×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'हिंदुओं को ताकत दिखानी होगी...', मुरुगन सम्मेलन में नेताओं की अपील, पवन कल्याण बोले- अब हिंदू नहीं सहेगा...

तमिलनाडु के मदुरै में आयोजित हुए एक सम्मेलन को लेकर राज्य की राजनीति गरमाई हुई है. इस कार्यक्रम में दक्षिण की राजनीति के धुरंधर पवन कल्याण और अन्नामलाई जैसे नेता भी शामिल हुए. इस दौरान नेताओं ने कहा कि समय आ गया है जब हिंदू समाज को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए.

Author
24 Jun 2025
( Updated: 06 Dec 2025
04:24 AM )
'हिंदुओं को ताकत दिखानी होगी...', मुरुगन सम्मेलन में नेताओं की अपील, पवन कल्याण बोले- अब हिंदू नहीं सहेगा...
Advertisement

इस वक्त तमिलनाडु की राजनीति गरमाई हुई है. दरअसल इसकी शुरुआत मदुरै शहर से हुई है, जहां भगवान मुरुगन के नाम पर एक बहुत बड़ा सम्मेलन आयोजित हुआ. इस सम्मेलन को हिंदू मुन्नानी नाम की संस्था ने आयोजित किया. इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में भीड़ जुटी और मंच पर बैठे नेताओं ने हिंदू एकता और संस्कृति की रक्षा को बढ़ावा देने का काम किया.

'...तो हिंदू धर्म को बचाना मुश्किल हो जाएगा'
इस कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण. उन्होंने मंच से ऐसा बयान दिया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा. उन्होंने कहा कि आजकल जो लोग खुद को ‘सेक्युलर’ यानी धर्मनिरपेक्ष कहते हैं, वो सिर्फ हिंदू धर्म पर सवाल उठाते हैं. दूसरे धर्मों की बुराइयों पर कोई कुछ नहीं बोलता. उन्होंने यह भी कहा कि नास्तिक लोग अब आदत बना चुके हैं कि हिंदू भगवानों का अपमान करते हैं, जैसे ये कोई मजाक हो. पवन ने साफ कहा कि अगर ये नहीं रुका, तो हिंदू धर्म को बचाना मुश्किल हो जाएगा.

थेवर समुदाय को साधने की कोशिश
पवन कल्याण ने तमिलनाडु के मशहूर नेता मुथुरामालिंगा थेवर को भगवान मुरुगन का अवतार बताया और कहा कि वो दुनिया के पहले क्रांतिकारी थे. यह बयान दक्षिण तमिलनाडु के थेवर समुदाय को संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह समुदाय चुनाव में बहुत असर रखता है.

Advertisement

‘हिंदू वोट की ताकत दिखाओ’ 
सम्मेलन में एक के बाद एक नेताओं ने कहा कि अब समय आ गया है जब हिंदू समाज को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु की सरकार मंदिरों को पैसों की कमाई का जरिया बना रही है, जबकि मंदिरों का पैसा भक्तों की सेवा में लगना चाहिए. यह बात कई लोगों को सही भी लगी और कई को राजनीतिक चाल की तरह महसूस हुई.

इस आयोजन में बीजेपी के कई बड़े नेता शामिल हुए. उन्होंने मंच से कहा कि हिंदू धर्म से किसी भी तरह का जबरन धर्मांतरण नहीं होना चाहिए और जो लोग धर्म बदल चुके हैं, उन्हें वापस लाया जाना चाहिए. भले ही बीजेपी की सहयोगी पार्टी AIADMK ने इस आयोजन पर कुछ नहीं कहा, लेकिन उसके चार पूर्व मंत्री इसमें हिस्सा लेने पहुंचे, जिससे साफ है कि मामला गंभीर है.

DMK ने किया सम्मेलन का विरोध
इस सम्मेलन को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है. राज्य की DMK सरकार ने इस सम्मेलन की कड़ी आलोचना की है. राज्य के धार्मिक मामलों के मंत्री पी के शेखरबाबू ने कहा कि भगवान मुरुगन राजनीति को पहचानते हैं और कभी गलत लोगों को आशीर्वाद नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि धर्म को राजनीति से दूर रखना चाहिए.

Advertisement

यह भी पढ़ें

वहीं नाम तमिझर कच्ची पार्टी के नेता सीमैन ने कहा कि बीजेपी अब मुरुगन को भी राजनीति में खींचना चाहती है, क्योंकि राम और गणेश के नाम पर उन्हें तमिलनाडु में वोट नहीं मिला. उन्होंने पूछा कि जब अब तक राम और अयप्पा की बात करते थे, तो अचानक मुरुगन क्यों?

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें