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राहुल गांधी के किताब वाले बयान पर भड़के निशिकांत दुबे, संसद ठप करने का लगाया आरोप

निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि 'द लाइफ ऑफ इंदिरा नेहरू गांधी' में इंदिरा गांधी के कथित अनैतिक संबंधों, विभिन्न लोगों से संबंधों और केजीबी से पैसे लेने का आरोप लगाया गया है, जिससे देश की राजनीति प्रभावित हुई.

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04 Feb 2026
( Updated: 04 Feb 2026
01:29 PM )
राहुल गांधी के किताब वाले बयान पर भड़के निशिकांत दुबे, संसद ठप करने का लगाया आरोप
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लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चल रही चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अप्रकाशित किताब के अंशों का जिक्र किया, जिससे हंगामा हो गया. इस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला.

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

निशिकांत दुबे ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद को पिछले तीन दिनों से बंधक बना रखा है और वे ऐसी किताब का हवाला दे रहे हैं जो अभी छपी भी नहीं है. उन्होंने कहा, "पिछले तीन दिन से संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा हो रही है. यह पहली बार है जब मैंने किसी विपक्ष के नेता को इतना असमर्थ देखा कि वे अभिभाषण का समर्थन करें या विरोध. राहुल गांधी को लोकसभा के नियमों और प्रक्रियाओं की बुनियादी जानकारी तक नहीं है. वे खड़े होकर एक ऐसी किताब का जिक्र करने लगे जो आज तक छपी ही नहीं है. जो किताब छपी नहीं, उस पर कैसे चर्चा हो सकती है? यह मेरी समझ से परे है."

बैन किताबों का जिक्र कर नेहरू-गांधी परिवार को घेरा

दुबे ने आगे कहा कि अगर बिना छपी किताब के नाम पर संसद तीन दिन तक रोकी जा सकती है, तो फिर कई ऐसी किताबें हैं जो छप चुकी हैं लेकिन भारत में प्रतिबंधित हैं. उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को 'किताब-किताब खेलने' बहुत शौक है, तो आज किताबों पर ही चर्चा हो जाए. इसके बाद उन्होंने कई किताबों का जिक्र किया जो नेहरू-गांधी परिवार पर सवाल उठाती हैं और भारत में बैन हैं.

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उन्होंने किताबों का जिक्र करते हुए बताया कि पहली किताब चार्ल्स द्वारा लिखी 'इंडिया इंडिपेंडेंट' है, जिसमें दावा है कि माउंटबेटन और एडविना के साथ मिलकर जवाहरलाल नेहरू ने देश का बंटवारा कराया. यह किताब 1964 में बैन कर दी गई थी. दूसरी किताब 'एडविना एंड नेहरू' एक नॉवेल है, जिसमें नेहरू और एडविना के संबंधों का जिक्र है, जैसे वे कितने बजे और कहां मिलते थे, और नेहरू को देश की राजनीति से कितना कम मतलब था. यह भी बैन है.

निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि 'द लाइफ ऑफ इंदिरा नेहरू गांधी' में इंदिरा गांधी के कथित अनैतिक संबंधों, विभिन्न लोगों से संबंधों और केजीबी से पैसे लेने का आरोप लगाया गया है, जिससे देश की राजनीति प्रभावित हुई. चौथी किताब 'नेहरू: ए पॉलिटिकल बायोग्राफी' में नेहरू के 1921-22 से 1964 तक के कार्यकाल में भारत को खंडित करने के प्रयास, मक्कारी और गद्दारी के आरोप हैं, साथ ही उनके अनैतिक संबंधों का जिक्र है.

भाजपा सांसद ने बताया कि पांचवीं किताब 'बिगिनर्स और नेहरू एज' है, जिसमें हरू के पीए एम.ओ. मथाई के खुलासे हैं कि इंदिरा गांधी 12 साल तक उनकी पत्नी की तरह उनके साथ रहीं. साथ ही भ्रष्टाचार के आरोप भी हैं. यह भी बैन है.

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दुबे ने अन्य किताबों जैसे 'सीजफायर', 'द आर्ट ऑफ इंडिया', 'नेपाल', 'कैप्टिव कश्मीर' और 'हिमालयन ब्लंडर' का भी जिक्र किया और कहा कि इसमें कांग्रेस परिवार की कथित सच्चाई दिखाई गई है.

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