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'रूस से कच्चे तेल पर कोई पाबंदी नहीं...', हरदीप पुरी का बड़ा बयान, कहा - अगर प्रतिबंध लगा तो दुनिया गंभीर परिणाम भुगतेगी

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा है कि 'रूस से कच्चे तेल खरीद पर कोई प्रतिबंध नहीं है. अगर आपूर्ति बाधित हुई, तो दुनिया को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में हमेशा पाबंदियों का अनुपालन किया है.'

'रूस से कच्चे तेल पर कोई पाबंदी नहीं...', हरदीप पुरी का बड़ा बयान, कहा - अगर प्रतिबंध लगा तो दुनिया गंभीर परिणाम भुगतेगी
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रूस से कच्चे तेल की खरीदारी पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि रूस से कच्चे तेल की खरीद पर कोई प्रतिबंध नहीं है और अगर आपूर्ति बाधित होती है, तो दुनिया को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. तुर्की, जापान और यूरोपीय संघ सहित कई ऐसे देश हैं, जो रूस से तेल खरीदारी कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री का यह बयान दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान आया है. 

'रूस से तेल और हथियार खरीदारी पर हरदीप पुरी का बयान'

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा है कि 'रूस से कच्चे तेल खरीद पर कोई प्रतिबंध नहीं है. अगर आपूर्ति बाधित हुई, तो दुनिया को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में हमेशा पाबंदियों का अनुपालन किया है.' ईरान और वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए पुरी ने कहा कि 'रूस हर दिन करीब एक करोड़ बैरल के साथ विश्व स्तर पर कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है.' हरदीप सिंह पुरी का यह बयान रूस से तेल एवं हथियार खरीदने पर अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त शुल्क पर आया है. 

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'ऊर्जा के बिना आप नहीं रह सकते' 

केंद्रीय मंत्री ने दुनिया को आगाह करते हुए कहा कि 'ऊर्जा एक ऐसी चीज है, जिसके बिना आप नहीं रह सकते. अगर आप दूसरे सबसे बड़े उत्पादक को हटा देंगे, तो आपको खपत में कटौती करनी होगी, जिसके चलते आपको बेहद गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. यही एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से दुनिया रूस के तेल पर प्रतिबंध नहीं लगा रही है, रूस से तेल खरीद की मूल सीमाएं तय की गई हैं और जब भी इस तरह की कोई बात होती है, तो वह भारतीय कंपनियों से कम कीमतों पर भी तेल खरीदने का अनुरोध करते हैं.'

'तुर्की, जापान सहित कई यूरोपीय संघ कर रहे रूस से तेल व्यापार'

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हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा कि 'तुर्की, जापान और यूरोपीय संघ सहित कई ऐसे देश हैं, जो रूस से तेल खरीदारी कर रहे हैं. इस समय रूस के द्वारा दी जा रही छूट बहुत अधिक नहीं है. तेल की मांग एवं आपूर्ति के बीच व्यापक संतुलन आवश्यक है. हमें उम्मीद है कि कच्चे तेल का मूल्य 65-68 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के बीच बना रहेगा.' केंद्रीय मंत्री ने आगे यह भी कहा कि 'शेल गैस पर जोर देने वाले प्रमुख तेल उत्पादक देश अमेरिका के हित में है कि वह सुनिश्चित करें कि जीवाश्म ईंधन की कीमतों में बहुत अधिक गिरावट ना आए.'

'तेल विपणन कंपनियां स्वतंत्र रूप से निर्णय लेती हैं' 

पुरी ने आगे कहा कि 'सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां स्वतंत्र रूप से यह निर्णय लेती हैं कि वह रिफायनिंग के लिए किस स्रोत से कच्चा तेल खरीदेंगे.'

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उन्होंने यह भी कहा कि इन कंपनियों के पास पेशेवर प्रबंधन और निदेशक मंडल भी है. 

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