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देश को मिलीं तीन नई वंदे भारत ट्रेन, कर्नाटक में PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी; बेंगलुरु को नई मेट्रो लाइन की सौगात भी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को तीन और वंदे भारत ट्रेन की सौगात दी है. उन्होंने अजनी (नागपुर)-पुणे वंदे भारत, बेंगलुरु-बेलगावी वंदे भारत और कटरा-अमृतसर वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके अलावा पीएम मोदी ने बेंगलुरु मेट्रो के नए रुट (येलो लाइन) का भी इनोग्रेशन किया. ये ट्रेन कहां चलेंगे, रूट क्या होंगी और किन-किन स्टेशनों पर इसका ठहराव होगा, जान लीजिए पूरी डिटेल.

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10 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:45 AM )
देश को मिलीं तीन नई वंदे भारत ट्रेन, कर्नाटक में PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी; बेंगलुरु को नई मेट्रो लाइन की सौगात भी दी
Image: PM Modi Virtually Inaugrating 3 Vande Bharat Trains
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PM नरेंद्र मोदी रविवार को कर्नाटक दौरे पर हैं. यहां पीएम मोदी ने KSR रेलवे स्टेशन से 3 नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके अलावा पीएम मोदी ने बेंगलुरु मेट्रो के नए रुट (येलो लाइन) का भी इनोग्रेशन किया. पीएम मोदी ने जिन नई वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई उनमें बेंगलुरु से बेलगावी, अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा और नागपुर (अजनी) से पुणे तक की ट्रेनें शामिल हैं. इस अवसर पर माननीय केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे. वहीं नागपुर में इसके Virtual Inaugration के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे.

महाराष्ट्र को अजनी (नागपुर) और पुणे के बीच 12वीं वंदे भारत रेल सेवा मिलेगी और वर्धा-मनमाड के बीच अब तक अछूते रहे क्षेत्र को पहली वंदे भारत रेल सेवा मिलेगी. नागपुर और पुणे दोनों ही तेज़ी से विकसित हो रहे बड़े शहर हैं जहाँ कई लघु एवं मध्यम उद्योग, शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थान, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल आदि हैं.

नागपुर जिसे संतरा नगरी/स्वास्थ्य सेवा नगरी के रूप में जाना जाता है और जिसे कभी-कभी महाराष्ट्र की शीतकालीन राजधानी भी कहा जाता है, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन से गहराई से जुड़ा है. दीक्षाभूमि वह स्थान है जहाँ बाबासाहेब ने बौद्ध धर्म अपनाया था. यह बौद्धों का एक प्रमुख तीर्थस्थल है और बाबासाहेब आंबेडकर के लाखों अनुयायी यहाँ आते हैं. यह एक तीर्थस्थल भी है जहाँ रामटेक में भगवान राम का एक प्राचीन मंदिर है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह वह स्थान था जहाँ भगवान राम अपने वनवास के दौरान कुछ समय के लिए रुके थे, और अन्य धार्मिक महत्व के स्थान भी हैं.

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एक शैक्षणिक केंद्र होने के अलावा, नागपुर एक चिकित्सा केंद्र भी है जहाँ एम्स और अन्य प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान विदर्भ क्षेत्र के सभी रोगियों की सेवा करते हैं.
नागपुर को भारत की बाघ राजधानी भी कहा जाता है, जहाँ इस क्षेत्र में कई वन्यजीव अभयारण्य हैं.

पुणे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विख्यात पुणे का समृद्ध इतिहास महान मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ा है, जहाँ पुणे में उनका निवास स्थान लाल महल, उनका जन्मस्थान शिवनेरी किला और इस क्षेत्र के कई अन्य किले स्थित हैं.
प्रसिद्ध शनिवारवाड़ा, जो उस समय पेशवाओं का निवास स्थान था, भी पुणे में ही स्थित है. पुणे अपने विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के लिए जाना जाता है और यह एक तीर्थस्थल भी है, जहाँ शहर में प्रसिद्ध दगडू शेठ मंदिर और क्षेत्र के आलंदी, जेजुरी जैसे धार्मिक महत्व के अन्य स्थान स्थित हैं.

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अजनी (नागपुर) और पुणे के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू होने से इन दोनों शहरों और रास्ते में पड़ने वाले स्थानों के बीच काम, व्यवसाय, पढ़ाई और पर्यटन के लिए यात्रा करने के इच्छुक यात्रियों की एक बड़ी आबादी को अत्यधिक लाभ होगा.  यह व्यापारियों, छात्रों, नियमित यात्रा और विशेष यात्राओं पर जाने वाले कर्मचारियों के लिए लाभदायक होगा और व्यापार एवं वाणिज्य के अवसरों को बढ़ाने के अलावा पर्यटन को भी बढ़ावा देगा.

अजनी (नागपुर) - पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस 881 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सबसे लंबी दूरी तय करने वाली वंदे भारत ट्रेन होगी. यह महाराष्ट्र में चलने वाली 12वीं वंदे भारत ट्रेन है, और वर्धा-अकोला-शेगाँव-भुसावल-जलगाँव-मनमाड और पुणताम्बा और दौंड के बीच के क्षेत्रों को कवर करने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन है. यह नागपुर और पुणे के बीच 73 किमी प्रति घंटे की गति और 10 मध्यवर्ती ठहरावों के साथ सबसे तेज़ ट्रेन है. यह आधुनिक रेल यात्रा में भारत की प्रगति का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो यात्रियों को तेज़ और अधिक आरामदायक यात्रा प्रदान करती है और भारत के कोने-कोने में सेवा प्रदान करने के लिए रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

पुणे-अजनी (नागपुर)-पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवा का विवरण इस प्रकार है:
ट्रेन संख्या 26101 पुणे-अजनी वंदे भारत एक्सप्रेस दिनांक 11.08.2025 से सप्ताह में 6 दिन (मंगलवार को छोड़कर) पुणे स्टेशन से सुबह 06.25 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन 18.25 बजे अजनी पहुँचेगी.

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ट्रेन संख्या 26102 अजनी-पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस दिनांक 12.08.2025 से सप्ताह में 6 दिन (सोमवार को छोड़कर) अजनी स्टेशन से सुबह 09.50 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन 21.50 बजे पुणे पहुँचेगी.

ठहराव - वर्धा, बडनेरा, अकोला, शेगांव, भुसावल, जलगांव, मनमाड, कोपरगांव, अहमदनगर और दौंड कॉर्ड लाइन.

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 कोच संरचना: 1 एग्जीक्यूटिव चेयर कार (ईसी) और 7 चेयर कार (सीसी) सहित 8 कोच, कुल 530 यात्रियों के बैठने की जगह (ईसी कोच में 52 सीटें, 5 सीसी कोच में प्रत्येक में 78 सीटें और लोको पायलट के कोच से जुड़े 2 सीसी कोच में प्रत्येक में 44 सीटें)

इन ट्रेनों की विस्तृत समय-सारणी और ठहराव के लिए कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएँ या NTES ऐप डाउनलोड करें.

माननीय प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में केएसआर बेंगलुरु-बेलगावी वंदे भारत एक्सप्रेस और श्री माता वैष्णोदेवी कटरा-अमृतसर वंदे भारत को भी हरी झंडी दिखाएंगे.

वर्तमान में देश में 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 72 वंदे भारत ट्रेन चल रही हैं, जो अपने यात्रियों को 144 सेवाओं के माध्यम से सुरक्षित, आरामदायक और तेज़ यात्रा अनुभव प्रदान करती हैं. भारतीय रेलवे अगले 3 वर्षों में 200 से अधिक वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है.

कर्नाटक में चलने वाली वंदे भारत की संख्या हो जाएगी 11
बेलगावी-क्रान्तिवीर संगोल्लि रायाण्ण (बेंगलुरु) वंदे भारत एक्सप्रेस के शुभारंभ के साथ कर्नाटक में संचालित वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 11 हो जाएगी. बेलगावी कर्नाटक के उत्तरी हिस्से में स्थित एक तेज़ी से उभरता हुआ शहर है, जबकि बेंगलुरु राज्य की राजधानी और तकनीकी हब है.

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इन दोनों शहरों के बीच वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेन सेवा शुरू होने से राज्य के उत्तर-दक्षिण हिस्सों के बीच तेज़ और बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित होगा. जिससे निवेश, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे. बेलगावी से बेंगलुरु तक की दूरी लगभग 500 किलोमीटर है, जो अब वंदे भारत के ज़रिये काफी कम समय में तय की जा सकेगी. साथ ही, बेलगावी और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्थित धारवाड़, गोकार्ण, बदामी और हम्पी जैसे पर्यटन स्थल भी अधिक सुलभ हो जाएंगे, जिससे पर्यटन से जुड़े कारोबार को सीधा लाभ मिलेगा.

जम्मू और कश्मीर में चलने वाली वंदे भारत की संख्या हो जाएगी 05

श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा–अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रेस
प्रमुख ठहराव:
जम्मू तवी, पठानकोट कैंट, जालंधर शहर और ब्यास
• जम्मू और कश्मीर में कुल वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 5 हो जाएगी. 
• पंजाब में अब कुल 5 वंदे भारत उपलब्ध होंगी.
• देशभर में फिलहाल 144 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं. 
• सेमी-हाईस्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह स्वदेशी है. और कवच सिस्टम से लैस है.
• इस ट्रेन में फोल्डेबल स्नैक्स टेबल, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट, कंफर्टेबल सीट्स, मॉडर्न टॉयलेट और इंफोटेनमेंट की सुविधा भी है. 
• हर कोच में GPS आधारित रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम इंस्टॉल है, जिससे यात्रियों को स्टेशन की जानकारी, स्पीड और लोकेशन की सूचना हर पल मिलती रहती है.

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वंदे भारत ट्रेन की महत्वपूर्ण विशेषताएँ:

 वातानुकूलित (एसी): - सभी कोच एयर कंडीशनिंग सिस्टम से सुसज्जित हैं
 स्वचालित तापमान नियंत्रण: - यात्रियों की संख्या के आधार पर तापमान स्वचालित रूप से समायोजित होता है
. सीटें: - लंबी दूरी की यात्रा के लिए आरामदायक डिज़ाइन वाली सीटें
. प्रकाश व्यवस्था: - सभी कोचों में एलईडी और परिवेश प्रकाश व्यवस्था
. दरवाजे: - सभी कोचों में स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे
. खिड़कियाँ: - मनोरम दृश्यों के लिए बड़ी पैनोरमिक खिड़कियाँ
. शौचालय: - बायो-वैक्यूम शौचालय

संरक्षा विशेषताएँ
. अग्नि सुरक्षा: आग का पता लगाने और बुझाने की प्रणालियाँ
. सीसीटीवी निगरानी: पूरी ट्रेन में कैमरों से निगरानी
. आपातकालीन संचार: प्रत्येक कोच में इंटरकॉम सिस्टम
. ब्रेकिंग सिस्टम: पुनर्योजी ब्रेकिंग जो 30% तक ऊर्जा बचाती है
. दोहरी सस्पेंशन प्रणाली: तेज़ गति पर भी आराम सुनिश्चित करती है

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'मेक इन इंडिया' पहल के एक उत्पाद के रूप में, यह ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. इन ट्रेनों के शुभारंभ से नवाचार और कनेक्टिविटी के केंद्र के रूप में महाराष्ट्र की स्थिति मज़बूत होगी और क्षेत्रीय समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा. यह कार्यक्रम सरकार के एक भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें आधुनिक रेल अवसंरचना की आधारशिला के रूप में कार्य करेंगी.

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