एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि बालासाहेब का स्मारक बनाना है तो शिवाजी पार्क से दूर मातोश्री क्लब में बना ले शिवसेना"

लेकिन शिवसेना की ज़िद थी कि बाल ठाकरे का स्मारक शिवाजी पार्क में ही बने, साल भर तक लड़ाई चलती रही, बाला ठाकरे की पहली पुण्यतिथि तक भी कांग्रेस ने शिवसेना की बात नहीं मानी, ना ही कहीं और कोई जगह स्मारक के लिए दिया, यहां तक कि वहां बनी समाधि को पक्का किए जाने पर उसे तोड़ने की चेतावनी भी कांग्रेस सरकार की तरफ़ से दे दी गई थी।

लेकिन आज उद्धव ठाकरे की शिवसेना शायद कांग्रेस के प्यार में बाल ठाकरे का अपमान भूल गई है, और मोदी सरकार पर निशाना साध रही है, वहीं जब कांग्रेस की सत्ता 2014 में गई, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस बने तो बाला साहेब ठाकरे को सम्मान दिया, 2014 में देवेंद्र फडणवीस ने बाल साहेब का स्मारक बनवाया, 2014 में बाल ठाकरे की दूसरी पुण्यतिथि पर उनके स्मारक के लिए शिवाजी पार्क के बिल्कुल क़रीब मेयर बंगलो अलॉट कर दिया, मतलब जिस कांग्रेस ने कभी तत्कालीन पीएम पीवा नरसिम्हा राव का अपमान किया, जीते-जी डॉ मनमोहन सिंह का अपमान किया, बाल ठाकरे का अपमान किया और उनके स्मारक के लिए जगह नहीं वो कांग्रेस आज बीजेपी पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए स्मारक न बनवाने का आरोप लगा रही है, जबकि सच ये है कि, मोदी सरकार ने एलान कर दिया है कि डॉ मनमोहन सिंह का स्मारक बनेगा वो भी दिल्ली भी, लेकिन शिवसेना UBT शायद बाल ठाकरे का अपमान भूल गई और कांग्रेस के प्यार में उसके हर गुनाह माफ़ कर रही है। 

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