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चंडीगढ़-कुल्लू के बीच थम गई रफ्तार, 50 किमी लंबा जाम में फंसे दिल्ली आ रहे सैकड़ों ट्रक, फल-सब्जी की सप्लाई में आ रही बाधा

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-कुल्लू हाईवे पर भीषण जाम लगा हुआ है, जिसमें हजारों ट्रक फंसे हुए हैं. करीब 50 किलोमीटर लंबी लाइन में फंसे इन ट्रकों में करोड़ों रुपये के सेब, टमाटर और अन्य सब्ज़ियां खराब हो रही हैं. एक ट्रक में लदे फल और सब्जियों की कीमत करीब 4 से साढ़े 4 लाख रुपये तक होती है. इस हिसाब से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के सेब फंसे हुए हैं.

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28 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
07:37 AM )
चंडीगढ़-कुल्लू के बीच थम गई रफ्तार, 50 किमी लंबा जाम में फंसे दिल्ली आ रहे सैकड़ों ट्रक, फल-सब्जी की सप्लाई में आ रही बाधा
Chandigarh-Kullu Highway Jam
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एक समय पर्यटकों से गुलजार रहने वाला कुल्लू आज तबाही की चपेट में है. सड़कों के बंद होने से पूरा इलाका ठप हो गया है. भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-कुल्लू हाईवे पर भीषण जाम लगा हुआ है, जिसमें हजारों ट्रक फंसे हुए हैं. करीब 50 किलोमीटर लंबी लाइन में फंसे इन ट्रकों में करोड़ों रुपये के सेब, टमाटर और अन्य सब्ज़ियां खराब हो रही हैं. फिलहाल हाईवे को छोटी गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन ट्रक अब भी फंसे हुए हैं. एक ट्रक में लदे फल और सब्जियों की कीमत करीब 4 से साढ़े 4 लाख रुपये तक होती है. इस हिसाब से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के सेब फंसे हुए हैं. चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई जगह अवरुद्ध है, जिसकी वजह से यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ रहा है.

दिल्‍ली-NCR में सप्‍लाई का गहरा संकट 

ट्रकों के फंसे रहने से दिल्ली-NCR में सप्लाई संकट गहरा सकता है. एक ट्रक ड्राइवर गफ्फार ने बताया कि उसके ट्रक में सेब लदे हैं, जिन्हें साहिबाबाद फल मंडी तक पहुंचना था, लेकिन वह पिछले 5 दिनों से कुल्लू में फंसा हुआ है, जिससे सेब खराब हो रहे हैं. एक ट्रक में लदे सेब की कीमत लगभग 4 से साढ़े 4 लाख रुपये होती है. ऐसे में आजादपुर और साहिबाबाद मंडी के लिए जाने वाले हजारों ट्रक रास्ते में फंसे हुए हैं. चंडीगढ़-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी से कुल्लू के बीच आधा दर्जन जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिसके कारण सड़क खोलने में समय लग रहा है.

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एक तरफ से थम गई है चक्कों की रफ्तार 

कुल्लू-मनाली (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के इंजीनियर अशोक चौहान ने बताया कि ब्यास नदी के तेज बहाव के कारण मनाली और कुल्लू के बीच कई जगहों पर राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है. मरम्मत का काम जारी है.
कुल्लू निवासी जय भाल ने कहा, “कुल्लू शहर के पास रामशिला इलाके में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. प्रशासन को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए, वरना आने वाले मॉनसून में यह इलाका इतिहास बन जाएगा.”
मनाली के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) रमन शर्मा ने बताया, “मनाली का दाईं ओर से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. सोमवार से अब तक चार दुकानें, दो रेस्टोरेंट और एक घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.”
बुधवार को बिलासपुर जिले के नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के मंझेड़ गांव में बारिश के बाद एक मकान ढह गया. हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि गिरने से पहले ही परिवार ने घर खाली कर दिया था.

10 जिलों में 584 सड़कें बंद, यात्रियों को हो रही परेशानी 

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मंगलवार शाम से हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हो रही है. सबसे ज्यादा बारिश चंबा में 51 मिमी दर्ज की गई. इसके बाद धर्मशाला में 40.4 मिमी, जोत में 38 मिमी, नैना देवी में 26.8 मिमी, पालमपुर में 22.4 मिमी, कांगड़ा में 21.6 मिमी, बिलासपुर में 20.4 मिमी और अंब में 20 मिमी बारिश हुई.
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के 12 में से 10 जिलों में 584 सड़कें बंद हैं. चंबा और लाहौल-स्पीति की रिपोर्ट अभी नहीं आई है. इनमें से सबसे ज्यादा 259 सड़कें मंडी जिले में और 167 कुल्लू में बंद हैं.
SEOC ने यह भी बताया कि करीब 1155 बिजली ट्रांसफॉर्मर बंद हो गए हैं और 346 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं.

2,623 करोड़ रुपये का हो चुका है नुकसान 

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SEOC के मुताबिक, 20 जून से 26 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 158 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 लोग अब भी लापता हैं. इस दौरान राज्य में अचानक बाढ़ के 90, बादल फटने के 42 और 85 बड़े भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गईं.
SEOC के आंकड़ों के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक राज्य को करीब 2,623 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. वहीं, स्थानीय मौसम विभाग ने रविवार तक राज्य के 3 से 6 जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.

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