×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का बयान, माफिया मुक्त हुआ वक्फ

वक्फ संशोधन विधेयक संसद के पास होने के बावजूद विपक्ष की कुछ पार्टी और मुस्लिम संगठन इसकी भले ही आलोचना कर रहे हो लेकिन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने इसको लेकर अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का बयान, माफिया मुक्त हुआ वक्फ
Advertisement
वक्फ संशोधन विधेयक संसद के पास होने के बावजूद विपक्ष की कुछ पार्टी और मुस्लिम संगठन इसकी भले ही आलोचना कर रहे हो लेकिन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने इसको लेकर अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की है। मंच ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, विधेयक की समीक्षा करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के चेयरमैन जगदंबिका पाल और अपने हजारों कार्यकर्ताओं के प्रयासों की प्रशंसा की है। 


ऐतिहासिक क्षण 

मंच के राष्ट्रीय संयोजक और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शाहिद सईद ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक क्षण को हर्ष और उल्लास से मनाएं। यह कानून किसी मजहब या पंथ के खिलाफ नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, न्याय और विकास का प्रतीक है। यह यतीमों, विधवाओं, गरीबों और जरूरतमंदों को उनका अधिकार दिलाने वाला कानून है। मंच ने देशवासियों से अपील की है कि देश को तोड़ने, लड़ाने, भड़काने और बहकाने वाली विकृत मानसिकता वाले दलों और संगठनों से सचेत रहें। मंच ने कहा है कि भारत को अंग्रेजों से आजादी 1947 में मिली, लेकिन वक्फ को माफियाओं और भूमि जेहादियों से आजादी आज मिली है। इस दिन और प्रधानमंत्री का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाना चाहिए। मंच ने कहा है कि यह कानून मुस्लिम समाज को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल जैसी तथाकथित मुस्लिम हितैषी पार्टियों की सियासी गुलामी से भी मुक्त करता है। मंच ने कहा कि अब समय आ गया है कि मुसलमान डर, भ्रम और कट्टरता से बाहर निकलें और विकास के साथ आगे बढ़ें।


गड़बड़ियों पर लगेगी लगाम 

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने बताया कि इस विधेयक के समर्थन में मंच के हजारों कार्यकर्ताओं ने देश के कोने-कोने में जाकर 5000 से ज्यादा जनसभाएं, संवाद, गोष्ठियां, लेख अभियान और टीवी डिबेट आयोजित कीं, जिससे समाज में जागरूकता फैली। वक्फ संपत्तियों में हो रही गड़बड़ियों, बंदरबांट और राजनीतिक स्वार्थों की सच्चाई को उजागर किया गया। सैकड़ों विशेष कार्यक्रम आयोजित कर वक्फ संपत्तियों में चल रहे घोटालों और बंदरबांट की सच्चाई सामने लाई गई। अफवाहों और गलत बयानों का खंडन करते हुए लोगों को समझाया गया कि इस कानून से किसी की आस्था को कोई खतरा नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक सुधार का मार्ग है। मंच ने कहा है कि वक्फ कानून की पृष्ठभूमि, ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और समाधान को लेकर लिखी गई पुस्तक "रिस्पेक्ट टू इस्लाम एंड गिफ्ट फॉर मुस्लिम" इस आंदोलन की वैचारिक रीढ़ बनी। इसके विमोचन में किरेन रिजिजू, जगदंबिका पाल, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार, संघ के संपर्क प्रमुख रामलाल, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मोंटेनेग्रो की एंबेसडर जेनिस दरबारी शामिल थे।


पुस्तक को किरेन रिजिजू ने वक्फ का इनसाइक्लोपीडिया बताया और हर किसी को पढ़ने की सलाह दी। यह पुस्तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत तक भी पहुंची। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के पदाधिकारियों समेत अनेकों कार्यकर्ताओं ने देश के नागरिकों से अपील की है कि ऐसे नेताओं और दलों से सतर्क रहें जो डर फैलाकर मुस्लिम समाज को गुमराह करते हैं। मंच ने कहा, "अब समय है बदलाव का, भाईचारे का और समाज को शिक्षित और सशक्त बनाने का। यह कानून ‘वक्फ से विकास' की नींव रखेगा और भारत के मुसलमानों को आत्मसम्मान से जीने का अवसर देगा।"

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें