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परीक्षा पे चर्चा 2026: सीएम धामी ने छात्रों को दिया आत्मविश्वास का मंत्र, कहा-परीक्षा जीवन नहीं, जीवन का एक पड़ाव है

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ने तथा परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर सकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया.

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06 Feb 2026
( Updated: 06 Feb 2026
08:56 AM )
परीक्षा पे चर्चा 2026: सीएम धामी ने छात्रों को दिया आत्मविश्वास का मंत्र, कहा-परीक्षा जीवन नहीं, जीवन का एक पड़ाव है
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेशविला रोड स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' के नौवें संस्करण से जुड़ा है. यह आयोजन अब केवल संवाद नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है. पीएम मोदी का संदेश हमें यह सिखाता है कि परीक्षा जीवन की एक कड़ी हो सकती है, लेकिन संपूर्ण जीवन नहीं.

स्कूली जीवन के अनुभव साझा किए 

सीएम धामी ने अपने स्कूली जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता. इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी निरंतर प्रतिभाग करना चाहिए. परीक्षा एक अवसर है, जिसमें छात्र एक योद्धा की तरह पूरे आत्मविश्वास, धैर्य और शांति के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं. केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही काबिलियत नहीं, जीवन में और भी अनेक लक्ष्य होते हैं.

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सकारात्मक सोच और लक्ष्य निर्धारण पर जोर

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ने तथा परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर सकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया. साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी तुलना दूसरों से न करें.

सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश

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इसके साथ सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों को नई सोच, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है. प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सपने देखना आवश्यक है, लेकिन जीवन में कर्म को प्रधान बनाना ही सफलता की कुंजी है. परीक्षा को सजा नहीं बल्कि स्वयं को परखने का अवसर बताते हुए उन्होंने छात्रों के मन से डर दूर किया. साथ ही उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं को प्राथमिकता देने, सिलेबस को गहराई से आत्मसात करने और कॉन्सेप्ट आधारित अध्ययन पर बल दिया. ‘एग्जाम वॉरियर’ पुस्तक के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों ने बताया कि कैसे इससे उन्हें परीक्षा की तैयारी और तनाव प्रबंधन में सहायता मिली. प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों से सीधा संवाद न केवल प्रेरणादायक रहा बल्कि शिक्षा और जीवन दोनों के प्रति सकारात्मक, संतुलित दृष्टिकोण देने वाला सिद्ध हुआ.''

'परीक्षा पे चर्चा 2026' के अंतर्गत देशभर में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीकरण कराया, जिससे पूर्व का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी टूटने जा रहा है. उत्तराखंड राज्य से इस वर्ष लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक एवं 14 हजार से अधिक अभिभावक जुड़े हैं, जबकि गत वर्ष यह संख्या 2 लाख 98 हजार विद्यार्थियों तक सीमित थी.

रुद्रप्रयाग के छात्र का राष्ट्रीय चयन

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राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है, जो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली, विकासखंड जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा तैयार किया गया है. रोहन सिंह राणा को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दिल्ली आमंत्रित किया गया, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है.

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