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पुणे मेट्रो कोच में शख्स ने बजाई बांसुरी, नन्हें बच्चे ने दी ताल... वीडियो में दिखा दिल छू लेने वाला 'डुएट' पल

पुणे मेट्रो में शख्स ने जैसे ही बांसुरी बजानी शुरू की, नन्हें बच्चे ने ऐसा किया कि पूरा कोच मुस्कुरा उठा. देखिए दिल को छू लेने वाला वीडियो!

पुणे मेट्रो कोच में शख्स ने बजाई बांसुरी, नन्हें बच्चे ने दी ताल... वीडियो में दिखा दिल छू लेने वाला 'डुएट' पल
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टनीष्क घोडके नामक एक व्यक्ति ने पुणे मेट्रो कोच में बांसुरी बजाते हुए “लिटिल कृष्णा” की मशहूर धुन पेश की. जैसे ही वह सुर बिखेर रहा था, उसकी धुन ने वहाँ यात्रा कर रहे एक नन्हें बच्चे का ध्यान खींचा. बच्चा मां की गोद से उतरकर बांसुरी वादक की ओर गया और उनकी बांसुरी के केस पर हाथ से ताल मिलाने लगा एक बिना ट्रेनिंग का मासूम संगीत.
 
वायरल हो गया भावुक वीडियो
 
वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हुआ और अब तक लगभग 9 लाख व्यूज दर्ज कर चुका है. यूज़र्स ने बच्चा और संगीतकार की जुगलबंदी की खूब तारीफ की. एक यूज़र ने उसे ‘Little Krishna’ कहा, वहीं दूसरे ने बच्चे की मासूम अदाओं को बेहद खास बताया. कमेंट सेक्शन में दिल वाले इमोजी की भरमार रही.  
 
सोशल मीडिया पर छाया मासूमियत और संगीत का संगम
 
इस वीडियो को बांसुरी वादक टनीष्क घोडके ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया और लिखा – “One of the sweetest moments of my life.” वीडियो देखते ही लोगों ने दिल वाले इमोजी और प्यार भरे कमेंट्स की बौछार कर दी. 
 
 
लोगों की प्रतिक्रिया
  • एक यूज़र ने लिखा – “यह बच्चा तो असली लिटिल कृष्णा लग रहा है, बांसुरी के साथ इसका ताल मिलाना बहुत क्यूट है.”
  • दूसरे ने कहा – “आजकल मेट्रो में सिर्फ भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन इस वीडियो ने दिल खुश कर दिया.”
  • किसी ने लिखा – “कितना प्यारा पल है, काश ऐसे और भी नजारे रोज़ देखने को मिलें.”
  • कई लोगों ने इस वीडियो को शांति और पॉज़िटिविटी का प्रतीक बताया.
  • एक फैन ने लिखा – “बचपन में देखा कार्टून ‘लिटिल कृष्णा’ याद आ गया. ये बच्चा बिल्कुल वही वाइब दे रहा है.”
  • वहीं कुछ ने इसे “संगीत की जादुई ताकत, जो पीढ़ियों को जोड़ देती है” करार दिया.
क्यों बना यह पल इतना खास?
  • बचपन की यादें जिंदा हो गईं: “लिटिल कृष्णा” का वह लोकप्रिय कार्टून श्रृंखला, जिसकी बांसुरी की धुन अतीत में कई बच्चों के लिए सांगीतिक आनंद का स्रोत थी, एक बार फिर भावनात्मकता की लहर लायी.
  • संगीत और मासूमियत का जादू: इस नन्हें बच्चे का सुर में शामिल होना दर्शाता है कि संगीत बिना शब्दों के भी दिलों को जोड़ता है.
  • आध्यात्मिक प्रतीक: हिन्दू धर्म में, कृष्ण की बांसुरी को दिव्य प्रेम और आत्मा की गहराई से जोड़ा जाता है. यह भोला–भाला मिलना उसी प्रेम की प्रतिध्वनि बन गया.  
यह वायरल वीडियो सिर्फ एक मीठा संगीत क्षण नहीं, बल्कि उस सौंदर्य और सरलता की याद दिलाता है जो संगीत का सार्वभौमिक आकर्षण है. मेट्रो के इस अनुकरणीय क्षण ने एक आम यात्रा को खास बना दिया, जहाँ बांसुरी की मधुर तान और एक बच्चे की मासूम ताल ने एक अनोखी कहानी बुनी.

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