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सीजफायर पर क्रेडिट को लेकर तड़पे ट्रंप, भारत ने की अनदेखी तो बोले – 'मुझे शायद ही इसका श्रेय मिले'

भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के बाद हुए युद्धविराम का क्रेडिट लेने के लिए ट्रंप बेचैन होते जा रहे हैं. उन्होंने फिर कहा कि दोनों देश परमाणु जंग की तरफ बढ़ रहे थे, जिसे मैंने रोक दिया, लेकिन शायद ही इसका कोई श्रेय मुझे मिले.

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17 May 2025
( Updated: 11 Dec 2025
04:33 AM )
सीजफायर पर क्रेडिट को लेकर तड़पे ट्रंप, भारत ने की अनदेखी तो बोले – 'मुझे शायद ही इसका श्रेय मिले'
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर और फिर पैदा हुए सैन्य तनाव पर बड़ा बयान दिया है. भारत-PAK के बीच 10 मई को हुई सीजफायर को लेकर बड़ा दावा किया है. 

अपने बड़बोले बयान के लिए मशहूर ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच जंग के दौरान हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच गए थे, जहां अगले कदम पर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल हो सकता था. ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि स्थिति कुछ ऐसी थी कि महाविनाश हो सकता था, बहुत लोग मारे जाते.

'क्रेडिट के लिए बेचैन हो रहे ट्रंप'
अमेरिका में रिपब्लिकन माउथपीस चैनल फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि भारत पाक के बीच युद्धविराम उनकी एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है, हालांकि उन्हें इसका श्रेय शायद ही दिया जाएगा. ट्रंप से पश्चिम एशिया की उनकी यात्रा से पहले की विदेश नीति की कुछ सफलताओं का जिक्र करते हुए पूछा गया कि क्या उन्होंने भारत और पाकिस्तान को फोन किया था. ट्रंप ने जवाब दिया, 'हां, मैंने किया था.' ट्रंप ने इस दौरान बार बार 'N' शब्द का जिक्र किया, सीधे न्यूक्लियर वार की बात नहीं की और न ही इस शब्द का इस्तेमाल किया.

ट्रंप का दावा बनाम भारत का स्टैंड
डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान के सैन्य तनाव में चौधरी बनने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. उन्हें क्रेडिट लेने की एक आदत पड़ चुकी है. वो भारत और पाक के सैन्य तनाव के आधिकारिक रूप से रुकने और ऐलान से पहले ही उन्होंने ट्वीट कर दिया और एक असहज स्थिति पैदा कर दी. ट्रंप एक बार नहीं, बार-बार बयान देकर भारत को नीचा दिखाने की कोशिश की है.

जिस तरह पाकिस्तान लगातार ट्रंप को थैंक यू कह रहा है, शहबाज़ शरीफ, सोते-जगते उन्हें थैंक्यू कह रहे हैं वो बताता है कि कौन डेस्परेट था सीजफायर के लिए. भारतीय सेना, विदेश सचिव और विदेश मंत्रालय के अलावा न ही पीएम मोदी के दो और रक्षा मंत्री के बयानों में कभी भी अमेरिका और न ही ट्रंप का जिक्र किया बल्कि साफ कहा कि पाक, भारतीय सेना की मार से परेशान होकर भारतीय DGMO को फोन किया और सीजफायर की गुहार लगाई.

ट्रंप ने फिर उठाया व्यापार और टैरिफ का मुद्दा
भारत के साथ व्यापार को लेकर ट्रंप ने दोबारा नाराजगी जताई और कहा कि भारत विश्व के उन देशों में है जो अमेरिकी उत्पादों पर सबसे ज्यादा शुल्क लगाता है. ट्रंप ने दावा किया कि भारत अब अमेरिका के लिए अपने शुल्क में कटौती करने को तैयार है. हालांकि इस पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

जब पूछा गया कि क्या भारत के साथ व्यापार समझौता जल्द हो सकता है, तो ट्रंप ने कहा, "हां, जरूर होगा. लेकिन मुझे कोई जल्दी नहीं है. सभी देश अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करना चाहते हैं."

ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का जवाब

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की शुरुआत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हुई थी, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी. इसके जवाब में भारत ने 7 मई की सुबह 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत सीमा पार आतंकियों के ठिकानों पर करारा हमला बोला. इसके बाद पाकिस्तान ने 8 से 10 मई के बीच भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिसका भारतीय सेना ने भीषण जवाब दिया.

लगभग चार दिन तक सीमा पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद आखिरकार 10 मई को दोनों देशों ने युद्धविराम पर सहमति जताई. ट्रंप ने उसी दिन ऐलान किया था कि अमेरिका की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच तुरंत और पूर्ण संघर्षविराम का समझौता हुआ है.

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