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Tirupati laddu controversy : "चंद्रबाबू नायडू माफी मांगे" ! तिरुपति लड्डू मामले पर लोगों से माफी मांगने को लेकर बोले-जगन मोहन रेड्डी !

तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर के लड्डू प्रसाद में पशु चर्बी मिलाए जाने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने 5 सदस्यीय "स्वतंत्र एसआईटी" टीम गठित की है। जो इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगा। कोर्ट ने चंद्रबाबू नायडू द्वारा गठित एसआईटी टीम को रद्द कर दिया है। जिसके बाद YSR कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू को लोगों से माफी मांगने की बात कही है।

Tirupati laddu controversy : "चंद्रबाबू नायडू माफी मांगे" ! तिरुपति लड्डू मामले पर लोगों से माफी मांगने को लेकर बोले-जगन मोहन रेड्डी !
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तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में चढ़ाए जाने वाले लड्डू प्रसाद विवाद का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र एसआईटी टीम गठित करने का निर्देश दिया है। जो स्वतंत्र रूप से इस मामले की जांच करेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और YSR कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी के बीच एक नई जंग छिड़ गई है। जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र-प्रदेश में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री द्वारा एसआईटी को रद्द कर नायडू की असली तस्वीर सामने ला दी है। 


चंद्रबाबू नायडू लोगों से माफी मांगे -  जगन मोहन रेड्डी 

तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर में चढ़ाए जाने वाले लड्डू प्रसाद में चर्बी मिलाए जाने के विवाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा SIT गठित करने के फैसले पर खुशी जताई है। YSR कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने तेलुगु देशम पार्टी की सोशल मीडिया दिखाकर अपने प्रतिद्वंद्वी पर निशाना साधते हुए कहा "जब सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी टिप्पणी की है, यदि उनमें (चंद्रबाबू नायडू) में ईश्वर के प्रति कोई श्रद्धा है, तो उन्हें लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्हें तिरुमला वेंकटेश्वर स्वामी के सामने प्रार्थना करके कहना चाहिये कि उनसे गलती हुई। उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया, बल्कि वे (टीडीपी) अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से पोस्ट जारी कर रहे हैं। गलत जानकारी फैला रहे हैं। 


चंद्रबाबू नायडू ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत 

तिरुपति के वेंकटेश्वर मंदिर प्रसाद में पशु चर्बी पाए जाने वाले विवाद की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम को आंध्र-प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का   स्वागत किया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर में चढ़ाए जाने वाले लड्डू प्रसाद में पशु चर्बी मिलाए जाने वाले विवाद में एक बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपों की जांच के लिए कोर्ट ने 5 सदस्यीय "स्वतंत्र SIT टीम" गठित की है। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह (कोर्ट) "सियासी लड़ाई के मैदान" के रूप मे इस्तेमाल किए जाने की अनुमति नहीं देगा। जानकारी के लिए बता दें कि जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने SIT टीम में CBI और आंध्र-प्रदेश के 2-2 अधिकारियों के अलावा FSSAI के वरिष्ट अधिकारी को भी शामिल करने की बात कही है। मामले की जांच सीबीआई डायरेक्टर की निगरानी में होगी 

क्या है लडडू प्रसाद में पशु चर्बी मिलाने जाने का विवाद 

बता दें कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ। जब तिरुमाला मंदिर ट्रस्ट को गाय के घी की सप्लाई के नमूनों की लैब जांच में लार्ड (सूअर की चर्बी), टैलो (भेड़ की चर्बी) और मछली के तेल की मौजूदगी का पता चला। जो घी तिरुपति के मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। यह मामला सामने आने के बाद लोगों ने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर हिंदू धार्मिक संस्थाओं को सौंपने की मांग उठाई थी। तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर के प्रसाद में चढ़ाए जाने वाले लड्डू में पशु चर्बी मिलाने का मामला देश भर में सुर्खियों में रहा। मामला सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पशु चर्बी के इस्तेमाल की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री द्वारा गठित एसआईटी टीम को रद्द कर दिया। 

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