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ना पेट्रोल-डीजल का संकट, ना गैस की कमी... ईंधन संकट की अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान, जानें कितने दिनों का बचा स्टॉक

मोदी सरकार ने देश में फैल रही पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लेकर अफवाहों को खारिज करते हुए कहा है कि देश में कोई कमी नहीं है. भारत के पास करीब 60 दिनों का पर्याप्त ईंधन भंडार है, जबकि कुल क्षमता 74 दिनों की है. ऐसे में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.

ना पेट्रोल-डीजल का संकट, ना गैस की कमी... ईंधन संकट की अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान, जानें कितने दिनों का बचा स्टॉक
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मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के चलते भारत के कई हिस्सों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) गैस को लेकर अफवाहें तेजी से फैल रही हैं. कहीं पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें दिख रही हैं तो कहीं गैस सिलेंडर की अचानक बढ़ती मांग लोगों को चिंतित कर रही है. लेकिन इस बीच मोदी सरकार ने साफ संदेश दिया है कि देश में किसी भी तरह का ईंधन संकट नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक भारत के पास फिलहाल करीब 60 दिनों का पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है, जिससे आम लोगों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.

भंडार को लेकर सरकार ने दी पूरी जानकारी

पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि भारत की कुल ईंधन भंडारण क्षमता 74 दिनों तक की है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के 27वें दिन भी देश के पास करीब 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक सुरक्षित है. इसमें कच्चे तेल, तैयार पेट्रोल-डीजल और भूमिगत गुफाओं में रखे रणनीतिक भंडार शामिल हैं. सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईंधन खत्म होने या कमी होने के दावे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं.

भारत में स्थिति नियंत्रित 

मौजूदा परिस्थिति में जहां दुनिया के कई देश इस समय ईंधन संकट से जूझ रहे हैं, वहीं भारत की स्थिति काफी संतुलित बताई जा रही है. कुछ देशों में कीमतों में भारी बढ़ोतरी, सीमित आपूर्ति और यहां तक कि ऊर्जा आपातकाल जैसी स्थिति बन चुकी है. इसके उलट भारत में न तो कोई प्रतिबंध लगाया गया है और न ही पेट्रोल पंप बंद करने जैसी कोई नौबत आई है. इससे साफ है कि भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखा है.

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एलपीजी को लेकर भी राहत की खबर

सरकार ने यह भी साफ किया है कि एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है. देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे रोजाना उत्पादन 50 टीएमटी तक पहुंच गया है. यह देश की जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा करता है. बाकी जरूरत को पूरा करने के लिए अमेरिका और रूस जैसे देशों से करीब 800 टीएमटी एलपीजी पहले से सुरक्षित है, जो लगातार भारत पहुंच रहा है.

आपूर्ति बनी सामान्य

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सरकारी तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से ज्यादा गैस सिलेंडर की सप्लाई कर रही हैं. पहले जहां घबराहट में 89 लाख सिलेंडर तक बुकिंग हो रही थी, अब यह घटकर करीब 50 लाख रह गई है. इससे साफ है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है.

पीएनजी कनेक्शन बढ़े

सरकार ने पाइपलाइन गैस (PNG) को भी तेजी से बढ़ावा दिया है. देश में घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं. इससे एलपीजी पर निर्भरता कम हुई है. भारत अपनी दैनिक गैस जरूरत का बड़ा हिस्सा खुद ही उत्पादन कर रहा है, जिससे आयात पर दबाव कम पड़ा है.

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बताते चलें कि सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें. साथ ही यह भी कहा गया है कि जो लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर दहशत पैदा कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में साफ है कि हालात नियंत्रण में हैं और आम लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है.

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