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दुनिया में जहां भी आतंकवाद है, उसके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लैक्स फ्रिडमैन को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दुनिया में जहां भी आतंकी हमला होता है, उसके सूत्र पाकिस्तान से जुड़े होते हैं।

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16 Mar 2025
( Updated: 10 Dec 2025
07:12 PM )
दुनिया में जहां भी आतंकवाद है, उसके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं – पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अमेरिकी पॉडकास्टर लैक्स फ्रिडमैन को दिए गए इंटरव्यू में भारत और पाकिस्तान के संबंधों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया में होने वाले लगभग हर बड़े आतंकी हमले की जड़ें किसी न किसी तरह पाकिस्तान से जुड़ी होती हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की छवि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के रूप में बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान की नीतियों और उसकी विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक पड़ोसी देश आतंकवाद को पोषण देना बंद नहीं करेगा, तब तक शांति की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।

विभाजन के बाद भी शांति नहीं पाकिस्तान

पीएम मोदी ने भारत और पाकिस्तान के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुए कहा कि 1947 से पहले, भारत की आजादी के लिए सभी मिलकर लड़ रहे थे। लेकिन जब विभाजन हुआ, तो लाखों निर्दोष लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। विभाजन के समय भारत के लोगों ने भारी पीड़ा सहते हुए पाकिस्तान को स्वीकार किया, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान ने शांति का रास्ता अपनाने के बजाय संघर्ष, आतंकवाद और उग्रवाद को ही अपनी नीति बना लिया।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान में कट्टरपंथी ताकतों ने सत्ता पर कब्जा कर लिया, जिसने इस्लाम के नाम पर एक अलगाववादी और हिंसक विचारधारा को बढ़ावा दिया। भारत के खिलाफ प्रत्यक्ष युद्ध में असफल होने के बाद पाकिस्तान ने ‘प्रॉक्सी वॉर’ यानी आतंकवाद को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

9/11 और ओसामा बिन लादेन का पाकिस्तान कनेक्शन

पीएम मोदी ने यह भी याद दिलाया कि 2001 में अमेरिका पर हुए 9/11 के आतंकी हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में ही छिपा मिला। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की नीति आतंकवाद को एक्सपोर्ट करने की रही है। वहां की सरकार ने इसे रोकने की कोई ठोस कोशिश नहीं की, बल्कि इसे बढ़ावा ही दिया। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना होती रही है और इसे ‘टेरर हब’ कहा जाने लगा है।

पीएम मोदी ने बताया कि जब उन्होंने 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब उन्होंने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भी आमंत्रित किया था। यह भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्तों में नई शुरुआत का एक संकेत था। इसके बाद 2015 में उन्होंने खुद लाहौर जाकर पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन हर बार पाकिस्तान ने विश्वासघात ही किया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है, लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार आतंकवादी गतिविधियों के जरिए भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

पाकिस्तान के लोग भी आतंकवाद से परेशान

पीएम मोदी ने इस बात को भी रेखांकित किया कि पाकिस्तान के आम लोग भी आतंकवाद से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के लोग भी शांति चाहते हैं क्योंकि वे भी लगातार आतंकवाद और हिंसा से थक चुके हैं।" पाकिस्तान में कट्टरपंथी समूह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अपने ही नागरिकों के खिलाफ भी हिंसा फैला रहे हैं। आए दिन होने वाले आतंकी हमलों में मासूम लोग मारे जा रहे हैं, जिसका खामियाजा खुद पाकिस्तान को भी भुगतना पड़ रहा है।

ग्लोबल मंच पर पाकिस्तान की साख घटी

पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीति के कारण उसकी वैश्विक साख लगातार गिरती जा रही है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालकर कई बार चेतावनी दी। अमेरिका, यूरोप और भारत सहित कई देशों ने पाकिस्तान को आतंकवादियों की शरणस्थली करार दिया। संयुक्त राष्ट्र ने कई पाकिस्तानी आतंकियों को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया इन सबके बावजूद पाकिस्तान अपनी नीतियों में बदलाव लाने को तैयार नहीं है।

पीएम मोदी ने अपने बयान में स्पष्ट कर दिया कि भारत अब पाकिस्तान से कोई ढिलाई नहीं बरतेगा। उन्होंने कहा कि "अब समय आ गया है कि पाकिस्तान अपनी आतंकवाद समर्थक नीतियों को छोड़ दे और शांति की राह पर चले।" यह संदेश केवल पाकिस्तान के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी था कि आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान बताता है कि अब भारत पाकिस्तान की नीतियों को लेकर कोई भ्रम नहीं रखता। पाकिस्तान को आतंकवाद को छोड़कर शांति का रास्ता अपनाना होगा। अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तो वैश्विक स्तर पर उसका अलग-थलग पड़ना तय है। भारत अपनी सुरक्षा नीति को और मजबूत करेगा और आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाएगा। पाकिस्तान के लिए यह चेतावनी भी है और एक आखिरी मौका भी, कि वह अपनी विचारधारा बदले और एक सभ्य देश की तरह वैश्विक समुदाय का हिस्सा बने। वरना आने वाले समय में उसे भारी कीमत चुकानी होगी।
Source- IANS

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