×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

ट्रेड डील के बाद रिश्तों में नई रफ्तार... US पहुंचे एस जयशंकर ने बेसेंट और रूबियो संग की हाई-लेवल बैठक, जानें किन मुद्दों पर बनी सहमति

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार 4 फरवरी को तीन दिन की अमेरिकी यात्रा शुरू की. पहले दिन उन्होंने ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की. इन बैठकों में भारत-अमेरिका ट्रेड डील और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई.

ट्रेड डील के बाद रिश्तों में नई रफ्तार... US पहुंचे एस जयशंकर ने बेसेंट और रूबियो संग की हाई-लेवल बैठक, जानें किन मुद्दों पर बनी सहमति
Source: X/ @DrSJaishankar
Advertisement

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के रिश्तों में बीते वर्ष आई खटास अब खत्म होती हुई दिखाई दे रही है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार 4 फरवरी को अपनी तीन दिन की अहम अमेरिकी यात्रा की शुरुआत की. दौरे के पहले ही दिन उन्होंने अमेरिका के दो सबसे ताकतवर विभागों के प्रमुखों से लगातार बैठकें कीं. पहले उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की और इसके बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ लंबी बातचीत हुई. इन बैठकों को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इनमें व्यापार से लेकर रणनीतिक साझेदारी तक कई बड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.

दरअसल, यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के बाद एक बड़े ट्रेड डील का ऐलान किया गया. इस समझौते के तहत भारतीय सामानों पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. यह फैसला तुरंत लागू भी हो गया है. जानकारों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी और दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलेगी.

स्कॉट बेसेंट से मुलाकात में आर्थिक एजेंडे पर फोकस

विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने दौरे की शुरुआत अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मुलाकात के साथ की. अधिकारियों के मुताबिक, यह बैठक भारत-अमेरिका के नए आर्थिक समझौते को व्यवहारिक रूप देने के लिहाज से काफी अहम रही. इस बातचीत में हाल ही में घोषित ट्रेड डील के बारीक पहलुओं पर चर्चा हुई. खास तौर पर यह देखा गया कि राजनीतिक स्तर पर लिए गए फैसलों को जमीन पर कैसे उतारा जाए. बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर उपयोगी चर्चा हुई. अधिकारियों का कहना है कि ट्रेजरी डिपार्टमेंट के साथ हुई यह बातचीत व्यापार को आसान बनाने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने और नियमों के तालमेल जैसे मुद्दों पर ठोस नीति बनाने में मदद करेगी. इससे आने वाले समय में निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

Advertisement

मार्को रुबियो के साथ रणनीतिक साझेदारी पर हुई बातचीत 

दिन के दूसरे हिस्से में विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की. इस बैठक में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लगभग सभी अहम स्तंभों पर चर्चा हुई. जयशंकर ने बताया कि बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार किया गया. इनमें व्यापार, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्र शामिल रहे. जयशंकर ने यह भी कहा कि दोनों देशों ने साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग संस्थागत बैठकों को जल्द आयोजित करने पर सहमति जताई है. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपनी पोस्ट में बताया कि इस बैठक में खास तौर पर क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और नए आर्थिक अवसर खोलने पर जोर दिया गया. उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक अहम कदम बताया.

Advertisement

क्रिटिकल मिनरल्स पर अमेरिका की बड़ी पहल

क्रिटिकल मिनरल्स मौजूदा दौर में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं. रक्षा उपकरणों, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में इन खनिजों की जरूरत लगातार बढ़ रही है. अमेरिकी विदेश विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि मार्को रुबियो अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन को मजबूत करना चाहते हैं. इसी कड़ी में अमेरिका बुधवार को वॉशिंगटन डीसी में पहली बार क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल की मेजबानी करने जा रहा है. इसमें 50 से ज्यादा देशों के अधिकारी हिस्सा लेंगे. इस बैठक का मकसद दुनिया भर में जरूरी खनिजों की सप्लाई को सुरक्षित और विविध बनाना है. भारत की भागीदारी को इस पहल के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत के पास इन खनिजों की खोज और प्रोसेसिंग की बड़ी संभावनाएं हैं.

Advertisement

अमेरिकी विदेश विभाग का आधिकारिक बयान

अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए ट्रेड डील का स्वागत किया. बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने क्वाड के जरिए भारत और अमेरिका के साथ-साथ अन्य साझेदार देशों के साथ सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है. उन्होंने यह भी माना कि एक मजबूत और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दोनों देशों के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है.

टॉमी पिगॉट का बयान

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने वॉशिंगटन डीसी में हुई इस मुलाकात को लेकर कहा कि बातचीत में क्रिटिकल मिनरल्स की खोज, खनन और प्रोसेसिंग को लेकर भारत-अमेरिका सहयोग को औपचारिक रूप देने पर जोर दिया गया. दोनों नेताओं ने ट्रंप-मोदी ट्रेड डील का स्वागत करते हुए इसे नए आर्थिक अवसर खोलने वाला बताया. साथ ही ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी.

Advertisement

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि बैठक के अंत में जयशंकर और रुबियो ने क्वाड के जरिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई. दोनों नेताओं ने माना कि तेजी से बदलते वैश्विक हालात में भारत और अमेरिका का साथ आना न सिर्फ दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि के लिए बेहद जरूरी है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें