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सिगरेट पीने जितना ही खतरनाक है समोसा, जलेबी और लड्डू! अब तंबाकू जैसी चेतावनी के साथ बेचे जाएंगे, जानें हेल्थ मिनिस्ट्री की एडवाइजरी

हम बड़ा ही स्वाद लेकर समोसा, जलेबी और लड्डू खाते हैं, लेकिन अब वो दिन दूर नहीं जब जलेबी को बेचने पर भी तंबाकू और सिगरेट की तरह वॉर्निंग मिलेगी. जंक फूड और तले भुने खाने ने लोगों के शरीर को अनहेल्दी कर दिया है, ग़लत खानपान ने शरीर में कई बीमारियां को जन्म दे दिया है.

सिगरेट पीने जितना ही खतरनाक है समोसा, जलेबी और लड्डू! अब तंबाकू जैसी चेतावनी के साथ बेचे जाएंगे, जानें हेल्थ मिनिस्ट्री की एडवाइजरी
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तंबाकू और सिगरेट भले ही दुकानों पर धड़ल्ले से बिकते हो, लेकिन इसके पैकेट पर साफ साफ़ लिखा होता है Is injurious to health. यानि ये आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. अब समोसा, जलेबी और लड्डू खाना भी सिगरेट पीने जितना ही खतरनाक और तंबाकू खाने जितना हानिकारक बताय गया है. 

जंक फूड अब तंबाकू जितना ही ख़तरनाक!
हम बड़े ही स्वाद लेकर समोसा, जलेबी और लड्डू खाते हैं, लेकिन अब वो दिन दूर नहीं जब तंबाकू और सिगरेट की तरह समोसा और जलेबी खाने पर सरकार आपको सख्त चेतावनी देगी. और इन सबके पीछे एक वॉर्निग बोर्ड होगा. जंक फूड और तले भुने खाने ने लोगों के शरीर को अनहेल्दी कर दिया है, ग़लत खानपान ने शरीर में कई बीमारियां को जन्म दे दिया है. इसलिए अब समय आ गया है कि लोगों को सख्त चेतावनी दी जाए, ताकि वो सँभल जाएं और वक्त रहते सुधर जाएं. क्योंकि जंक फूड अब तंबाकू जितना ही ख़तरनाक हो गया है. 

अब स्वास्थ मंत्रालय ने देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों, जिसमें ख़ास तौर पर नागपुर का AIIMS भी शामिल है, उन्हें निर्देश दिया है कि वो ऑयल और शुगर बोर्ड लगाएं, जिससे ये पता चल सके की आप जो खा हो रहे, उसमें छिपे फैट और शुगर की मात्रा का पता चल सकें. 

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सरकारी बोर्ड सख्त चेतावनी के तौर पर काम करेंगे
बता दें कि ये सरकारी बोर्ड एक सख्त चेतावनी के तौर पर काम करेंगे, इस बोर्ड को लगाने से लोगों को ये बताया जाएगा कि जिन फूड आइट्म को वो  चटकारे और मजे लेकर खा रहे हैं, उसमें कितना फैट और शुगर मौजूद है. बताया जा रहा है कि ऐसे  चेतावनी बोर्ड्स को कैफेटेरिया और पब्लिक पेलेंस में लगाया जाएगा. AIIMS नागपुर के अधिकारियों ने इस निर्देश की पुष्टि की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ समोसा और झलेबी ही नही जाँच के दायरे में लड्डू, वड़ा पाव और पकौड़े में शामिल होंगे.

कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की नागपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. अमर आमले ने कहा, “यह शुरुआत है उस दौर की जब खाने की लेबलिंग उतनी ही गंभीर होगी जितनी सिगरेट की चेतावनी. शुगर और ट्रांस फैट अब नए तंबाकू हैं. लोगों को यह जानने का अधिकार है कि वे क्या खा रहे हैं.”

देश में मोटापा बड़ी समस्या
मोटापा देशभर में एक बड़ी समस्या बन गया है, अन हेल्दी फूड और ख़राब लाइफ स्टाइल की वजह से लोग मोटापे का शिकार हैं. देश में बढ़ता मोटापा गंभीर चिंता का विषय बन गया है.स्वास्थ मंत्रालय ने मोटापे को लेकर गहरी चिंता जताई है. अनुमान लगाया गया है कि साल 2050 तक भारत में 44.9 करोड़ लोग मोटापे के साथ अधिक वजह से शिकार हो जाएंगे. अमेरिका के बाद भारत दूसरा इससे प्रभावित देश बन गया है. फ़िलहाल हर पाँच में से शहरी शख्स मोटापे का शिकार है. बच्चों में बढ़ने वजन, ग़लत खानपान और घटती फिजिकल एक्टिविटी की वजह से चिढ़ता और भी ज्यादा बढ़ती जा रही है. 

आपके भविष्य का शरीर आपका आभारी रहेगा
वरिष्ठ डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा, “यह खाने पर रोक लगाने का मामला नहीं है. लेकिन अगर लोगों को पता हो कि एक गुलाब जामुन में पांच चम्मच चीनी होती है, तो वे शायद दो बार सोचेंगे. ये कदम डायबिटीज, हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों के खिलाफ बड़े अभियान का हिस्सा है, जो सीधे तौर पर खाने की आदतों से जुड़ी हैं.”

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नागपुर इस पहल को अपनाने वाला पहला शहर
डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा. “नागपुर इस पहल को अपनाने वाले पहले शहरों में से एक होगा. यहां किसी भी फूड पर रोक नहीं होगी, लेकिन हर लुभावने नाश्ते के पास एक रंगीन संकेतक बोर्ड होगा, जिस पर लिखा होगा, 'समझदारी से खाएं, आपके भविष्य का शरीर आपका आभारी रहेगा.” 

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इसका मतलब अब तंबाकू जैसी चेतावनी के साथ ही जंग फूड बेचे जाएंगे. देखने वाली बात तो अब ये होगी की स्वास्थ मंत्रालय की इस पहल से लोगों की जीवन शैली पर क्या पॉज़िटिव असर पड़ता है.

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