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कांग्रेस के कश्मीर नक्शे पर बवाल, पोस्टर से कश्मीर गायब, बीजेपी ने उठाए सवाल

कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित कांग्रेस के अधिवेशन में एक पोस्टर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। इस पोस्टर में भारत का नक्शा अधूरा दिखाया गया, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन गायब थे। इस मुद्दे पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि यह गलती नहीं, बल्कि कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा है।

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26 Dec 2024
( Updated: 10 Dec 2025
06:08 PM )
कांग्रेस के कश्मीर नक्शे पर बवाल, पोस्टर से कश्मीर गायब, बीजेपी ने उठाए सवाल
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कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान एक विवाद ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल मचा दिया है। कार्यक्रम में लगे पोस्टर पर भारत के नक्शे में जम्मू-कश्मीर और अक्साई चिन के कुछ हिस्से गायब दिखने से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए।
क्या है पूरा मामला?
बेलगावी अधिवेशन में कांग्रेस ने अपने नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, और प्रियंका गांधी समेत कई अन्य प्रमुख चेहरों की तस्वीरों के साथ भारत का नक्शा भी पोस्टर पर दर्शाया। लेकिन इस नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को शामिल नहीं किया गया। इस गलती को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "बेलगावी कार्यक्रम में कांग्रेस ने सभी होर्डिंग्स पर भारत का अधूरा नक्शा लगाया। यह कोई साधारण गलती नहीं हो सकती। यह उनकी तुष्टीकरण की राजनीति और विभाजनकारी सोच का हिस्सा है। कांग्रेस आज की नई मुस्लिम लीग बन गई है।"
बीजेपी ने कांग्रेस पर क्यों साधा निशाना?
बीजेपी ने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताते हुए कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह नक्शा भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान के प्रति अधिक वफादार दिखाने की कोशिश है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बसवराज बोम्मई ने कहा "यह कांग्रेस अब वह कांग्रेस नहीं रही, जो महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश की आजादी के लिए लड़ी थी। आज की कांग्रेस जनविरोधी और राष्ट्रविरोधी बन गई है।"

बेलगावी अधिवेशन कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। इस कार्यक्रम को 1924 में महात्मा गांधी द्वारा कांग्रेस के अध्यक्ष बनने की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य पार्टी की ऐतिहासिक उपलब्धियों को मनाना और आगामी चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करना था। कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी के कुछ सदस्यों ने इसे तकनीकी त्रुटि करार देते हुए बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है।
राजनीतिक विवाद का व्यापक प्रभाव
भारत का नक्शा किसी भी राजनीतिक दल के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा है। यह न केवल देश की अखंडता का प्रतीक है, बल्कि राष्ट्रीय भावना का भी प्रतिनिधित्व करता है। इस विवाद ने न केवल कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि देश के राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।

सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग इसे महज एक गलती मानते हैं, तो कई इसे कांग्रेस की रणनीति के तहत देख रहे हैं। कई नेटिज़न्स ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी से ऐसी गलती वाकई में हो सकती है।

यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि भारतीय राजनीति में प्रतीकों और संवेदनशील मुद्दों का कितना बड़ा महत्व है। कांग्रेस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि इससे उसकी छवि पर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं, बीजेपी इसे आगामी चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस विवाद से कैसे निपटती है और क्या इस मुद्दे का असर 2024 के आम चुनावों पर पड़ेगा।

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