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दुनिया की सबसे गर्म जगह जहां पारा पहुंचा 57°C, नाम जानकर चौंक जाएंगे!

गर्मी का मौसम आते ही जब भारत जैसे देशों में 40 डिग्री तापमान से ही लोग परेशान हो जाते हैं, तब सोचिए उस जगह के बारे में जहां पारा सीधे 57 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ये स्थान ना भारत में है, ना दुबई या पाकिस्तान में, बल्कि अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में स्थित है — जिसे Death Valley कहा जाता है।

दुनिया की सबसे गर्म जगह जहां पारा पहुंचा 57°C, नाम जानकर चौंक जाएंगे!
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गर्मी का मौसम जैसे ही नज़दीक आता है, भारत के उत्तर भागों से लेकर दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक तापमान 40 डिग्री के पार पहुँचने लगता है. हर साल मई-जून के महीने जैसे ही आते हैं, लू के थपेड़े, चिलचिलाती धूप और तपती सड़कों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया का सबसे गर्म इलाका कहाँ है? क्या वो भारत में है? या फिर दुबई, पाकिस्तान, इराक या अफ्रीका जैसे रेगिस्तानी इलाकों में? सच तो यह है कि दुनिया का सबसे गर्म स्थान इन सभी जगहों से दूर, अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के एक वीरान, सूखे और भयावह घाटी में स्थित है जिसका नाम है ‘डेथ वैली’ (Death Valley).

मौत की घाटी, जहां धरती जलती है

कैलिफोर्निया की उत्तरी मोजावे डेज़र्ट में बसी "डेथ वैली" यानी मौत की घाटी, अपने नाम के मुताबिक़ एक डरावना और भयानक इलाका है. यह इलाका इतनी गर्मी झेलता है कि वहां की ज़मीन दिन के समय लोहे की तरह तपने लगती है. इस जगह के फ़र्नेस क्रीक नामक क्षेत्र में 10 जुलाई 1913 को तापमान 56.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब तक का दुनिया का सबसे ज़्यादा भरोसेमंद तापमान रिकॉर्ड माना जाता है. लोगों को अक्सर यह लगता है कि सऊदी अरब, दुबई, अफ्रीका या भारत के थार रेगिस्तान जैसे स्थान सबसे गर्म होंगे, लेकिन डेथ वैली ने सबको पीछे छोड़ दिया.

गर्मी की ये कहानी सिर्फ तापमान की नहीं है

डेथ वैली में इतनी ज़्यादा गर्मी क्यों पड़ती है? इसका जवाब सिर्फ सूरज की किरणें नहीं हैं, बल्कि इस घाटी की भौगोलिक बनावट है. यह इलाका समुद्र तल से 86 मीटर नीचे है, चारों ओर ऊँचे पहाड़ों से घिरा हुआ है और वहां की मिट्टी सूखी और गर्मी को सोखने वाली है. सूरज की रोशनी दिनभर ज़मीन को तपाती है और गर्म हवाएं चारों ओर घूमती रहती हैं नमी का नामो-निशान नहीं.

यह एक ऐसा इलाका है जहाँ दिन में चलना मतलब अपनी जान जोखिम में डालना. यहाँ तक कि मोबाइल या कैमरा जैसे उपकरण भी कभी-कभी अधिक गर्मी में काम करना बंद कर देते हैं.

लेकिन डेथ वैली अकेला नहीं है…

अगर आप सोचते हैं कि डेथ वैली अकेला ऐसा स्थान है तो आप गलत हैं. दुनिया में कई ऐसे इलाके हैं जहाँ तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है. उदाहरण के तौर पर, तुनिशिया का केबिली (Kebili) शहर, जिसने 1931 में 55 डिग्री सेल्सियस का तापमान झेला था. ईरान का अहवाज़, जहाँ 2017 में पारा 54 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचा. इसराइल का तिरात ज़वी, जिसने 1942 में 54 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड बनाया था. इराक का बासरा, पाकिस्तान का तुरबत, सऊदी अरब का जेद्दाह — ये सब दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में शामिल हैं. लेकिन फिर भी, डेथ वैली का 56.7°C का रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ सका.

गर्मी का असर सिर्फ पसीना और थकावट नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, जैव विविधता, खेती, जल स्रोत और स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है. डेथ वैली जैसे इलाकों में पौधे और जीव-जंतु खुद को मौसम के अनुसार ढालने के लिए अजीब तरह के अनुकूलन विकसित कर चुके हैं. वहाँ पाए जाने वाले कुछ कीड़े और सरीसृप दिन में मिट्टी के अंदर छिप जाते हैं और रात में बाहर आते हैं.

मानव जीवन वहाँ लगभग न के बराबर है, लेकिन फिर भी कुछ लोग, खासकर पर्यटक, एडवेंचर के लिए वहां जाते हैं. लेकिन प्रशासन की ओर से हर साल गर्मियों में चेतावनी जारी की जाती है कि "डेथ वैली में गर्मी को हल्के में न लें, यह वाकई आपकी जान ले सकती है."

जलवायु परिवर्तन का डरावना संकेत

गर्मी की इन घटनाओं के पीछे सिर्फ भौगोलिक स्थिति नहीं है, बल्कि यह भी ध्यान देना जरूरी है कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन ने हाल के वर्षों में इन तापमानों को और अधिक खतरनाक बना दिया है. 2016 के बाद से, कई देशों में 50 डिग्री से ऊपर तापमान लगातार रिकॉर्ड किया जा रहा है.

यह एक संकेत है कि आने वाले समय में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है. वर्ल्ड मीटिओरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) ने भी चेतावनी दी है कि अगर ग्लोबल टेम्परेचर इसी रफ्तार से बढ़ा तो डेथ वैली जैसी परिस्थितियाँ दुनिया के और हिस्सों में सामान्य हो जाएंगी.

क्या भारत भी बन सकता है ‘नई डेथ वैली’?
भारत के कुछ इलाके जैसे राजस्थान, गुजरात और विदर्भ हर साल 48-49 डिग्री तक पहुँच जाते हैं. 2019 में राजस्थान के चुरू में 50.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था. जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर हम सतर्क नहीं हुए, तो भारत के कई हिस्से भविष्य में डेथ वैली जैसी स्थिति का सामना कर सकते हैं.

दुनिया का सबसे गर्म इलाका कोई कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत है और वो है डेथ वैली, कैलिफ़ोर्निया. यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि इंसानियत के लिए एक चेतावनी है. अगर हम जलवायु को गंभीरता से नहीं लेंगे, तो कल को हर देश में एक डेथ वैली बन सकती है.

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