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भारत जैसे देश से दुश्मनी नहीं किया करते...ट्रंप का टैरिफ दांव पड़ा उल्टा, अमेरिका को भुगतने होंगे भीषण परिणाम, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

भारत के खिलाफ एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का दांव ट्रंप पर उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने जिस तरीके से भारत के खिलाफ टैरिफ दर बढ़ाए हैं. उससे व्यापार संचालित व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा. क्वाड में भारत की भूमिका और आतंकवाद-रोधी सहयोग उसे अमेरिका के लिए अपरिहार्य बनाता है.

भारत जैसे देश से दुश्मनी नहीं किया करते...ट्रंप का टैरिफ दांव पड़ा उल्टा, अमेरिका को भुगतने होंगे भीषण परिणाम, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी
Image: Donald Trump / PM Modi (File Photo)
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अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50  प्रतिशत टैरिफ दर पर विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पूरी दुनिया की निगाह इस पर है. भारत के साथ डोनाल्ड ट्रंप का यह रवैया किसी को भी रास नहीं आ रहा है. इस बीच नीति विशेषज्ञों ने कहा कि भारत के साथ व्यापार पर ट्रंप का यह कदम काफी नुकसान भरा हो सकता है. वहीं यह भी बताया गया है कि ऐसा होने से भारत चीन के काफी करीब जा सकता है. 

'भारत चीन के काफी करीब आ सकता है'

बता दें कि ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स (AIIA) की एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि दबावपूर्ण उपायों से वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच दशकों से बने विश्वास को बड़ा नुकसान हो सकता है. इस तरह के हालात बनने पर भारत चीन के काफी करीब आ सकता है. 

भारत का रूसी तेल खरीदने का सिलसिला जारी

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एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि भारत के ऊर्जा संबंधी से जुड़े सभी फैसले बाजार की वास्तविकताओं से तय होते हैं. भारत ने अपने 1.4 अरब लोगों के लिए सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित की. इसके अलावा अमेरिका को छोड़कर सबसे ज्यादा रियायती दर पर रूसी तेल खरीदना जारी रखा. 

भारत अमेरिका के लिए क्यों है जरूरी? 

भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अमेरिका से इन आयातों का उद्देश्य अनुमानित और किफायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करना है. भारत एक आर्थिक प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझेदार है, जो अमेरिका की हिंद-प्रशांत रणनीति के लिए काफी ज्यादा मायने रखता है. 

दोनों देशों के संबंध काफी मजबूत हुए 

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अगर देखा जाए, तो भारत और अमेरिका के बीच साल 2008 के असैन्य परमाणु समझौते और बढ़ते रक्षा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों के जरिए दोनों देशों के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं. इनमें 2024 में वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 129 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. वहीं 2030 तक इसे 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का साझा लक्ष्य तय किया गया है. 

अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ का भारत पर कोई असर नहीं

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एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका ने जिस तरीके से भारत के खिलाफ टैरिफ दर बढ़ाए हैं. उससे व्यापार संचालित व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा. क्वाड में भारत की भूमिका और आतंकवाद-रोधी सहयोग उसे अमेरिका के लिए अपरिहार्य बनाता है. वहीं 13 अगस्त को एशिया-प्रशांत सॉवरेन रेटिंग्स पर एक वेबिनार में बोलते हुए, एसएंडपी निदेशक यीफार्न फुआ ने कहा है कि भारत पर इस बढ़ाए गए टैरिफ का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. 

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