×
जिस पर देशकरता है भरोसा

Yogi के फैसले पर 'रोक' लगाने वाले Supreme Court के न्यायाधीश की क्यों हो रही फजीहत

Yogi सरकार के नेम प्लेट वाले आदेश पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए जहां अंतरिम रोक लगा दी तो वहीं ये फैसला देने वाले न्यायाधीशों में एक नाम जस्टिस एसवी भट्टी का भी था।जिनके एक बयान के खिलाफ अब सोशल मीडिया पर जबरदस्त बवाल मचा हुआ है

Yogi के फैसले पर 'रोक' लगाने वाले Supreme Court के न्यायाधीश की क्यों हो रही फजीहत
Advertisement

उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे योगी आदित्यनाथ ने सावन के महीने में कांवड़ लेकर निकलने वाले शिव भक्तों की सहूलियत के लिए एक आदेश जारी कर दिया कि कांवड़ रूट पर जितने भी होटल, ढाबे या ठेले वाले हैं सभी को अपनी दुकान पर खुद का नाम लिखना होगा। सरकार का ये आदेश सभी दुकानदारों के लिए था लेकिन विपक्ष ने इसे हिंदू मुसलमान का मुद्दा बना दिया और इस आदेश के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी गई। जिस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए योगी सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, तो वहीं ये फैसला देने वाले न्यायाधीशों में एक नाम जस्टिस एसवी भट्टी का भी था।जिनके एक बयान के खिलाफ अब सोशल मीडिया पर जबरदस्त बवाल मचा हुआ है।

 न्यायाधीश ने लगाई योगी के फैसले पर रोक

दरअसल योगी सरकार ने होटल, ढाबे और ठेले पर नेम प्लेट लगाने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर हुई थीं। जिस पर जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एसवी भट्टी ने सुनवाई की, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान केरल हाईकोर्ट के जज रह चुके जस्टिस एसवी भट्टी ने केरल का ही एक किस्सा सुनाते हुए कहा- 

Advertisement

जब मैं केरल में था तो मेरा अपना अनुभव और ज्ञान है, मैं खुलकर नहीं बता सकता क्योंकि मैं इस अदालत का मौजूदा न्यायाधीश हूं, शहर का नाम बताए बगैर आपको बता दूं वहां एक शाकाहारी होटल था जिसे एक हिंदू संचालित करता था और एक शाकाहारी होटल था जिसे एक मुस्लिम संचालित करता था, उस राज्य का न्यायाधीश रहने के दौरान, मैं शाकाहारी भोजन के लिए उस मुस्लिम व्यक्ति द्वारा संचालित होटल में जाता था, जहां तक खाद्य मानकों और सुरक्षा की बात है तो वह सब कुछ प्रदर्शित करता था, वह दुबई से लौटा था वह सुरक्षा, स्वच्छता और साफ-सफाई के संबंध में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर रहा था इसलिए मैं उस होटल में जाना पसंद करता था।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एसवी भट्टी ने नेम प्लेट विवाद पर सुनवाई के दौरान मुस्लिम होटल वाला किस्सा सुनाया तो,सोशल मीडिया पर इसे लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली।पत्रकार अजीत भारती ने जस्टिस भट्टी की कहानी पर तंज मारते हुए लिखा -वाह भट्टी जी! इनका व्यक्तिगत विचार पूरे विश्व के हर रेस्तरां, जो मुसलमानों द्वारा संचालित हो, का प्रतिनिधित्व करते हैं, जब ऐसे जज हों, जजमेंट भी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के ही आएंगे, चार अपवाद ले आओ, कुर्सी से बोल दो, हो गया।

मोदी समर्थक जितेंद्र सिंह ने लिखा- जस्टिस भट्टी कह रहे हैं कि मैं केरल से आता हूं और मैं जिस शहर से हूं वहां एक रेस्टोरेंट मुस्लिम का है और एक हिंदू का है, हिंदुओं के रेस्तरां घटिया और खराब स्टैंडर्ड के हैं, जबकि मुसलमान अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हैं, कॉलेजियम प्रणाली ने हमें न्यायपालिका के रत्न दिए हैं ।

एक पत्रकार ने लिखा - हो सकता है मियां लॉर्ड जी को अपने भोजन पर विशेष प्रकार के तरल पदार्थ का छिड़काव पसंद हो जो हम हिंदुओं के बस में नहीं।

Advertisement

यह भी पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने एक मुस्लिम के दुकान की तारीफ की तो सोशल मीडिया पर कुच इसी तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, तो वहीं आपको बता दें योगी सरकार के नेम प्लेट लगाने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि दुकानदारों को नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।होटल चलाने वालों को बस इसकी जानकारी देनी होगी कि भोजन शाकाहारी है या मांसाहारी। योगी सरकार के आदेश को संविधान और कानून प्रकियाओं के खिलाफ बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है।

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें