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Akhilesh के मठाधीश और माफिया वाले बयान पर भड़के काशी के साधु-संत, दिया करारा जवाब !

कभी डिंपल यादव ने योगी विरोध में भगवा चोले की तुलना लोहे में लगी जंग से कर दी थी तो वहीं अब उनके पति और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तो योगी विरोध में इस कदर जुबानी मर्यादाएं पार कर दी कि मठों के महंत को ही माफिया बता दिया जिस पर भड़के काशी के साधु संतों ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया !

Akhilesh के मठाधीश और माफिया वाले बयान पर भड़के काशी के साधु-संत, दिया करारा जवाब !
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पहले साधु संतों के भगवा चोला का उड़ाया मजाक। और अब मठ के महंतों का किया अपमान। समाजवादी पार्टी के लिए साधु संतों का अपमान करना कोई नई बात नहीं है। कभी डिंपल यादव ने योगी विरोध में भगवा चोले की तुलना लोहे में लगी जंग से कर दिया था। तो वहीं अब उनके पति और समाजवादी पार्टी के मुखिया Akhilesh Yadav ने तो योगी विरोध में इस कदर जुबानी मर्यादाएं पार कर दी कि। मठों के महंत को ही माफिया बता दिया।जिस पर भड़के काशी के साधु संतों ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया।


उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे योगी आदित्यनाथ सिर्फ एक मुख्यमंत्री। या फिर बीजेपी के नेता ही नहीं हैं।वो गोरक्षनाथ मठ के महंत भी हैं। ये बात लगता है समाजवादी पार्टी के नेता भूल गये हैं। इसीलिये योगी विरोध में एक दो बार नहीं। बार बार साधू संतों का अपमान करने लगते हैं। साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान तो सपाई डिंपल यादव ने सरेआम चुनावी मंच से साधु संतों के भगवा वस्त्र की तुलना लोहे में लगी जंग से कर दी थी।

साधू संतों के भगवा वस्त्र के अपमान से शुरू हुआ ये सिलसिला अब तो मठों के महंत को माफिया बताने तक पहुंच गया है। यही वजह है कि सपाई मुखिया अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में योगी विरोध में गोरक्षनाथ मठ के महंत की तुलना माफिया से कर दी।

योगी विरोध में बयान देते देते। समाजवादी पार्टी के नेता लगता है ये बात भूल जाते हैं कि वो बीजेपी नेता होने के साथ साथ गोरक्षनाथ मठ के महंत भी हैं। इसीलिये पहले भगवा का अपमान किया। और अब महंत को माफिया बता दिया। जिस पर महादेव की काशी के साधु संतों का गुस्सा भड़क गया।अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने अखिलेश के बयान का विरोध करते हुए उन्हें माफियाओं का दलाल बता दिया।

मठ के महंत के अपमान पर काशी के पाताल पुरी मठ के महंत बालक दास भी भड़क गये। उन्होंने तो अखिलेश के बयान पर यहां तक कह दिया कि। मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे माफिया दुनिया से चले गये हैं इसीलिये अखिलेश को दुख हो रहा है और इसी वजह से संतों को टारगेट कर रहे हैं।

महंत बालक दास यहीं नहीं रुके। उन्होंने तो सीधे अखिलेश को चैलेंज देते हुए कह दिया कि। कभी किसी मौलवी या आततायियों को कहो तो समझ में आ जाएगा।

अयोध्या में पीएम मोदी से राम मंदिर का भूमि पूजन कराने वाले काशी विद्वत् परिषद के महामंत्री पंडित रामनारायण द्विवेदी ने भी अखिलेश के बयान का विरोध करते हुए कहा कि। उनका बयान सनातन हिंदुओं के लिए कष्टदायक है। क्योंकि हमारे भारत में पूज्य संतों को बड़े ही आदर के साथ देखा जाता है।

राजनीति में वार पलटवार तो चलता रहता है। योगी और अखिलेश के बीच भी कई बार वार पलटवार होता रहता है। क्योंकि यही हमारे देश के लोकतंत्र की खूबसूरती है।लेकिन बात तब बिगड़ जाती है। जब योगी विरोध में अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी कभी साधु संतों के भगवा वस्त्र का अपमान कर देती है। तो कभी महंत के मठाधीशों की तुलना माफिया से कर देती है। जबकि हकीकत ये है कि अतीक अहमद जैसे माफिया को अखिलेश यादव की पार्टी ही चुनाव लड़वा कर विधायक और सांसद बनाती रही है। और आज यही अखिलेश मठों के महंत की तुलना माफिया से कर रहे हैं। 
 

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