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चीनी हथियारों के दम पर उड़ रहा था पाकिस्तान, अपने हथियारों के नाकाम होने पर कुछ नहीं बोल पाए चीनी सेना के प्रवक्ता, देने लगे डिप्लोमेसी पर ज्ञान!

ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान द्वारा चीन निर्मित PL-15E से भारत पर हमला किया गया, जो फेल गया. इस दौरान भारत की सेना ने इस मिसाइल को अपने हवाले कर लिया है. मिसाइल के नाकाम हुए हथियार पर अब चीन की प्रतिक्रिया सामने आई है.

चीनी हथियारों के दम पर उड़ रहा था पाकिस्तान, अपने हथियारों के नाकाम होने पर कुछ नहीं बोल पाए चीनी सेना के प्रवक्ता, देने लगे डिप्लोमेसी पर ज्ञान!
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पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच लगभग चार दिनों तक सैन्य संघर्ष देखने को मिला. इस दौरान बौखलाई पाकिस्तान की सेना ने भारत के कई शहरों को निशाना बनाने के लिए चीन से मिले हथियारों और मिसाइलों का इस्तेमाल किया. लेकिन आम चर्चा में जैसा कहा जाता है कि “चीन का माल टिकाऊ नहीं होता” ठीक इसी प्रकार चीन के जिन मिसाइलों का पाकिस्तान ने इस्तेमाल किया उनमें से तो कुछ टारगेट पर पहुंचकर फुस्स हो गए और फटे ही नहीं. इनमें चीन का PL-15E रडार संचालित बियॉन्ड विजुअल रेंज का मिसाइल भी है जो भारत के तकनीक के आगे टिक नहीं सका. 

चीन ने दिया डिप्लोमेसी पर ज्ञान 
दरअसल, भारत और पाकिस्तान सेना के बीच चले संघर्ष के दौरान पाकिस्तान महज चार दिन के भीतर इसलिए घुटनों पर आ गया, क्योंकि वो चीन के जिन हथियारों के बल पर दम भर रहा था. जो भारत की सैन्य ताकत के आगे लगातार नाकाम साबित हो रहे थे. पाकिस्तान द्वारा चीन निर्मित PL-15E से भारत पर हमला किया गया, जो फेल गया. इस दौरान भारत की सेना ने इस मिसाइल को अपने हवाले कर लिया है. लेकिन अंतरष्ट्रीय संबंधो में भारत के प्रति जलन की भावना रखने वाले चीन को यह बात बिल्कुल हजम नहीं हो रही है कि उसका सुपर ब्रांड मिसाइल भारत के आगे फेल हो गया. जबकि भारत स्वदेशी तकनीक और रूस के S-400 एयर डिफ़ेंस सिस्टम के बदौलत चीन के कथित सुपर ब्रांड मिसाइल की हवा निकाल दी. जिसका चीन के पास जवाब नहीं बन पा रहा जो दिया जा सकें. इस बीच जब चीन की सेना से भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान चीन निर्मित हथियारों के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो वो इधर-उधर की बात करने लगे. चीन के प्रवक्ता को कुछ नहीं समझ आया तो डिप्लोमेसी पर ज्ञान देने लगे. उन्होंने कहा “भारत और पाकिस्तान पड़ोसी देश है, जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता. हम आशा करते है कि दोनों देश शांतिपूर्ण बनाए रखेंगे और स्थिति को जटिल बनाने से बचेंगे.” 

चीन ने दी हास्यास्पद प्रतिक्रिया
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल झांग जियाओगांग से जब पत्रकार वार्ता के दौरान जब PL-15E मिसाइल के बारे जब यह पूछा गया कि इसे चीन अपना सबसे एडवांस मिसाइल बताता है, लेकिन जब पाकिस्तान ने इसका इस्तेमाल किया तो ये काम ही नहीं किया. इसे भारतीय सेना ने पूरा साबूत बरामद किया है. इसका इस्तेमाल पाकिस्तान ने 9 मई 2025 को किया था. इस पर चीनी सेना के प्रवक्ता ने सिर्फ इतना कहा, “आपने जिस मिसाइल की बता की है वो एक निर्यात किया जाने वाला हथियार है और इसे कई बार देश-विदेश में रक्षा प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया जा चुका है.” लेकिन वो इस बात को साफ नहीं कर पाए कि उनके देश का उच्च कोटि का मिसाइल जरूरत पर क्यों नहीं फटा?

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PL-15E को लेकर चीन ने किया था बड़ा दावा
चीन की सेना ने कई बार PL-15E को लंबी दूरी तक निर्णायक तरीके से हवा से हवा में मार करने वाले उन्नत मिसाइल बताया है. इस मिसाइल को चीन के 607 इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है और इसे चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (CASIC) बनाती है. इस मिसाइल को लेकर चीन दावा करता है कि ये सक्रिय रडार-निर्देशित है, जिसमें डुअल-पल्स सॉलिड-प्रोपेलेंट रॉकेट मोटर है, जिससे यह Mach 5 से अधिक गति और 145 किमी तक की रेंज देता है. पाकिस्तान ने इस मिसाइल को लड़ाकू विमान JF-17 ब्लॉक III और J-10CE पर तैनात किया है. वही भारत पर हमला करते वक़्त इसे J-10C पर लगाया था. लेकिन यह चाइनीज मिसाइल हमले के दौरान फटा तक नहीं. मिसाइल को लेकर चीन दावा करता है कि AESA रडार और टू-वे डेटालिंक इसे सटीक और मिस-कोर्स अपडेट मतलब लॉन्चिंग करने के बाद भी बदलाव किए जाने लायक़ होते है. जिससे चीन के दावों को लेकर किरकिरी हो रही है.

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शांति का ज्ञान दे रहा चीन 
महीने में एक बार प्रेसवार्ता करने वाली चीन की सेना के प्रवक्ता कर्नल झांग ने कहा “चीनी पक्ष एक व्यापक और स्थायी युद्धविराम प्राप्त करने और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता को बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका जारी रखने के लिए तैयार है. वही भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष पर चीनी एक्स्पर्ट और थिंक टैंक बारीकी से नजर बनाए हुए है. इसके पीछे की वजह है कि पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने के लिए चीन के हथियार का सर्वाधिक इस्तेमाल किया था. इसके अलावा चीन निर्मित मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी भारत के मिसाइल हमलों को रोकने में नाकाम साबित हुए है. भारत ने पाकिस्तान के 9 एयरबेस को तबाह किया था. 

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