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PM मोदी ने 6 नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी, जानिए कौन-कौन से रूट पर चलेंगी ये ट्रेनें

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखण्ड दौरे पर 15 सितम्बर को छह नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई है, जो एक नए विकास की की ओर अग्रसर हैं, ये ट्रेन कई रुट से होकर गुज़रेगी और व्यापर से लेकर यात्रियों के सफर को आसान बनाएगी।

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15 Sep 2024
( Updated: 05 Dec 2025
04:18 PM )
PM मोदी ने 6 नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी, जानिए कौन-कौन से रूट पर चलेंगी ये ट्रेनें
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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितम्बर को छह नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन नई ट्रेनों के शामिल होने से वंदे भारत की कुल संख्या 60 हो जाएगी। ये ट्रेनें हर दिन 120 ट्रिप्स करेंगी और 24 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के 280 से अधिक जिलों को कवर करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी झारखंड दौरे पर हैं जहां उन्होंने वर्चुअली इन ट्रेनों को शुरू किया। मंत्रालय ने कहा कि वंदे भारत पोर्टफोलियो का विस्तार हो रहा है। इन ट्रेनों को 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है और ये अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करती हैं, जो लाखों यात्रियों के लिए लाभकारी साबित होंगी।

किस रूट पर चलेंगी नई वंदे भारत ट्रेनें - 


टाटा नगर-पटना (Tatanagar-Patna):  यह ट्रेन टाटा नगर और पटना के बीच यात्रा करेगी।
ब्रह्मपुर-टाटा नगर (Brahmapur-Tatanagar):  ब्रह्मपुर और टाटा नगर के बीच चलने वाली यह ट्रेन यात्रियों को तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।
राउरकेला-हावड़ा (Rourkela-Howrah):  यह ट्रेन राउरकेला से हावड़ा तक का सफर करेगी, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
देवघर-वाराणसी (Deoghar-Varanasi):  देवघर और वाराणसी के बीच यात्रा करने वाली इस ट्रेन से तीर्थयात्रियों को सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
भागलपुर-हावड़ा (Bhagalpur-Howrah):  भागलपुर और हावड़ा के बीच की यात्रा अब और भी तेज होगी।
गया-हावड़ा (Gaya-Howrah):  गया और हावड़ा के बीच की यात्रा भी इन नई ट्रेनों के माध्यम से सुगम हो जाएगी।
यात्रियों और व्यापर में मिलेगा लाभ -

इन नई वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से यात्रियों को अपने मंजिल तक आसानी से पहुंचाएगी, वहीँ तीर्थयात्रियों के लिए भी ये काफी फायदेमंद साबित होगी, उन्हें देवघर में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, कोलकाता में कालीघाट और बेलूर मठ जैसे धार्मिक स्थलों तक जल्दी पहुंचने में काफी मदद मिलेगी। सिर्फ इतना ही नहीं इसके अलावा इन ट्रेनों से स्थानीय व्यापर में भी फायदा होगा। जैसे धनबाद में कोयला खदान उद्योग, कोलकाता में जूट उद्योग और दुर्गापुर में लौह और इस्पात उद्योग को भी बढ़ावा मिलता हुआ दिखेगा ।

कब हुआ था वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन -

पहली वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन 15 फरवरी, 2019 को हुआ था। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने में सक्षम है, जो यात्रियों को एक अद्वितीय यात्रा अनुभव प्रदान करती है।

रेल मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रेल भारत के परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वंदे भारत ट्रेन बेड़े के विस्तार के साथ एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का अनुभव कर रहा है। 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत, ये अर्ध-उच्च गति वाली ट्रेनें भारत की आधुनिक, कुशल और विश्व स्तरीय रेल प्रणाली का प्रतीक हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ, भारतीय रेल यात्री अनुभव को फिर से परिभाषित करने के लिए तैयार है, जो अद्वितीय गति, सुरक्षा और आराम प्रदान करती है।साथ ही उम्मीद है कि इन नई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत से भारतीय रेल नेटवर्क में और भी सुधार होगा, जिससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।

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