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Youtuber Jyoti Malhotra जासूसी के आरोप में गिरफ्तार, पाकिस्तान को भेजती थी संवेदनशील जानकारी

हरियाणा के हिसार से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रसिद्ध ट्रैवल यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. "ट्रैवल विद जो" नामक यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति, जो 3.77 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ एक लोकप्रिय चेहरा थीं, अब एक बड़े जासूसी नेटवर्क की मुख्य आरोपी बन गई हैं. इस नेटवर्क में हरियाणा और पंजाब के विभिन्न हिस्सों से कुल 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.

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17 May 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:07 AM )
Youtuber Jyoti Malhotra जासूसी के आरोप में गिरफ्तार, पाकिस्तान को भेजती थी संवेदनशील जानकारी
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हरियाणा के हिसार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया है. मशहूर यूट्यूबर और ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. सोशल मीडिया पर "Desi-Indo-Joe" नाम से अपनी पहचान बनाने वाली ज्योति पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों को भारत से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज़ और जानकारियां साझा की हैं. पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो न केवल चिंता का विषय हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा माने जा रहे हैं.

पाकिस्तान से हुई मुलाकातें और जासूसी की शुरुआत

जांच एजेंसियों के अनुसार, ज्योति मल्होत्रा ने 2023 में पाकिस्तान की यात्रा की थी. उन्होंने दावा किया कि वे एक डेलीगेशन के हिस्से के रूप में पाकिस्तान गई थीं. इसी यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश नामक व्यक्ति से हुई, जो कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़ा हुआ है. भारत लौटने के बाद भी ज्योति ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उस व्यक्ति से संपर्क बनाए रखा. पुलिस के अनुसार, उन्होंने जानबूझकर इन एजेंट्स के नंबरों को फर्जी नामों से सेव किया था ताकि शक की कोई गुंजाइश न रहे.
कुछ महीनों बाद ज्योति एक बार फिर पाकिस्तान गईं. वहां उनकी मुलाकात अली अहसान नाम के एक और व्यक्ति से हुई, जिसने उन्हें पाकिस्तानी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कुछ सदस्यों से मिलवाया. यहीं से शुरू हुआ वह सिलसिला जो अब देश के सामने एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आया है. जांच में पाया गया कि ज्योति ने न केवल इन एजेंसियों से मुलाकात की, बल्कि उन्हें भारत से संबंधित कई संवेदनशील जानकारियां भी भेजीं.

सोशल मीडिया बना जासूसी का जरिया

ज्योति मल्होत्रा अपने यूट्यूब चैनल के ज़रिए ट्रैवल ब्लॉगिंग करती थीं और कई देशों की यात्राएं करती रही हैं. लेकिन यहीं से उन्होंने एक खतरनाक खेल भी खेला. व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए वह लगातार पाकिस्तान के एजेंट्स से संपर्क में थीं. वे उन्हें भारत की सुरक्षा, रणनीति, स्थानिक जानकारी और अन्य संवेदनशील विवरण भेजती रहीं. जांचकर्ताओं का मानना है कि उन्होंने जानबूझकर इन जानकारियों को छिपाकर भेजा और खुद को निर्दोष साबित करने के लिए देशभक्त होने का दिखावा भी किया. ज्योति को पाकिस्तान की ओर से यह निर्देश भी दिए गए थे कि वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए पाकिस्तान की सकारात्मक छवि पेश करें. उनके कंटेंट का मकसद था कि भारत में पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति और समर्थन का माहौल तैयार किया जाए. यह रणनीति भारत के अंदर वैचारिक लड़ाई छेड़ने जैसी थी, जो शांति के नकाब में देश को भीतर से कमजोर करने का प्रयास मानी जा रही है. 

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन, अब क्या होगा आगे?

पुलिस ने ज्योति पर 'Official Secrets Act' के तहत मामला दर्ज किया है, जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित सबसे गंभीर कानूनों में से एक है. उनके खिलाफ जो सबूत मिले हैं, उनसे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के साथ विश्वासघात किया है.  इस जासूसी नेटवर्क में अन्य प्रमुख आरोपी पंजाब के मलेरकोटला की 32 वर्षीय विधवा गुज़ाला हैं, जिन्होंने दानिश के साथ विवाह का वादा करने वाले संबंधों में फंसकर संवेदनशील जानकारी साझा की। इसके अलावा, कैथल, हरियाणा के देविंदर सिंह ढिल्लों, जो एक सिख छात्र है, उन पर पाकिस्तान यात्रा के दौरान पटियाला छावनी की वीडियो रिकॉर्डिंग कर पाकिस्तानी अधिकारियों को भेजने का आरोप है। नूंह, हरियाणा के अरमान पर भारतीय सिम कार्ड्स की आपूर्ति, धन हस्तांतरण और पाकिस्तान खुफिया अधिकारियों के निर्देश पर डिफेंस एक्सपो 2025 में भाग लेने का आरोप है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इस केस से जुड़े कई और लिंक सामने आ सकते हैं और आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं. यह भी जांच की जा रही है कि ज्योति को इस नेटवर्क में शामिल करने वाले पाकिस्तान एजेंट्स भारत में किन-किन लोगों के संपर्क में हैं. ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लोग स्तब्ध हैं. एक तरफ लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि एक ट्रैवल व्लॉगर कैसे देश के खिलाफ जासूसी कर सकती है, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या हमारी सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के डिजिटल जासूसी नेटवर्क से निपटने के लिए पर्याप्त तैयार हैं. अब ये ज़रूरी हो गया है कि सरकार और खुफिया एजेंसियाँ सोशल मीडिया से जुड़ी गतिविधियों पर अधिक सख्ती से निगरानी रखें.

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