×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

अब सिर्फ स्कूलों में PTM Meeting में नंबर नहीं, बच्चों के व्यवहार और सेहत की भी बनेगी रिपोर्ट, हरियाणा सरकार का नया कदम

Haryana: इस बार सभी सरकारी स्कूलों की कोशिश है कि स्कूल, बच्चे और माता -पिता, तीनों के बीच एक जुड़ाव बने. सरकार और शिक्षा विभाग इसे सिर्फ एक मीटिंग नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का एक मौका मान रहे हैं.

Author
30 Mar 2026
( Updated: 30 Mar 2026
10:31 AM )
अब सिर्फ स्कूलों में PTM Meeting में नंबर नहीं, बच्चों के व्यवहार और सेहत की भी बनेगी रिपोर्ट, हरियाणा सरकार का नया कदम
Image Source: Social Media
Advertisement

Haryana School PTM Meeting: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में इस बार 1 अप्रैल सिर्फ एक तारीख नहीं रहने वाली है, बल्कि एक नई शुरुआत का दिन होने वाला  है ,'Mega PTM' के नाम से होने वाली ये बैठक पहले जैसी पैरेंट -टीचर मीटिंग नहीं होगी, जहां बस रिपोर्ट कार्ड लिया और टीचर की खरी -खोटी सुनी और फिर घर आ गए. इस बार सभी सरकारी स्कूलों की कोशिश है कि स्कूल, बच्चे और माता -पिता, तीनों के बीच एक जुड़ाव बने. सरकार और शिक्षा विभाग इसे सिर्फ एक मीटिंग नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का एक मौका मान रहे हैं. यहां बता सिर्फ पढाई की नहीं, बल्कि बच्चे की पूरी पर्सनैलिटी की होगी, वो कैसा सोचता हैं, कैसा व्यवहार करता हैं और किस दिशा में आगे बढ़ रहा हैं.

अब सिर्फ नंबर नहीं, बच्चों के व्यवहार और सेहत की भी बनेगी रिपोर्ट

अब तक हम सबने यही देखा है कि बच्चों की काबिलियत उनके मार्क्स से तय होती थी, किसे 90% आया, किसे कम. लेकिन इस बार जो “होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड” लाया जा रहा है, वो इस सोच को बदलने की कोशिश है.

Advertisement

इस नए कार्ड में सिर्फ मैथ्स या साइंस के नंबर नहीं होंगे, बल्कि ये भी बताया जाएगा कि बच्चा बोलने में कैसा है, दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है, उसका आत्मविश्वास कितना है और वो खेल, कला या अन्य गतिविधियों में कितना एक्टिव है. अब बच्चा सिर्फ अच्छा स्टूडेंट नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने की दिशा में देखा जाएगा.

माता-पिता भी निभाएंगे अहम रोल

इस मेगा PTM की सबसे खास बात ये है कि इसमें माता-पिता को सिर्फ सुनने के लिए नहीं बुलाया जा रहा, बल्कि उन्हें इस सफर का हिस्सा बनाया जा रहा है. टीचर खुलकर बताएंगे कि बच्चे की ताकत क्या है और कहां उसे थोड़ा और सहारे की जरूरत है. और पहली बार अभिभावकों को एक गाइडबुक भी दी जाएगी, जिसमें आसान तरीकों से समझाया जाएगा कि घर पर बच्चे की पढ़ाई और मानसिक विकास में कैसे मदद की जा सकती है. यानी अब पढ़ाई सिर्फ स्कूल की जिम्मेदारी नहीं रहेगी, घर भी उतना ही अहम बन जाएगा.

स्कूलों पर भी रहेगी नजर, फीडबैक से होगा सुधार

यह भी पढ़ें

इस बार सरकार ने इस पूरे कार्यक्रम को बहुत गंभीरता से लिया है. सिर्फ टीचर ही नहीं, बल्कि बड़े अधिकारी भी अलग-अलग स्कूलों में जाकर देखेंगे कि सब कुछ सही तरीके से हो रहा है या नहीं. अभिभावकों से फीडबैक लेना भी जरूरी किया गया है, ताकि ये समझा जा सके कि जमीन पर क्या सही चल रहा है और कहां सुधार की जरूरत है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें