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भारत का सख्त रुख देख ट्रंप की अकड़ पड़ी ढीली, कहा- महान प्रधानमंत्री हैं मेरे दोस्त मोदी; चीन वाले बयान से भी पलटे

भारत के साथ रिश्तों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप डैमेज कंट्रोल करते दिखे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना खास दोस्त बताया और कहा कि भारत-अमेरिका का रिश्ता बहुत खास है. हालांकि उन्होंने मोदी की कुछ नीतियों से असहमति भी जताई.

भारत का सख्त रुख देख ट्रंप की अकड़ पड़ी ढीली, कहा- महान प्रधानमंत्री हैं मेरे दोस्त मोदी; चीन वाले बयान से भी पलटे
Source: X/ ANI
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं. अपने बयानों और कुछ सख्त कदमों से भारत के साथ रिश्तों में खटास पैदा करने वाले ट्रंप अब डैमेज कंट्रोल करते दिखाई दे रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि वह हमेशा पीएम मोदी के दोस्त रहेंगे और भारत-अमेरिका का रिश्ता उनके लिए बेहद खास है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में उनके कुछ कमेंट्स ने भारत की ओर से नाराजगी पैदा की थी. उन्होंने यहां तक लिख दिया था कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है. लेकिन अब ट्रंप ने साफ कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं है.

मोदी महान प्रधानमंत्री: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महान नेता बताते हुए कहा, “मैं हमेशा पीएम मोदी का दोस्त रहूंगा. वह एक महान प्रधानमंत्री हैं. लेकिन मुझे इस समय उनकी कुछ नीतियां पसंद नहीं हैं. हालांकि भारत और अमेरिका का रिश्ता बहुत खास है और इसमें चिंता की कोई बात नहीं है. कभी-कभी ऐसे पल आते हैं.” ट्रंप के इस बयान से साफ है कि वह भारत के साथ बने रिश्तों को लेकर अब बैकफुट पर आना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तों को लेकर किसी तरह की आशंका नहीं होनी चाहिए.

रूस-भारत रिश्तों पर जताई नाराजगी

इसके अलावा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दिए गए बयान को लेकर भी सफाई देते हुए लिखा था कि “अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है.” इस पर उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता ऐसा हुआ है. हां, मैं निराश जरूर हूं कि भारत रूस से इतना तेल खरीद रहा है/ मैंने उन्हें यह स्पष्ट कर दिया है. हमने भारत पर 50% का बहुत बड़ा टैरिफ लगाया है. लेकिन जैसा कि आप जानते हैं, मेरा मोदी से अच्छा तालमेल है. वह कुछ महीने पहले यहां आए थे, हमने रोज गार्डन में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी.”

ट्रंप को भारत का जवाब

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ट्रंप के सोशल मीडिया ट्रूथ पर दिए गए बयान पर भारत की ओर से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच का रिश्ता हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है, दोनों देशों की साझेदारी साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत जनसंपर्क पर आधारित है. यह साझेदारी कई चुनौतियों और बदलावों से गुजरी है और और भी मजबूत हुई है.” जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत उन ठोस मुद्दों पर फोकस कर रहा है जिन पर दोनों देशों ने सहमति जताई है. उन्होंने भरोसा जताया कि भारत-अमेरिका संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर आगे बढ़ते रहेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापारिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत जारी है.

क्यों अहम है यह रिश्ता

भारत और अमेरिका के रिश्ते सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं हैं बल्कि यह पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति को प्रभावित करते हैं. सुरक्षा, व्यापार, तकनीक और रक्षा सहयोग इन रिश्तों के चार अहम स्तंभ हैं. अमेरिका के लिए भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक साथी है, वहीं भारत के लिए अमेरिका सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी और रक्षा सहयोगी बन चुका है. पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच व्यापार नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है. रक्षा क्षेत्र में कई अहम समझौते हुए हैं. क्वाड जैसे मंचों पर दोनों देश मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे का संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 

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ऐसे में ट्रंप का बयान यह संदेश देता है कि व्यापारिक मतभेदों के बावजूद रिश्तों की बुनियाद कमजोर नहीं होगी. लेकिन उन्हें यह भी समझना होगा की भारत-अमेरिका के रिश्ते तभी बेहतर होंगे जब वो अपनी नीतियों में बदलाव करेंगे. 

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