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भाजपा और सोरोस का मामला फिर से गर्माया, 15 साल पुराने मामले पर एक-दूसरे से भिड़े कांग्रेस नेता शशि थरूर और केंद्रीय मंत्री

साल 2009 के सोरोस मुद्दे पर एक बार फिर से भाजपा और कांग्रेस में भिड़ंत देखने को मिली है। न्यूयॉर्क डिनर में सोरोस के शामिल होने के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक-दूसरे से भिड़ गए हैं।

भाजपा और सोरोस का मामला फिर से गर्माया, 15 साल पुराने मामले पर एक-दूसरे से भिड़े कांग्रेस नेता शशि थरूर और केंद्रीय मंत्री
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साल 2009 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हुए डिनर बैठक पर एक बार फिर से भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई है। यह डिनर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मेजबानी में हुई थी। जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज सोरोस शामिल हुए थे। पुरी उस समय संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत थे। अब 15 साल पुराने मुद्दे को लेकर शशि थरूर और केंद्रीय मंत्री एक दूसरे के सामने आ गए हैं। 
दोनों नेताओं ने उस मुलाकात को लेकर एक- दूसरे पर जमकर पलटवार किया है। यह पहली बार नहीं है। जब भाजपा और कांग्रेस में सोरोस मामले को लेकर भिड़ंत हो रही है।  इससे पहले भी कई बार दोनों पार्टियों को इस मुद्दे पर भिड़ते हुए देखा गया है। 

हरदीप सिंह पुरी ने शशि थरूर पर लगाया बड़ा आरोप 

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि "उस दौरान डिनर के लिए सभी मेहमानों की सूची शशि थरूर ने दी थी। जिसमें सोरोस का भी नाम शामिल था। पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि "यह स्पष्ट है कि यह नाम राजीव गांधी फाउंडेशन के सहयोगियों में शामिल होने के कारण जोड़ा गया था। थरूर उस समय उनसे मिलने के इच्छुक थे।" पुरी ने यह भी कहा कि "थरूर ने साल 2009 में सोरोस से मुलाकात की थी और उसके लिए ट्वीट भी किया था। चूंकि मैं वहां के लिए नया था। थरूर वहां काफी समय बिता चुके थे। इसलिए मेहमानों की सूची मैंने नहीं थरूर ने चुनी थी।" 

शशि थरूर ने अपने ऊपर लगे आरोपों का दिया जवाब 

शशि थरूर ने हरदीप सिंह पुरी के आरोपों का  जवाब देते हुए कहा कि भाजपा इसे बड़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है। थरूर ने एक्स पर लिखा "प्रिय हरदीप, हमारी यादें अलग-अलग है। आपके शानदार डिनर में कई ऐसे मेहमान थे। जिनसे मैं कभी नहीं मिला था। पुरी ने मेरे साथ डिनर पर चर्चा के लिए  प्रमुख अमेरिकियों को आमंत्रण दिया था। यह पूरी तरह से उचित था।" थरूर ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि "इस घटना के बाद वह कभी भी सोरोस के संपर्क में नहीं आए। उन्होंने कभी उनसे या उनके फाउंडेशन से धन मांगने या प्राप्त करने को भी इनकार किया। थरूर ने कहा कि "मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता। जहां हम दोनों न्यूयॉर्क या जिनेवा में अपने शुरुआती दौर में किसी से भी अपने संपर्कों को नकार दें। मुझे नहीं पता कि सोरोस का किसी भारतीय फाउंडेशन के साथ कोई संबंध है। मुझे इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। मैंने इस बारे में कभी भी उनसे चर्चा नहीं की।"

भाजपा कार्यकर्ता द्वारा एक ट्वीट उजागर करने से बढ़ा विवाद

बता दें कि साल 2009 में एक भाजपा कार्यकर्त द्वारा थरूर का एक ट्वीट उजागर किया गया था। थरूर ने उस दौरान एक ट्वीट  के जरिए सोरोस को "पुराना दोस्त" कहा था। उस दौरान उन्होंने सोरोस की भारत के प्रति रुचि की सराहना की थी। 

भाजपा ने सोरोस पर लगाया था बड़ा आरोप
बता दें कि इससे पहले भाजपा ने सोरोस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। भाजपा ने कांग्रेस पर भी आरोप लगाते हुए कहा था कि "उसने सोरोस और उनकी कई अन्य संस्थाओं से मिलकर भारत में गलत सूचनाएं फैलाई थी और संसद को बाधित किया था।"

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