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आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं, भारत को मिला मलेशिया का मजबूत साथ, फंडिंग रोकने पर बनी ठोस रणनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बैठक के बाद कहा कि आतंकवाद पर भारत की नीति बिल्कुल स्पष्ट है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा. दोनों देशों ने सीमापार आतंकवाद की निंदा करते हुए जीरो टॉलरेंस अपनाने, आतंक की फंडिंग रोकने और नई तकनीकों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई.

आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं, भारत को मिला मलेशिया का मजबूत साथ, फंडिंग रोकने पर बनी ठोस रणनीति
Source: X/ @narendramodi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर भारत की नीति एक बार फिर साफ शब्दों में दुनिया के सामने रख दी है. उन्होंने कहा है कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है और इस पर न तो दोहरे मापदंड अपनाए जाएंगे और न ही किसी तरह का समझौता किया जाएगा. यह बयान उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हुई अहम बैठक के बाद दिया. दोनों नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में सीमापार आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई और इसे वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा बताया गया.

आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस पर मलेशिया भी साथ 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है और अब इस सोच को अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी लगातार मिल रहा है. मलेशिया के साथ सहमति इस बात का संकेत है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है. दोनों देशों ने आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर ठोस प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया. बैठक के दौरान आतंक के वित्तपोषण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने माना कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए उसकी फंडिंग पर रोक लगाना सबसे जरूरी कदम है. इसी दिशा में भारत और मलेशिया ने मिलकर काम करने पर सहमति जताई. इसके साथ ही नई तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने और डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की बात भी कही गई.

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कई दिग्गजों से मिले PM मोदी 

मलेशिया दौरे के आखिरी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच विशेष संबंध हैं और दोनों देश कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. आतंकवाद और खुफिया जानकारी साझा करने के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा. समुद्री सुरक्षा में तालमेल बढ़ाने और रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाने पर भी दोनों देशों में सहमति बनी. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए भारत और मलेशिया एआई (AI) और डिजिटल तकनीक के साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. उनका कहना था कि ये क्षेत्र न सिर्फ आर्थिक विकास के लिए जरूरी हैं बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी अहम भूमिका निभाते हैं.

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मलेशियाई प्रधानमंत्री ने की भारत की सराहना 

हिंद प्रशांत क्षेत्र का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह क्षेत्र दुनिया की विकास धुरी के रूप में उभर रहा है. भारत आसियान देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी भारत की भूमिका की सराहना की और कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग को लगातार विस्तार दे रहे हैं. उन्होंने वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था में भारत की तेज प्रगति को प्रेरणादायक बताया.

PM मोदी से प्रमुख उद्योगपतियों ने की बातचीत 

अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के चार प्रमुख उद्योगपतियों से भी मुलाकात की. उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में मलेशियाई कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी की सराहना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है. उन्होंने पेट्रोनास के प्रमुख तेंगकु मोहम्मद तौफिक, बरजाया कॉरपोरेशन के संस्थापक विंसेंट टैन, खजानाह नेशनल के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खेन सेंग से अलग अलग बातचीत की.

PM मोदी ने भारतीय मूल के नेताओं से की मुलाकात 

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प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल के मंत्रियों, सांसदों और सीनेटरों से भी मुलाकात की. उन्होंने भारत मलेशिया संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि इन नेताओं का भारत से भावनात्मक जुड़ाव साफ दिखाई देता है और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां गर्व की बात हैं. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी भारत मलेशिया मित्रता की गहराई को दर्शाती है. भारत और मलेशिया को जोड़ने वाले सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच तमिल भाषा एक मजबूत सेतु की तरह है. मलेशिया में तमिल भाषा की मौजूदगी शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में स्पष्ट रूप से नजर आती है. मलेशिया में भारतीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते हैं, जो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी है. इनमें बड़ी संख्या तमिल मूल के लोगों की है. दौरे के दौरान एक सांस्कृतिक क्षण भी देखने को मिला जब प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम तमिल अभिनेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर के बड़े प्रशंसक हैं. लंच के दौरान एमजीआर की फिल्म नालै नमथे का गीत प्रस्तुत किया गया. यह पल भारत और मलेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को दर्शाने वाला रहा.

बताते चलें कि यह दौरा साफ तौर पर दिखाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख पर किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है. मलेशिया का खुला समर्थन भारत की इस नीति को वैश्विक मंच पर और मजबूत करता है. साथ ही सुरक्षा, तकनीक, व्यापार और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी यह संकेत देती है कि भारत-मलेशिया संबंध आने वाले समय में सिर्फ रणनीतिक ही नहीं, बल्कि बहुआयामी और ज्यादा गहरे होने जा रहे हैं.

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